बिना घबराए कैसे जाने, आम फ्लू और कोविड-19 में अंतर ?

how to differentiate between normal flu and covid -19 - Sakshi Samachar

कैसे जाने आम फ्लू और कोविड-19 में अंतर ?

आम फ्लू के लक्षण को समझिए

पूरे आत्मबल से हालात का सामना करें

हैदराबाद  :  पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना के खौफ में जी रही है। भारत जैसे देश में लोगों की मुश्किल इस लिये भी बढ़ गयी है कि लॉकडाउन के समय वे डॉक्टर से भी संपर्क नहीं कर सकते। विडंबना ये है कि देश में गर्मियों के मौसम में सर्दी जुकाम होना सामान्य बात है। वहीं कोरोना से संक्रमित होने पर भी कुछ ऐसे ही लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसे में लोगों की चिंता बढना स्वाभाविक है। 

हाल ही में लाकडाउन में घर में अनिता श्रीवास्तव भी इसी वजह से परेशान हो गयीं जब उनके 10 साल के बेटे को लगातार छींके आनी शुरू हो गयीं, पति भी लॉक डाउन के चलते दूसरे शहर में फंसे हुए हैं। उनकी घबराहट ने उनकी नींद उड़ा कर रख दी। फोन पर लोगों से सलाह लेने के अलावा उनके पास कोई चारा  नहीं था। दो दिनों के बाद उनकी घबराहट तब खत्म हुई जब बेटे की हालत में सुधार हुआ। ऐसे ही तमाम परिवार हैं जो कुछ ऐसी ही स्थितियों से गुजर रहे हैं। सामान्य बीमारी होने पर भी सबसे पहले दिमाग यहीं चिंता घर करती है कि कहीं कोरोना का संक्रमण तो नहीं हो गया। 

कैसे पता करें कोरोना और आम फ्लू में अंतर ?
तो आइये समझते हैं कि कोरोना और आम फ्लू में क्या अंतर है।  सामान्य दिनों में भी जब हमे सर्दी जुकाम या फिर एनफ्लुएंजा या  फ्लू होता है, तो हम हम एक ही प्रक्रिया अपनाते हैं वह दूसरो से दूरी बना कर रखने की , क्यों कि उस वक्त भी संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी बीमार पड़ जाता है। उस वक्त भी हम दवा खाकर और घर पर आराम कर के समस्या से निजात पा लेते हैं। सामान्य फ्लू में सर्दी जुकाम में छींक आना, सिरदर्द , जुकाम आंखों से पानी आना जैसे लक्षण देखे जाते हैं.। ये थोड़े दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। शुरआत में लक्षण  काफी मिलते जुलते प्रतीत होते हैं लेकिन अंतर मालूम किया जा सकता है।  

क्या हैं कोरोना के लक्षण ? 
अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक इसमें करीब 95 प्रतिशत लोगों में बुखार के symptom दिखाई देते हैं वहीं 70 से 80 प्रतिशत लोगों में सूखी खांसी होती है। जब कि करीब 40 प्रतिशत लोगों में मांसपेशियों में दर्द और थकान के लक्षण दिखते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना वायरस और फ्लू मे शुरुआती दौर में पता लगा पाना मुश्किल होता है। दोनों ही बीमारियों में जो कॉमन होता है वो सांस लेने में तकलीफ होना है। वहीं सामान्य फ्लू के कई प्रकार के वायरस होते हैं जबकि कोरोना का एक ही वायरस होता है। तो समझ जाइये कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर सूखी खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी होती है। अगर ऐसा है तो अलर्ट हो जाइये।

कोरोना क्यों है खतरनाक ?
दुनिया भर के चिकित्सकों ने ऑब्जरव किया है कि ज्यादा उम्र के लोगों में मौत की संभावना ज्यादा पाई गयी है। जबकि युवाओं में सबसे कम मौतों की संभावना पाई गयी है। जबकि हृदय रोगियों  और सुगर पेशेंट में इसकी संभावना ज्यादा पाई गयी है। जहां तक मरीज के ठीक होने की बात है, ये कई तथ्यों पर निर्भर करता है। जैसे मरीज की आयु कितनी है, उसे कैसी चिकित्सकीय सुविधा मिल रही  है । उसकी प्रतिरोधक क्षमता कैसी है, और उसकी मानसिक अवस्था कैसी है, इसके साथ ही उसमें बीमारी से लड़ने की कैसी मनोस्थिति है।

सतर्कता और सफाई ही एक मात्र उपाय
चूंकि कोविड-19 का कोई इलाज अभी तक नहीं ढूंढा जा सका है, इस लिये सतर्कता बरतना ही एकमात्र उपाय है। WHO ने इस बीमारी को अंजान खतरा बताया है । WHO की ओर से  जारी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना संक्रमित के संदिग्ध लोगों के संपर्क में आने से बचें। हाथ धोने की आदत डालें। मुंह और नाक को हाथ से न छुएं। सेनेटाइजर और साबुन का इस्तेमाल करें। बाहर मास्क लगा कर ही निकलें। 

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दुनिया भर में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। एक तरफ जहां दुनिया भर के डॉक्टर इसका इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं , वहीं सभी देशों की सरकारों के लिये इस आपदा से निपटना चुनौती बना हुआ है। ऐसे हालात में सरकारों द्वारा दिये जा रहे निर्देशों का पालन करें, और इस आपदा से निपटने में टीम भावना के साथ सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए आगे आएं।

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