कोरोना : जानें किस ब्लड ग्रुप के लोगों को कोरोना से ज्यादा खतरा है और किसको कम, रिसर्च में हुआ खुलासा

know which blood group people are more at risk with corona research revealed - Sakshi Samachar

इस ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना से है ज्यादा खतरा 

इस ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना से बिलकुल कम है खतरा 

कोरोना वायरस नामक इस महामारी ने लगभग पूरे विश्व को ही अपनी चपेट में ले लिया है और हर दिन इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे होने वाली मौत के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं।  पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इसके लिए वैक्सीन बनाने का काम कर रहे हैं वहीं कई और भी इससे संबंधित रिसर्च चल रहे हैं जो इसके इलाज में मददगार साबित हो सकते हैं। 

चीन के वुहान शहर से शुरू हुए इस वायरस को लेकर कई तरह के रिसर्च वहां भी चल रहे हैं। चीन के वुहान शहर में अस्पताल में भर्ती मरीजों को लेकर कई तरह की रिसर्च हो रही हैं, जबकि वैज्ञानिक यहां इस वायरस से हुई मौतों पर भी स्टडी कर रहे हैं। 

इसी क्रम में ब्लड ग्रुप से जुड़ी एक नई रिसर्च सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि किस ब्लड ग्रुप के लोगों को कोरोना वायरस से ज्यादा खतरा है और किस ब्लड ग्रुप के लोगों को इससे कम खतरा है।  हाल ही में जर्मनी की कील यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि A ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना होने का ज्यादा खतरा है। 

आइए यहां सारी बातें विस्तार से जानते हैं .....

A ब्लड ग्रुप वालों को ज्यादा खतरा 

वुहान में ब्लड ग्रुप को लेकर हुए इस रिसर्च में बताया गया कि कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों में ए ब्लड ग्रुप वालों की सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। इस रिसर्च में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल 2173 मरीजों को शामिल किया गया था, जिनमें से 206 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई।

चीन के हुबेई प्रांत के झोंगनान अस्पताल के शोधकर्ताओं ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण होने की संभावना ए ब्लड ग्रुप वालों में ज्यादा होती है।

A ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना से क्यों है ज्यादा खतरा

रिसर्च में पता चला है कि  A ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना होने का ज्यादा खतरा है। इस ब्लड ग्रुप के लोगों को इंफेक्शन का स्तर ज्यादा गंभीर होने की संभावना है। A ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना का 6 प्रतिशत तक ज्यादा खतरा रिसर्चर्स का कहना है कि दूसरों के मुकाबले A ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना का खतरा 6 प्रतिशत तक ज्यादा होता है। रिसर्च से सामने आया कि A ब्लड ग्रुप वाले कोरोना मरीज में डीएनए का एक खास हिस्सा ऐसा होता है जो इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है।

 A ब्लड ग्रुप के लोगों में कोरोना होने का कारण इम्यून सिस्टम हो सकता है। जो ज्यादा सक्रिय होने पर फेफड़ों में सूजन बढ़ाते हैं और दूसरे हिस्सों को इस कदर प्रभावित करता है कि ये कोरोना से लड़ नहीं पाते हैं।

एक रिसर्च चीन में भी हुई जिससे पता लगा था कि A ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा है। इन लोगों की मौत होने का भी खतरा इसके साथ ही रिसर्चर्स ने इस बात पर भी उम्मीद लगाई है कि A ब्लड ग्रुप वाले लोगों ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत पड़ सकती है। इतना ही नहीं बल्कि उन्हें वेंटिलेटर पर भी जाना पड़ सकता है। यही कारण है कि हेल्दी और युवा भी कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। इसके साथ ही इन लोगों की मौत होने का भी खतरा है। 

 कोरोना पीड़ित 40 प्रतिशत तक युवा हैं अमेरिका में कोरोना पीड़ित 40 प्रतिशत तक युवा हैं। वहीं स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार बीते हफ्ते कोरोना की चपेट में आने वालों लोगों की उम्र 18 से 49 साल थी। वहीं रिसर्चर्स अभी इस बात का पता लगाने में लगे हुए हैं कि A ब्लड ग्रुप के लोगों में किस उम्र के लोग सबसे ज्यादा इंफेक्शन के रिस्क जोन में हैं। 

ब्लड ग्रुप को लेकर वुहान में हुए इस रिसर्च में यह भी बताया गया कि कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों में ए ब्लड ग्रुप वालों की सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। इस रिसर्च में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल 2173 मरीजों को शामिल किया गया था, जिनमें से 206 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई।

O ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कम खतरा 

रिसर्चर्स ने बताया कि कोरोना संक्रमण के गंभीर रूप लेने का सबसे कम खतरा O-ब्लड ग्रुप वाले लोगों को हो सकता है। इस रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस के कुल संक्रमित मरीजों में ओ ब्लड ग्रुप वालों की संख्या 25 फीसदी रही, वहीं ए ग्रुप वाले मरीजों की संख्या करीब 41 फीसदी रही। वायरस से संक्रमित मरीजों की मौतों में ओ ब्लड ग्रुप वाले करीब 25 फीसदी रहे। 

रिसर्च में पता चला कि जिन 206 लोगों की वायरस के संक्रमण की वजह से मौत हुई थी, उनमें ए ब्लड ग्रुप वाले 85 मरीज थे। यानी कुल मौतों का 41 फीसदी। वहीं मरनेवालों में 52 लोग ओ ब्लड ग्रुप वाले थे। यानी कुल मृतकों का 25 फीसदी।

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