हाई ब्लड प्रेशर : कम उम्र में ही जानलेवा हो सकती है यह बीमारी, जानिए कैसे बचें इस बीमारी के खतरे से

High blood pressure, symptoms, treatment and other imoprtant informations - Sakshi Samachar

हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर बीमारी

कम उम्र में लोग हो रहे शिकर 

समय रहते कराएं गंभीर बीमारी का इलाज

आज के इस दौर में जिस तरह की भागम दौड़, और तनाव भरी जिंदगी हम जी रहें, उसमें कब हम तमाम बीमारियों का शिकार हो जाते हैं हमें इसका पता ही नहीं चल पाता। जब तक पता चलता है या तो काफी देर हो चुकी हो चुकी होती है, या फिर हम तमाम लंबी चौड़ी जांच रिपोर्ट लेकर डॉक्टरों के चक्कर लगाते फिर रहे होते हैं । 

तनाव भरी इस जिंदगी में जो बीमारी सबसे पहले हमें शिकार बनाती है, वो है हाई बीपी। हांलाकि हम बचपन से ही इस बीमारी के बारे में सुनते आए हैं । हर घर में एक दो सदस्य इस बीमारी से पीड़ित रहते हैं । लेकिन वो बीमार बड़े बुजुर्ग ही हुआ करते थे, लेकिन आज के इस दौर में कम उम्र में ही लोग इस बीमारी का शिकार हो जा रहे हैं । इतना ही नहीं कम उम्र होने के चलते लोग इस बीमारी की जांच तक नहीं करवाते, नतीजा ये होता है कि यही बीमारी एक दिन जानलेवा साबित होती है, और एक पूरा परिवार बरबाद हो जाता है। 

एक जानकारी के मुताबिक भारत में प्रत्येक 8 लोगों में से 1 व्यक्ति इस रोग का शिकार होता है। हांलाकि लोगों को जागरूक करने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार प्रयासरत रहता है और जरूरी कदम उठाता रहता है । लेकिन ये दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि लोगों में इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता का अभाव है । यही वजह है कि लोग इसका इलाज नहीं कराते । 

हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है ? 
आम तौर पर हाई ब्लड प्रेशर के रूप में जानी जाने वाली इस बीमीरी को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। इस रोग में हार्ट की धमनियों में रक्त का संचार काफी  तेज हो जाता है । इस समस्या को ठीक किया जा सकता है । लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह समस्या गंभीर हो सकती है । इस बीमारी से दिल का दौरा या फिर स्ट्रोक भी हो सकता है, जिससे इंसान की मौत भी हो सकती है। 

नार्मल ब्लड प्रेशर लेवल रेंज कितनी होनी चाहिए ?  
आइए समझते है कि व्यक्ति में सामान्‍य ब्लड प्रेशर क‍ितना होता है, इस बात को जानने की जरूरत है कि 140-159/90-99 और इससे ज्यादा प्रेशर, हाई बीपी के तौर पर लिया जाता है। सामान्य तौर पर व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होना चाहिए । इससे ऊपर अगर यह जाता है तो इसे चेतावनी मान लीजिए । 

कैसे समझे हाई ब्लड प्रेशर को ?
अन्य बीमारियों की तरह ही इस बीमीरी के भी लक्षण होते हैं। इनके जरिए इस बीमारी के शुरआती संकेत को हम समझ सकते हैं । आइए इन लक्षणों को समझते हैं । 

सांस लेने में तकलीफ होना
अनियमति गति से दिल की धड़कनों का चलना 
हमेशा थकान का महसूस होना है।
सीने में तेज दर्द का होना । 
उल्‍टी महसूस होना
बेचैनी और घबराहट 
नाक से खून आना 

आइए समझे कि उच्च रक्तचाप क्यों होता है? 

धूम्रपान करना- उच्च रक्तचाप की बीमारी उन लोगों में होने की संभावना होती है, जो धूम्रपान करते हैं।
वजन का अधिक होना- मोटापे के कारण इस बीमारी के होने का खतरा बढ़ जाता है >
भोजन में नमक का सेवन ज्यादा करने से भी यह बीमारी जल्दी पकड़ लेती है । 
अत्यधिक तनाव भरी जिंदगी जीने से यह रोग घेर लेता है। 

