बीजेपी ने बिहार चुनाव प्रचार का किया शंखनाद, अमित शाह ने की वर्चुअल रैली

BJP conducts Shankhanad of Bihar election campaign, Amit Shah holds virtual rally - Sakshi Samachar

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी सरकार

स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा 'जनता कर्फ्यू'

बीजेपी को बताया गरीबों की सरकार

नई दिल्ली : अक्टूबर-नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। रविवार की सुबह राष्ट्रीय जनता दल ने जहां थालियां बजाकर चुनाव की रणबेरियां बजा दीं, वहीं वर्चुअल रैली के माध्यम से गृहमंत्री अमित शाह ने इस चुनावी शंखनाद को अपने स्वागतार्थ बताकर एक राजनीतिक शतक जड़ दिया।

वर्चुअल रैली बिहार जनसंवाद
गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने पहली वर्चुअल रैली बिहार जनसंवाद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर भी निशाना साधा। कोरोना लॉकडाउन के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बिहार में वर्चुअल रैली कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के लिए बिहार में पहली वर्चुअल रैली 'बिहार जनसंवाद' को संबोधित किया।

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी सरकार
अमित शाह ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी। अब लालटेन से LED का समय आ गया है, लेकिन ये चुनावी सभा नहीं है, हमारा उद्देश्य देश के लोगों को जोड़ना है और कोरोना के खिलाफ एक जुटकर होकर लड़ना है।


अमित शाह ने की वर्चुअल रैली

स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा 'जनता कर्फ्यू'
राजद के आज थाली बजाने के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा कि 'जनता कर्फ्यू' भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के अंदर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा कि देश के एक नेता की अपील पर कोई पुलिस बल प्रयोग किए बगैर पूरे देश ने घर के अंदर रहकर अपने नेता की अपील का सम्मान किया। चाहे उन्होंने थाली और घंटी बजाने को कहा, चाहे दीया जलाने को कहा, चाहे सेना के जवानों द्वारा आकाश से कोरोना वॉरियर्स पर फूल बरसाने की बात की हो, ये सब पीएम की अपील ही थी। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा कहा, मगर जो कह रहे हैं उनको ये मालूम नहीं है कि ये राजनीतिक प्रोपेगेंडा नहीं है बल्कि ये देश को एक बनाने की मुहिम है।

पूर्वी भारत के लोगों को हुआ फायदा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने छह साल के अंदर करोड़ों गरीबों के जीवन में प्रकाश लाने का एक प्रयास किया है, जिसका सबसे बड़ा फायदा अगर किसी को हुआ है तो वो मेरे पूर्वी भारत के लोगों को हुआ है। आवास, बिजली, बैंक खाते, स्वास्थ्य सेवाएं, गैस सिलेंडर, शौचालय, ये सब तो मोदी सरकार 2014-2019 तक के कार्यकाल में ही दे चुकी थी। 2019 में मोदी सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय गठित करके देश के 25 करोड़ लोगों के घर में नल से शुद्ध जल पहुंचाने की योजना शुरू की।

राहुल गांधी पर ​साधा निशाना
विपक्ष पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा कहते थे कि किसानों का कर्ज माफ करो। 10 साल उनकी सरकार रही थी, तो वो दावा करते हैं कि करीब 3 करोड़ किसानों का 60 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि के माध्यम से 9.5 करोड़ किसानों के बैंक खाते में 72,000 करोड़ रुपये हर साल डालने की व्यवस्था की।

छोटे और मंझोले किसानों पर की बात
आरसीईपी की चर्चा कांग्रेस शुरू करके गई थी। इसकी वजह से छोटे किसान, मछुआरे, छोटे कारोबारी, छोटे उद्योग, ये सब तबाह हो जाते, लेकिन प्रधानमंत्री ने छोटे किसानों, छोटे व्यापारियों के हित में दृढ़ता से फैसला लेते हुए आरसीईपी समझौते से भारत को अलग कर लिया।

जेपी आंदोलन को सराहा
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद जब कांग्रेस पार्टी की नेता इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास किया तब बिहार की जनता ने ही जेपी आंदोलन करके फिर से एक बार लोकतंत्र को स्थापित करने का काम किया था।

भारत के विकास में रहा अंतर
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत का विकास, जो अब तक चला, उसमें पश्चिमी भारत और पूर्वी भारत के विकास में बहुत बड़ा अंतर है। आजादी के समय जीडीपी के अंदर पूर्वी भारत का योगदान बहुत ज्यादा होता था, परंतु आजादी के बाद से जिस प्रकार से सरकारें चलीं, उन्होंने पूर्वी भारत के विकास से मुंह मोड़ लिया था और परिणाम ये आया कि पूर्वी भारत पिछड़ता गया।

बीजेपी को बताया गरीबों की सरकार
शाह ने कहा कि बीजेपी की सरकार गरीबों की सरकार है। बिहार की धरती ने ही पहली बार दुनिया को लोकतंत्र का अनुभव कराया, जहां महान मगध साम्राज्य की नींव डाली गई। इस भूमि ने हमेशा भारत का नेतृत्व किया है। इस रैली का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। भाजपा लोकतंत्र में विश्वास रखती है।

राजद पर किया कटाक्ष
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सरकार ने किसी भी तरह के जुटान पर पाबंदी लगाई है। लिहाजा अब चुनाव प्रचार जैसे काम भी वर्चुअल ही किए जा रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि आज जब मैं वर्चुअल रैली के माध्यम से आपसे संवाद कर रहा हूं, तब कुछ लोगों ने अभी थाली बजाकर इस रैली का स्वागत किया है। मुझे अच्छा लगा कि देर-सवेर पीएम मोदी की अपील को उन्होंने माना। ये राजनीतिक दल के गुणगान गाने की रैली नहीं है। ये रैली जनता को कोरोना के खिलाफ जंग में जोड़ने और उनके हौसले बुलंद करने के लिए है।

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ऑनलाइन रैली करने वाली बीजेपी पहली पार्टी
बहरहाल, ऑनलाइन रैली के लिहाज से देखें तो बीजेपी ने यह काम सबसे पहले शुरू किया है। डिजिटल माध्यम से हो रहे इस तरह के पहले कार्यक्रम को बीजेपी हर तरह से कामयाब बनाने में जुटी है, वहीं इसे लेकर कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। बता दें कि बिहार में इस साल अक्टूबर या नवंबर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। अमित शाह की इस ऑनलाइन रैली को बिहार में बीजेपी के चुनाव प्रचार के आगाज के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने चुनावी तैयारी कुछ दिन पहले ही शुरू की है। इसी क्रम में हाल में तेजस्वी यादव ने बस रैली निकाली थी।

विशेष हैं इंतजाम
रैली को लेकर प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में खास इंतजाम किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन पटना से ही होगा। इस दिन मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के रहने की संभावना है। फिलहाल बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के साथ गठबंधन है। अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार की अगुआई में लड़ा जाएगा। यही बात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी दोहरा चुके हैं।

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