...तो ऐसे होगा कोरोना महामारी का अंत, विशेषज्ञों ने बताए इसके ये दो तरीके

Experts said that by these two ways CORONA PANDEMIC will reach at its end - Sakshi Samachar

दुनिया के 213 देशों को उलझा कर रख दिया

महामारियों ने पूरी मानवता को खत्म करने की कोशिश की

कुछ प्रोटोकॉल्स का सख्ती से पालन जरूरी

वैश्विक स्तर पर देखें तो आज हम कोरोना वायरस महामारी के दसवें महीने  के करीब पहुंच रहे हैं। दुनिया को तबाह करने वाले इस अत्यधिक संक्रामक संक्रमण से अब तक भी हमें राहत नहीं मिल पाई है। दुनिया भर में अब तक, कोरोनो वायरस के मामलों की संख्या 31,834,367 का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं, अब तक इससे 9,76,388 मौतें भी हो चुकी हैं।

दुनिया के 213 देशों को उलझा कर रख दिया

दिसंबर 2019 में चीन के वुहान में निमोनिया जैसी बीमारी के रूप में पहली बार सामने आए कोरोना ने आज दुनिया के 213 देशों को उलझा कर रख दिया है। वहीं, पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए एक वैक्सीन लॉन्च करने के लिए बगैर रुके लगातार तेज गति से काम कर रहे हैं। रूस ने तो वैक्सीन लॉन्च भी कर दिया है। हालांकि एक सवाल अब भी सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ा है कि आखिर यह महामारी खत्म कैसे होगी?

महामारियों ने पूरी मानवता को खत्म करने की कोशिश की

सच कहें तो आज तक इस प्रश्न का कोई सहीसही जवाब किसी को नहीं मिल पाया है। इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो हम पाएंगे कि समयसमय पर कई महामारियों ने पूरी मानवता को खत्म करने को कोशिश की है या कहें कि खतरे में डाल दिया है। सैद्धांतिक रूप से, दो परिदृश्य ऐसे हैं, जो किसी भी महामारी के अंत की शुरुआत को चिह्नित करते हैं।

कुछ प्रोटोकॉल्स का सख्ती से पालन जरूरी

पहला, चिकित्सकीय अंत और दूसरा सामाजिक अंत। महामारी के चिकित्सकीय उन्मूलन के लिए नोवल कोरोना वायरस का प्रभावी और सुरक्षित वैक्सीन तैयार किया जा रहा है जबकि सामाजिक तौर पर इसके उन्मूलन के लिए कुछ प्रोटोकॉल्स का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी बताया जाता है।

दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचा भारत

मालूम होता है कि यह संकट भारत में उससे भी बदतर तरीके से सामने आ रहा है, जितना कि हम सोच सकते थे। हालांकि सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इसने 5 मिलियन का आंकड़ा छू लिया है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में COVID-19 महामारी अलग-अलग समय पर चरम पर होगी। अत: इसे जड़ से मिटाने के लिए महामारी के प्रति हमारी प्रतिक्रिया अधिक स्थानीय और प्रभावी होनी चाहिए।

यहां तक ​​कि जब तक कोई टीका हमारे पास पहुंचता है, तब तक हमें इस प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित कर लेना होगा कि कोविड-19 वैक्सीन सबकी पहुंच में आ सके, इसकी भी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

महामारी के चिकित्सीय अंत तक कैसे पहुंचेंगे?

अब तक, 165 से अधिक वैक्सीन वर्तमान में प्रीक्लिनिकल और क्लिनिकल परीक्षणों के विभिन्न चरणों में हैं। उनमें से 33 से अधिक मानव परीक्षणों के महत्वपूर्ण अंतिम चरण में पहुंच भी चुके हैं। अच्छी खबर यह है कि इसके विकास की त्वरित समयरेखा को देखते हुए भले ही यह अंदेशा लगाया जा रहा हो कि टीका पूरी तरह से प्रभावी नहीं है, फिर भी यह महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने में कुछ हद तक तो प्रभावी अवश्य होगा।

50 से 60 फीसदी प्रभावी हो तो वैसा COVID-19 वैक्सीन भी होगा स्वीकार्य

अमेरिका के शीर्षस्थ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथोनी फौसी के अनुसार, अगर एक वैक्सीन सुरक्षित हो और 50 से 60 प्रतिशत प्रभावी भी, तो वह भी स्वीकार्य होगी। हालांकि वैज्ञानिकों का लक्ष्य है कि ऐसा वैक्सीन तैयार किया जाए, जो कम से कम 75 प्रतिशत प्रभावी अवश्य हो।

प्रारंभिक अध्ययनों के शुरुआती आंकड़ों ने इस रेस में शामिल कई वैक्सीन के लिए सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। साल 2021 की पहली तिमाही तक हम नोवल कोरोना वायरस के प्रभावी वैक्सीन की उम्मीद कर सकते हैं।

टीके: महामारी को समाप्त करने में एक कदम आगे

एक बार जब सुरक्षित और प्रभावी टीके सार्वजनिक प्रचलन के लिए शुरू कर दिए जाएं और सामूहिक टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो धीरे-धीरे मामले कम होने लगेंगे क्योंकि मृत्यु दर कम हो जाएगी। ये टीके दुनिया को संक्रमण के खिलाफ एक अच्छी लड़ाई का मौका देंगे। साथ ही, चिकित्सा देखभाल प्रणाली का बोझ भी उठाएंगे। इसे महामारी को समाप्त करने के क्रम में एक कदम आगे माना जा सकता है।

दुनिया की सबसे घातक महामारी का सामाजिक अंत

दुनिया की सबसे घातक महामारी में से एक, स्पैनिश फ्लू के मामले में देखा गया है कि उसे भी सामाजिक तौर पर समाप्त किया गया। इस घातक महामारी ने दुनिया भर के 500 मिलियन लोगों को संक्रमित किया और उस समय दुनिया की आबादी का 1 प्रतिशत इस संक्रमण की वजह से काल के गाल में समा गया।

दो वर्षों में यह स्पैनिश फ्लू खत्म हो गया

दो लंबे वर्षों के बाद यह स्पैनिश फ्लू भी समाप्त हो गया, जब लोगों में इस वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित हो गई। इस प्रकार का अंत तब हो सकता है, जब आबादी का एक बड़ा वर्ग प्रतिबंधों से थक जाता है और अपने घरों से बाहर निकलने लगता है।

हमारी समझ से परे हो जाएगा सबकुछ

गौरतलब है कि जब लोग हमेशा की तरह अपनाअपना व्यवसाय शुरू कर देते हैं, तब अधिक से अधिक लोग इस महामारी से संक्रमित हो जाएंगे और वायरस के खिलाफ इम्यून पावर विकसित करने लगेंगे। हालांकि, उस वक्त यह हर्ड इम्यूनिटी और सामाजिक तौर पर इसका अंत एक ऐसी जगह पर पहुंच जाएगा, जहां से यह हमारी समझ से परे होगा।

इसे खत्म नहीं कर सकते पर कम जरूर कर सकते हैं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस महामारी को समाप्त करने का कोई एक तरीका नहीं है। हमें इस रोग के प्रसार को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। यह केवल हर्ड इम्यूनिटी और सोशल डिस्टेंसिंग समेत प्रभावी वैक्सीन के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। इन तीनों माध्यमों के जरिये इस महामारी को दूर करने में सफलता मिल सकती है।

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