कोरोना : अगर आप भी करते हैं लिफ्ट का इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान, रखें इन बातों का खास ध्यान

covid-19 precautions to be followed while using lift  - Sakshi Samachar

कोरोना वायरस से करें बचाव

कर रहे हैं लिफ्ट का इस्तेमाल तो इन बातों पर ध्यान दें 

कोरोना वायरस नामक इस महामारी ने पूरी दुनिया में अपना मकड़जाल फैला रखा है और अब तो आलम यह है कि हर कोई इससे डर रहा है और देखा जाए तो लोगों का लाइफस्टाइल ही बदल गया है। वहीं कई बातें तो ऐसी भी है जिनका कोरोना से बचने के लिए ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। 

आजकल के हमारे लाइफस्टाइल में हर कोई लिफ्ट का इस्तेमाल करता है क्योंकि ज्यादातर बिल्डिंग ऊंची होती है और बार-बार चढ़ने-उतरने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल करने से आसानी होती है।  पर कोरोना नामक इस महामारी में लिफ्ट में भी कई बातों पर ध्यान देना जरूरी है। 

जहां कोरोना वायरस महामारी से पहले एक बार में कम से कम 4-5 लोग लिफ्ट में एक साथ जाते थे। हमने कभी सुरक्षा के बारे में नहीं सोचा क्योंकि ये कुछ मिनटों की ही बात होती थी। अब कोरोना वायरस के दौर में जब भी लिफ्ट लेनी होती है तो आप डरे हुए रहते हैं। आपको यही चिंता होती है कि क्या लिफ्ट में मौजूद बाकी लोग शारीरिक दूरी बनाए हुए हैं? क्या उन्होंने मास्क पहना है? कहीं किसी ने छींका या खांसा तो क्या होगा? क्या ये लिफ्ट सैनीटाइज़ की गई है? 

ये सारी बातों के बारे में हमने कोरोना से पहले नहीं सोचा था,लेकिन अब इस जानलेवा बीमारी ने हम सभी को साफ-सफाई के प्रति इस कदर जागरुक कर दिया है कि हम सभी अब बस इसी के बारे में सोचते हैं। ये सही भी है क्योंकि हम सब जानते हैं कि कोरोना से संक्रमित होना कितना आसान है। ऐसी कोई जगह नहीं है जो सुरक्षित हो।

कोरोना के इस दौर में लिफ्ट में सफर करना कितना सुरक्षित? 

लिफ्ट में अच्छी तरह से शारीरिक दूरी बनाना बेहद मुश्किल है। ज़्यादातर लिफ्ट इतनी बड़ी नहीं होती कि उसमें लोग 5-6 फीट की दूरी बनाए रखें। इस दौरान संक्रमण के आसार तब ज़्यादा बढ़ जाते हैं, जब किसी व्यक्ति ने मास्क न पहना हो, या हाई-रिस्क इलाके से आ रहा हो, वर्कआउट करके आया हो और सांसे तेज़ हों। साथ ही अलक्षणी लोग भी लिफ्ट में आपके साथ हो सकते हैं।

लिफ्ट में साफ-सफाई का ध्यान रखना है जरूरी

कंपनियां भी इस बात पर खास ध्यान दे रही हैं कि शारीरिक दूरी के साथ सुरक्षा का ख्याल हर वक्त रखा जाए। जैसे कि अगर दो लोग ज़्यादा करीब आ जाएं तो बज़र बजने लगेगा, ज़बरदस्ती लिफ्ट में घुसने वालों से फाइन लिया जाएगा। संक्रमण का प्रसारण लिफ्ट के बटन इस्तेमाल करने से भी बढ़ने की आशंका है। इसी डर से कई अपार्टमेंट्स में लोगों ने बटन के लिए टूथपिक का इस्तेमाल करना शुरू किया। 

कोविड-19 के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल जोखिम भरा है?

हाल ही में हुए एक्सपेरीमेंट्स से ये पता चला कि वायरस कई घंटों तक हवा में मौजूद रहता है। इन्ही वजहों से लिफ्ट के इस्तेमाल पर लगातार सवाल खड़े होते रहते हैं। कई लोगों ने इसी वजह से सीढ़ियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। 

कर रहे हैं लिफ्ट का इस्तेमाल तो इन बातों का रखें ख्याल

इसमें कोई दो राय नहीं कि लिफ्ट के इस्तेमाल के साथ बड़ा जोखिम भी है, लेकिन अगर दूसरी सार्वजनिक जगहों से तुलना की जाए, तो संक्रमण के आसार काफी कम हैं। इसके पीछे एक कारण ये भी है कि लिफ्ट में आप काफी कम समय बिताते हैं। लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि हम लिफ्ट का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी न बरतें। जोखिम भले ही कम हो लेकिन सावधानियां फिर भी लेनी होंगी।

- ये सभी जानते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए मास्क पहनना कितना ज़रूरी है। मास्क संक्रमण के आसार को काफी कम करता है। खासकर लिफ्ट जैसी जगह में जहां जगह कम होती है, लोगों का मास्क पहनना और भी ज़रूरी हो जाता है। चाहे आप लिफ्ट में अकेले हों, तब भी मास्क ज़रूर पहनें। इसके अलावा आप ग्लव्ज़ भी पहन सकते हैं।

-जो लोग हाई-राइज़ बिल्डिंग या जो बीमार हैं, वे हर वक्त सीढ़ियों का इस्तेमाल हर वक्त नहीं कर सकते। हालांकि, अगर संभव हो, तो किसी और के साथ लिफ्ट में न जाएं, इससे आपके कोरोना से बीमार होने के आसार कम हो जाते हैं। अगर संभव है, तो लिफ्ट में पहले उन लोगों को जानें दें जिन्हें ज़्यादा ज़रूरत है। 

- हालांकि, शारीरिक दूरी हर वक्त बनाए रखना आसान नहीं है। इसलिए लिफ्ट के कोनों में खड़े रहें और इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका शरीर लिफ्ट की दीवार से दूर रहे। लिफ्ट का सफर लंबा नहीं होता इसलिए कुछ देर के लिए ऐसा किया जा सकता है।

-लिफ्ट में छींकना या खांसना भी आपके साथ मौजूद लोगों को डरा सकता है। या फिर ज़ोर-ज़ोर से बातें करने से भी संक्रमण के आसार बढ़ जाते हैं। इसलिए अपने आपको सैनीटाइज़ और सुरक्षित रखें।

-लिफ्ट को रोज़ाना डिसइंफेक्ट करने से भी उसके सतह के स्तर में मौजूद रोगाणु और वायरस ख़त्म हो सकते हैं।

Advertisement
Back to Top