राम मंदिर भूमि पूजन पर ओवैसी बोले- पीएम मोदी की तरह मैं भी भावुक हूं क्योंकि...

Asaduddin Owaisi Reaction On Ram Temple Bhoomi Poojan In Ayodhya - Sakshi Samachar

स्वतंत्रता और समानता पर बहुसंख्यवाद की जीत

प्रधानमंत्री ने न सिर्फ मंदिर बल्कि हिंदू राष्ट्र की भी नींव रखी

हैदराबाद : एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपनी आधिकारिक क्षमता में शामिल होने को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने न सिर्फ मंदिर बल्कि ‘हिंदू राष्ट्र' की भी नींव रखी। 

ओवैसी ने कहा कि यह दिन “स्वतंत्रता और समानता पर बहुसंख्यवाद” की जीत के तौर पर याद किया जाएगा। ओवैसी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत के प्रधानमंत्री का वहां जाकर भूमि पूजन में भाग लेना... आज धर्मनिरपेक्षता पर हिन्दुत्व की जीत है। आज स्वतंत्रता और समानता पर बहुसंख्यवाद की जीत हुई है।'' 

ओवैसी ने आरोप लगाया, “कार्यक्रम में शामिल होकर प्रधानमंत्री ने न सिर्फ मंदिर बल्कि हिंदू राष्ट्र की भी नींव रखी, इस देश को धर्म आधारित देश बना रहे हैं जो संविधान की मूल संरचना के खिलाफ है।” 

ओवैसी ने कहा कि वह और करोड़ों मुसलमान, हिंदू, बौद्ध और सिख सभी भावुक हैं क्योंकि वे सह-अस्तित्व और नागरिकता की समानता में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह भावुक हैं क्योंकि उस जगह 450 सालों से एक मस्जिद खड़ी थी और भाजपा, संघ, विहिप और तथा कथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने 6 दिसंबर 1992 को उसे उच्चतम न्यायालय में यह आश्वासन देने के बावजूद ढहा दिया कि बाबरी मस्जिद को उस दिन छुआ नहीं जाएगा। 

ओवैसी ने कहा कि वह भावुक हैं क्योंकि जिस जगह आज भूमिपूजन हुआ वहां मुस्लिम कब्रिस्तान था। ओवैसी ने कहा, “मैं भावुक हूं प्रधानमंत्री जी क्योंकि आपने संविधान की मूल संरचना को बनाए रखने के अपने संवैधानिक दायित्व को पूरी तरह से त्याग दिया है। मैं भावुक हूं भारत के प्रधानमंत्री जी क्योंकि आपने अपनी शपथ तोड़ी है कि आप संविधान की रक्षा करेंगे।” 

ओवैसी ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम मे मौजूद रहना उनकी टिप्पणी को मजबूती देता है कि यह कार्यक्रम “हिंदू राष्ट्र की नींव रखने” के लिये था। ओवैसी ने आरोप लगाया कि नये भारत के बारे में बात कर भागवत ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में मुसलमान, अल्पसंख्यक और दलित देश में दूसरे दर्जे के नागरिक होंगे। 

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