कोरोना वायरस : आपको सूखी खांसी आ रही है या गीली, ऐसे समझें ये कोरोना है या कुछ और

understand the difference between dry and wet cough - Sakshi Samachar

कोरोना से घबराएं नहीं सावधान रहें

सूखी और गीली खांसी का अंतर समझें 

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपने कब्जे में कर रखा है और अब तक करीब 6 लाख लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इसका संक्रमण काफी तेजी से फैलता है इसीलिए हर देश में लॉकडाउन का सहारा लिया जा रहा है और अभी तो हमारे देश में भी 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस के लक्षण आम सर्दी जुकाम से इतने मिलते-जुलते हैं कि इसके रोगियों की पहचान करना बड़ा मुश्किल है। इसी वजह से लोग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।

वहीं सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार या वायरल फ्लू से घबराना भी नहीं चाहिए। कोरोना वायरस (Covid-19) के शुरुआती लक्षण सर्दी-खांसी, सीजनल या वायरल फ्लू से मिलते-जुलते हैं। ऐसे में बहुत से लोग सर्दी-खांसी, बुखार होने पर भी संशय में पड़ जाते हैं और घबरा जाते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं!

तो आइये यहां हम समझने की कोशिश करते हैं कि कब कोरोना हो सकता है और कब नहीं ....

अगर आपको सर्दी के अन्य शुरुआती लक्षणों के साथ सूखी खांसी भी है तो यह कोरोना वायरस की उपस्थिति हो सकती है। अगर गीली खांसी है यानी खांसने पर कफ निकलता है तो यह जरूरी नहीं कि आपको कोरोना वायरस हो। 

यहां सवाल यह उठता है कि आप सूखी खांसी की पहचान कैसे कर सकते हैं और यह गीली खांसी से कैसे अलग होती है ....

देखा जाए तो खांसी शरीर की एक तरह से नेचुरल डिफेंसिव एक्शन यानी प्राकृतिक रक्षात्मक प्रतिक्रिया है। हम खांस कर शरीर से बलगम, कफ, धुआं या एलर्जी जैसी किसी भी जलन या बेकार तत्व बाहर निकालते हैं।  कोरोना के 60 फीसदी मामलों में सूखी खांसी प्रमुख लक्षण के रूप में सामने आया है। इसलिए खांसी होते ही लोगों की चिंता स्वाभाविक है। हालांकि सूखी और गीली खांसी में खासा अंतर है।
सूखी खांसी तब होती है जब छाती या श्वसन तंत्र में जलन या सूजन होती है लेकिन कोई बलगम नहीं बनता है। यह गले में एक खरोंच जैसी चुभन देती है और इसमें कफ नहीं निकलता है। 
वहीं खांसी के साथ जब शरीर बलगम और कफ को बाहर निकालता है तो यह गीली कहलाती है। खांसी की स्थिति में व्यक्ति अपनी छाती और श्वसन मार्ग से नाक तक कफ महसूस कर सकता है। गीली खांसी की अपेक्षा सूखी खांसी में तरह-तरह की आवाज आती है। जैसे कि आपको गले के पीछे चुभन, खिचखिच या आवाज में कर्कशता महसूस हो। 

कफ वाली गीली खांसी की अपेक्षा सूखी खांसी की समस्या ज्यादा दिनों तक रह सकती है और कई बार यह इतना ज्यादा और लगातार हो सकता है कि नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है। गीली खांसी में हमारा श्वसन मार्ग बदल जाता है। कफ होने की स्थिति में कई बार मुंह से भी सांस लेना पड़ता है। सर्दी हो तो नाक का एक छिद्र बंद हो जाता है। वहीं सूखी खांसी में श्वसन मार्ग नहीं बदलता।  

सिर्फ खांसी से घबराएं नहीं 

इतना तो आप समझ गए होंगे कि केवल सूखी खांसी कोरोना के लक्षणों में नहीं है। सूखी खांसी अक्सर धूल और धुएं से एलर्जी, साइनस, अस्थमा या टॉन्सिल संबंधी समस्या से भी हो सकती है इसलिए कोरोना के अन्य लक्षणों की भी जांच करनी चाहिए। 
जैसे- 
आपको तेज बुखार है या नहीं
सांस लेने में तकलीफ तो नहीं हो रही
आपको डायरिया की शिकायत तो नहीं
पिछले दिनों हुए अध्ययनों में स्वाद या गंध लेने की शक्ति में कमी भी इसके लक्षणों में देखे गए हैं। यदि आप सूखी खांसी के साथ ऐसे लक्षण भी महसूस करते हैं तो आपको निश्चित ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

इस बीच आप खांसी के लिए मेडिकल सलाह पर दवाएं भी ले सकते हैं और चाहें तो घरेलू उपचार भी कर सकते हैं। जैसे कि नमक के पानी से गरारे करना, शहद के साथ अदरक का सेवन करना, मुंह में लौंग रखना आदि करने से भी आराम मिलता है। लगातार खांसी हो तो आप सोते समय एक ऊंचा तकिया का उपयोग कर सकते हैं। ऐसा करना आपके सीने की जलन और गले की खराश को कम करने में मदद करेगा। 

नोट: यह लेख जानकारी बढ़ाने के लिए चिकित्सकों की स्वास्थ्य सलाह पर आधारित है। किसी तरह की दिक्कत में डॉक्टर से संपर्क कर लेना ही बेहतर होता है।

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