हाई बीपी से होने वाले खतरे क्या हैं  ?
किसी बीमारी की गंभीरता को हल्के में नहीं लेना चाहिए, वरना वह जानलेवा साबित हो सकती है। हाई बीपी में भी तमाम समस्याएं हो सकती हैं । 
मष्तिष्क में ब्लॉकेज होना : यह हाई बीपी में होने वाला सबसे बड़ा खतरा है, इसका ट्रीटमेंट कोरोनरी एंजियोग्राफी द्वार होता है ।
कोरोनरी आर्टिरी बीमारी : हाई बीपी में लापरवाही से कोरोनरी आर्टिरी का रोग हो सकता है । 
दिल की बीमारी का होना : हाई बीपी से दिल की तमाम बीमारियां हो सकती हैं, जो जानलेवा साबित होती हैं ।
किडनी का खराब होना : हाई बीपी से किडनी भी प्रभावित हो सकती है, कई बार तो यह फेल भी हो सकती है ।

हाई बीपी से कैसे बचें ? 
मौजूदा दौर की तनाव भरी जिंदगी में खुद के लिये समय निकालना बेहद जरूरी है। लिहाजा समय निकाल कर कुछ सावधानियां उठा कर आप इस बीमारी से बच सकते हैं । 
नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं ।
नियमित व्यायाम करें, और रक्तचाप को नियंत्रत रखें ।
नशीले पदार्थों के सेवन से आज ही परहेज करना शुरू कर दें ।
भोजन में कम नमक का सेवन करें ।
हमेश अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें  ।

आप इस बीमारी का इलाज घर पर भी कर सकते हैं
हांलाकि यह बीमारी बेहद गंभीर है, और माना जाता है कि इसका इलाज दवाइयों से ही संभव है। लेकिन उन स्थितियों के आने से पहले ही अगर आप घर पर ही कुछ घरेलू चीजों का नियमित सेवन करें तो आप को यह बीमारी कभी नहीं घेरेगी । आइए जानते है इन घरेलू चीजों के महत्व के बारे में । 

लहसुन, दालचीनी, इलाइची, और अलसी से कंट्रोल होगा हाई बीपी

लहसुन का प्रयोग - लहसुन में एलेसीन नाम का तत्व होता है जो हाई बीपी को कंट्रोल करता है । एक कली सुबह छील कर सेवन करें तो कंट्रोल होगा हाई बीपी 

अलसी का प्रयोग - अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है और लिग्नान होता है, जो बीपी को नियंत्रित करता है, चावल के उपर या सलाद के ऊपर छिड़क कर खा सकते हैं । 

दालचीनी - दालचीनी से कंट्रोल होता है हाई बीपी, डाइबिटीज के रोगी इसका सेवन कर सकते हैं । आपको हर रोज सुबह खाली पेट आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर शहद के मिला कर लें ।   और ऊपर से गर्म पानी पी लें । 

छोटी इलाइची- छोटी इलाइची के बीजों का सेवन करें, दिन भर में कम से कम पांच इलाइची का सेवन करें । 

इनके अतिरिक्त आप निम्न खाद्य पदार्थो का भी उपयोग कर सकते हैं, जो आसानी से उपलब्ध रहते हैं 

तुलसी के पत्ते- तुलसी के पांच मिली लीटर रस को गर्म पानी में मिला कर सेवन करें, इससे लाभ मिलेगा । 

चुकंदर का सेवन -चुकंदर में नाइट्रेट बहुतायत में होता है , इससे भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है । इसके सेवन से सिकुड़ी हुई रक्त धमनियां खुल जाती हैं । 

आंवले का प्रयोग- आंवला एक ऐसा महत्वपूर्ण भोज्य पदार्थ है जो हमारे शरीर को हर तरह से संतुलित रखता है । इसके सेवन से शरीर में अतिरिक्त सोडियम की मात्रा को नियंत्रित करने की क्षमता होती है। वहीं इसमें मौजूद विटामिन सी खून को बढ़ाने और साफ करने में मददगार होता है। 

एक्सरसाइज और मेडिटेशन करें- इसके अलावा आप नियमित रूप से एक्सरसाइज और मेडिटेशन करें, और अपने भोजन में फल और हरी सब्जियों को शामिल करें ।  

हाई बीपी का दवाइयों से इलाज संभव 

हाई बीपी का इलाज तीनो पद्धतियों में ऐलोपेथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक में उपलब्ध है। आपका जिस पद्धति में ज्यादा भरोसा हो उससे संबंधित योग्य चिकित्सक से आप इसका इलाज करा सकते हैं । इन तीनों ही पद्धतियों में दी गयी दवाइयां हाई बीपी के इलाज करने में कारगर साबित हो रही हैं । इनके माध्यम से आप अपने रक्त चाप को नियंत्रित रख सकते हैं । 

-विमल श्रीवास्तव 

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