डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों के लिये फायदेमंद हो सकता है कोरोना ? जानिये कैसे

 How to deal with depression in the time of corona terror - Sakshi Samachar

डिप्रेशन से कैसे पाए निजात

घर पर रहने का उठाए लाभ

अपनों के साथ बिताएं बेहतर पल

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है। हर कोई एक अलग तरह के तनाव में जी रहा है कि, कब किस तरह के हालात हो जाएं ।कहीं हम भी कोरोना का शिकार न हो जाए। दुनिया भर में कोरोना वायरस से हो रही मौतों ने भी लोगों को दहशत में जीने को मजबूर कर दिया है। वहीं अब कोरोना के चलते लोगों को घरों पर अब बैठना होगा। एसे में अब हमें कुछ अलग तरह के हालात से रूबरू होना पड़ेगा। एक तो ऑफिस के काम का तनाव दूसरा घर पर रह कर परिस्थितियों से ताल मेल बैठाना। जाहिर सी बात है कि ऐसे में ज्यादातर लोग डिप्रेशन जैसी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। तो आइये चर्चा करते हैं कि डिप्रेशन क्या होता है और इस समस्या से कैसे निपटे। तो चलिये शुरू करते है ।

क्यों होता है डिप्रेशन ? 
हर रोज की आपाधापी में हम इतना ज्यादा व्यस्त है कि हमे न ही अपने लिये फुर्सत है, और न ही अपनों के लिये । बस काम , काम और काम, काम का बढ़ता बोझ और फिर उससे पैदा हुए तनाव ने हमे ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है,  जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। हम मानसिक और शारीरिक,  दोनों ही रूप से प्रभावित हो रहे हैं। जब हम मानसिक रूप से शांत नहीं होते तो फिर हमारा शरीर भी उसी प्रकार से प्रभावित होता और शारीरिक क्रियाएं भी उसी तरीके से संचालित होती है। ऐसे में कोई भी इंसान आंतरिक और बाह्य दोनों ही तरीके से प्रभावित होता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आना स्वाभाविक होता है। व्यक्ति खुद तो तनाव में रहता ही है और दूसरों को भी अपने व्यवहार से प्रभावित करता है। और जब उसके मानिसिक स्थिति के अनुरूप लोगों का व्यवहार नहीं होता तो फिर वह डिप्रेशन में चला जाता है। जिसे कोई अन्य व्यक्ति  नहीं समझ पाता है। आइये समझते है कि अगर किसी व्यक्ति को डिप्रेशन की समस्या है तो उसमें किस तरह के लक्षण दिखेंगे। 

कम भूख लगना
हर समय अपराध बोध से ग्रसित रहना
हमेशा उदास रहना
किसी से बात करने का मन नहीं करना
किसी काम में मन नहीं लगना
सुस्ती और थकान का अनुभव होना
नशीले पदार्थों का सेवन करना
उत्तेजना या फिर बेचैनी का अनुभव करना
किसी भी काम में ध्यान नहीं लगना
आत्म हत्या का बार बार ख्याल आना

डिप्रेशन की समस्या से कैसे पाएं निजात ?
ये ऐसा मौका है कि आप को घर पर समय बिताने का मौका मिला है। तो इस समय का कैसे सदुपयोग करें आइये समझते हैं । 

परिवार के लोगों से बात करें
घर पर माता पिता के साथ समय बिताएं,  उनके साथ बातचीत करें , उनकी समस्या को समझें , खुद को हल्का महसूस करेंगे। 

अपनी बात अपनों से शेयर करें
अपनी समस्या को अपने किसी खास व्यक्ति से जरूर शेयर करें, अपनी गंभीर सम्स्या को शेयर करने में संकोच न करे, उनके साथ खुल कर बात करें, उनकी सलाह पर अमल करें, जरूरत हो तो उनसे मदद भी मांगे। 

खुद के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं
ये ऐसा मौका है जब आपको घर पर समय बिताने का मौका मिला है। तो फिर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़े। अच्छा भोजन करें , व्यायाम करें । इससे आपके शरीर में सकारात्मक बदलाव आएगा। आप देखेंगे कि आपका जीवन बदल रहा है। और आपकी सोच में परिवर्तन आएगा। 

मित्रों के साथ समय बिताएं 
रोज की अपनी व्यस्ततम जिंदगी में आपको मित्रों के साथ समय बिताने का समय नहीं मिलता, ये बेहतर मौका है। मित्रों से फिजिकल दूरी बनाए रखते हुए , या फिर मोबाइल पर उनसे बात करें। 

अपनी नौकरी में आ रही समस्या पर विचार करें
प्राइवेट नौकरी का हाल सभी को पता है, तो इससे पैदा होने वाले तनाव से कोई भी अंजान नही है ।  अपनी नौकरी में आ रही समस्या पर विचार करें। नौकरी में किस वजह से समस्या आ रही है इस पर मंथन करें । इस वक्त आपको जरूर अपनी समस्या का हल मिल जाएगा। 

पूरी नींद लें 
ये ऐसा मौका है, जब आप पूरी नींद सो सकते हैं। क्यों कि रोज की आपाधापी भरी जिंदगी में आप तनाव मुक्त नींद भी नहीं सो सकते है। तो फिर भरपूर नींद लें 

जीवन का भरपूर आनंद लें 
घर पर रह कर पुरानी बातों को भूल कर जीवन का भरपूर आनंद ले, संगीत सुने , बीते हुए अच्छे समय को याद करें । पुराने एलबम को देखे। शादी के वीडियोज देखें। और परिवार के सदस्यों के साथ पुरानी यादों को साझा करें। 

आप खुद ही पाएंगे कि आपकी जिंदगी बदल रही है। आप प्रसन्न महसूस कर रहे हैं । और नए विचार आपको नई ऊर्जा से भर रहे हैं। तो फिर देर किस बात की है। पूरी सकारात्मकता के साथ जुट जाइये अपनी जिंदगी को बदलने में । आप की सोच पर ही आपका वर्तमान और भविष्य निर्भर करता है। पूर्व की घटनाओं को अपने पर हावी न होने दें. और जिंदगी की शुरुआत नये तरीके से करें। अपने जीवन को बदलना स्वयं आपके हाथ में है, कोई अन्य व्यक्ति  इसमेंं कुछ भी नहीं कर सकता। अपने जीवन को बदलना आपके हाथ में है। तो उठिये जनाब पूरी ऊर्जा के साथ फिर से जुट जाइए।
 

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