कोरोना वायरस : लॉकडाउन के दौरान करें ये जरूरी काम, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Do's And Dont's Of Corona Lockdown - Sakshi Samachar

कोरोना के कहर से बचने के लिए किया गया लॉकडाउन

लॉकडाउन में ऐसे रखें खुद के साथ परवार का ख्याल

लॉकडाउन में न करें ये गलतियां 

दुनिया भर में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस ने अब भारत की नाक में भी दम कर दिया है। भारत में कोरोना वायरस के मामलों ने 500 का आंकड़ा पार कर लिया है और पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया है फिर भी हर दिन नये मामले सामने आने का क्रम लगातार जारी है। 

वहीं हम देख रहे हैं कि लोग अब भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे और न सिर्फ लॉकडाउन में बाहर निकल रहे हैं बल्कि  सावधानियां भी नहीं बरत रहे और न ही सतर्क रह रहे हैं, जबकि ऐसा करना बिलकुल सही नहीं है। हम सबको सबसे पहले तो कोरोना वायरस से बचने के लिए सावधानियों को गंभीरता से लेना शुरू करना होगा और सख्त सामाजिक दूरियों का पालन भी करना होगा।  

सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत समझें 

हमें सबसे पहले तो सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी की अहमियत समझनी होगी क्योंकि कोरोना से बचने के लिए यह सबसे जरूरी है।
सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब होता है संक्रमण के फैलने को कम करने के लिए खुद को भीड़ से अलग करना और अलग रखना। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि कोरोना वायरस बूंदों के माध्यम से फैलता है, इसलिए सामाजिक दूरी बनाने से अनावश्यक संचरण से बचने में मदद मिल सकती है और बदले में, इसके मामलों की संख्या में कटौती भी हो सकती है।सामाजिक दूरी बनाने का मतलब है कि सार्वजनिक समारोह, पार्टियों, सार्वजनिक स्थानों (10 से अधिक लोगों) से बचें और लोगों से लगभग छह फीट की दूरी बनाए रखें।

घर में रहकर करें खुद का बचाव

सामाजिक दूरी का पालन करने का मतलब है ज़्यादा से ज़्यादा समय घर पर ही बिताना। इसके लिए आपको कुछ ज़रूरी सामान खरीदकर घर पर रखना पड़ेगा। जिसका मतलब ये हुआ कि आपको ऐसी जगह जाना होगा जहां काफी लोग होंगे।  ऐसे में संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाएगा। आपका घर इस संक्रमण से बचने के लिए सबसे सुरक्षित जगह है। ऐसे में आप कई तरह के वायरस और कीटाणु घर पर लाने से कैसे बच सकते हैं? 

आइये यहां जानते हैं ...

-सबसे पहले तो लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वे महत्वपूर्ण कार्य को स्थगित कर दें और बाहर तभी निकलें जब बेहद ज़रूरी हो। जी, हां लगातार घर पर बैठने से बोरियत ज़रूर हो जाती है लेकिन खाली समय में घर से बाहर निकलने का ये समय ठीक नहीं है। 

-हमेशा याद रखें कि आपकी सुरक्षा आपके अपने ही हाथों में हैं। अगर आप स्वच्छता या सफाई का ख्याल नहीं रखेंगे तो न सिर्फ आपके संक्रमित होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी बल्कि आपकी वजह से बाकी कई लोग भी बीमार पड़ सकते हैं। 

- हमेशा अपने साथ सेनिटाइज़र और वाइप्स रखें। साथ ही छींकते या खांसते वक्त अपना मुंह ढकें। अगर मार्केट जाते हैं तो दरवाज़े का हैंडल या किसी सतह को न छुएं। 

- अपने जूतों से लेकर फोन और बैग तक, ये सभी चीज़ें बाहर से घर पर कीटाणु ला सकती हैं इसलिए घर आते ही, सभी चीज़ों को डिसइंफेक्ट कर लें। घर में घुसते ही जूतों, चश्मे या बैग को अच्छी तरह साफ कर लें। चाहें तो आप नहा भी सकते हैं। 

- ये सच है कि सारा वक्त घर पर बैठने और सिर्फ कोरोना वायरस से जुड़ी ख़बरें पढ़-पढ़कर सभी के दिलों में घबराहट और डर बढ़ रहा है। साथ ही कर्फ्यू और लॉकडाउन के समय घर से बाहर न निकल पाने से भी आप बेचैनी महसूस कर रहे होंगे। लेकिन याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। पूरे देश क्या सारी दुनिया में रह रहे लोग आपकी तरह के ही एहसास से गुज़र रहे हैं। 

- ऐसे में लंबी सांसें लें और घबराए नहीं। अपने मन को शांत करने के लिए ध्यान करने का ये अच्छा समय है। स्वच्छता का ध्यान रखें, सेहतमंद खाना खाएं और डरे नहीं।

- लॉकडाउन के समय हम सभी अपने घर के बुज़ुर्गों और उन लोगों की फिक्र कर रहे हैं जो हमसे दूर रह रहे हैं। ऐसे में उनसे मिलते रहना आपको सही लग रहा होगा लेकिन बेहतर यही है कि ऐसे नाज़ुक समय में आप उनसे दूर ही रहें। चाहे वह एक सुरक्षित इलाके में रह रहे हों, आप वहां जाकर संक्रमण को फैला सकते हैं। ठीक इसी तरह बच्चों का भी खास ख्याल रखने की ज़रूरत है, उनके दोस्तों और उन्हें पार्क में ले जाने से बचें। 

तो देखा आपने कि कैसे हम छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर और सावधान व सतर्कता से इस बीमारी को हरा सकते हैं।  

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