अब यहां है मोदी व अमित शाह का निशाना, अगले कुछ महीने पर इन मुद्दों पर होगा काम..!

BJP New Issues After 370 and Ram Mandir and Triple Talaq - Sakshi Samachar

राममंदिर आंदोलन ने बीजेपी की संजीवनी

बीजेपी के वैचारिक एजेंडे

नई दिल्ली : लोगों के मन में यह बात बार बार उठ रही है कि पहले तीन तलाक, फिर जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने के बाद अब राम मंदिर का मामला भी कायदे से निपटा दिया है तो अब आगे भाजपा किन मुद्दों को लेकर चुनाव में जाएगी और विरोधियों की मुश्किलें बढ़ाने की कोशिश करेगी। उसको लेकर लोगों में कई तरह की राय है, जिसे जानने की कोशिश करते हैं।

कुछ लोगों का कहना है कि अभी बहुत सारे बीजेपी के वैचारिक एजेंडे भाजपा की झोली में बचे हुए हैं, जिन्हें कानूनी अमलीजामा पहनाने का काम भाजपा के आला नेताओं के दिमाग में चल रहा है, जिसमें कॉमन सिविल कोड, जनसंख्या नियंत्रण कानून और एनआरसी सहित तमाम मुद्दे सबसे उपर हैं।  

बीजेपी के वैचारिक एजेंडे

आपको याद होगा कि दूसरी बार सत्ता पर काबिज होने के महज दो महीने के बाद ही अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू करने का संकेत देते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करते हुए विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया और उसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया। भाजपा अपने पुराने संगठन जनसंघ के दौर से ही 370 खत्म करने की बात कहती रही थी। उसी के क्रम में मोदी सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक निशान, एक विधान, एक संविधान के सपने को साकार करते हुए ऐसा काम कर दिखाया, जो शायद कोई और सरकार कभी नहीं कर सकती थी।

राममंदिर आंदोलन बीजेपी की संजीवनी

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन कर राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखकर औपचारिक शुरूआत कर दी है। यह मुद्दा भी भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में 1989 के पालमपुर अधिवेशन में शामिल किया गया था। इसके बाद 90 के दशक में राममंदिर आंदोलन ने बीजेपी को संजीवनी दे दी। अब जब कोर्ट के फैसले के बाद मोदी सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन किया और अब मंदिर निर्माण के नींव रखी है। माना जा रहा है कि 2024 से पहले भव्य राममंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।

पुराने कामों को नए तरीके से भुनाने की होगी कोशिश

इसके साथ साथ अब भाजपा अपने पुराने कामों को भी नए तरीके से भुनाने की पहल शुरू करेगी ताकि लोगों के जेहन में सर्जिकल स्ट्राइक, राष्ट्रवाद, गोरक्षा अभियान, उग्र हिंदुत्व आदि ऐसे मुद्दे बने रहें। उनसे आम जनता का भला हो या ना हो, भाजपा का भला जरूर हो जाता है। 

जनता कभी कभी मुद्दों के बजाय भावनाओं पर वोट दिया करती है और अगर माहौल फेवर में दिखा  तो ‘जीत के लिए कुछ भी करेगा’ के फॉर्मूले पर विजय हासिल करती जा रही भाजपा के लिए स्थानीय व आम लोगों की रोजी रोजगार व स्वास्थ्य शिक्षा जैसी जमीनी बातें गौण हो जाएंगी और मिशन व विजन को फोकस करके नए नए नारे व वायदे चुनावी मुद्दे हो जाएंगे।

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