बारिश में बढ़ेगा कोरोना का खतरा, जानिए एक्सपर्ट की सलाह

Whether Coronavirus dies in rainy season know experts opinion  - Sakshi Samachar

बारिश के मौसम में कोरोना का क्या होगा रुख?

वायरस को लेकर वैज्ञानिकों की क्या है राय?

बारिश और वायरस को लेकर तरह-तरह के सवाल

नई दिल्ली: भारत में मॉनसून ने दस्तक दे दी है। इसके साथ ही बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। लोग जानना चाहते हैं कि बारिश में कोरोना वायरस का कहर कैसा रहेगा? एक्सपर्ट्स की राय में कोरोना वायरस बारिश के मौसम में अपने पूरे दम खम के साथ हावी रहेगा। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर की संक्रामक रोग विभाग की वैज्ञानिक जेनिफर होर्ने के मुताबिक बारिश के मौसम में वायरस फैलने और पनपने की रफ्तार अधिक होगी। सरल भाषा में वैज्ञानिक ने समझाया कि महज पानी से हाथ धोने पर कोरोना वायरस नहीं मरता। इसे मारने के लिए साबुन लगाना पड़ता है। जिससे साफ होता है कि बारिश में भीगने के बावजूद कोरोना अपनी जगह घर कर सकता है।

ये भी पढ़ें:

कोरोना : संक्रमित मरीजों से आखिर कितने दिनों तक रहता है दूसरों को खतरा, क्या कहता है रिसर्च

कोरोना : जाना है अस्पताल तो इन बातों का रखें खास ख्याल, न करें लापरवाही

बारिश के मौसम में अगर आप एहतियात नहीं बरतते हैं तो सर्दी जुकाम की गुंजाइश अधिक होती है। ऐसे में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। इस परिस्थिति में कोरोना वायरस के अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

दुनियाभर के अधिकांश वैज्ञानिकों का मत है कि बारिश में नमी के कारण वायरस की तीव्रता अधिक होगी। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ, मेडिसिन और एपिडिमियोलॉजी के प्रोफेसर जेई बेटेन हालांकि कुछ इतर राय रखते हैं। बेटेन के मुताबिक जिस तरह बारिश का पानी धूल मिट्टी को बहा ले जाती है। उसी तरह कोरोना के जीवाणु को भी बारिश के पानी में धुलने में देर नहीं लगेगी। हालांकि बेटेन से इत्तेफाक रखने वाले वैज्ञानिकों की संख्या कम ही है।

आम मान्यता है कि वायरस को मारने के लिए डिस्इंफेक्टेंट की जरूरत होती है। बारिश के पानी में ऐसा कोई तत्व नहीं पाया जाता है। लिहाजा बरसात में वायरस के मरने या फिर खत्म होने के आसार कम ही हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के वैज्ञानिकों का अध्ययन डराने वाला है। इनके मुताबिक सतह पर 17 दिनों बाद भी कोरोना का वायरस जीवित मिला। ऐसे में महज इसके पानी में धुलने की गुंजाइश न के बराबर है। दुनियाभर के वैज्ञानिक और एक्सपर्ट्स लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं कि बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतें। खासकर ढंडे या फ्रिज में रखी चीजों का कम इस्तेमाल करें। बारिश में भीगने से बचें। मौसमी बुखार की वजह से घबरायें नहीं,  हर बुखार कोरोना का कारक नहीं होता है। सेहत दुरुस्त रखने के लिए वैसी चीजों का सेवन करें जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता हो।

Advertisement
Back to Top