विश्व स्वास्थ्य दिवस : 'कोरोना वॉरियर्स' को सलाम कर रहा है आज सारा संसार

World Health Day: Today the whole world is saluting 'Corona Warriors' - Sakshi Samachar

विश्व की स्वास्थ्य समस्याओं पर नजर रखना प्रमुख कार्य

अफवाहों और मिथकों को दूर करना भी इसका उद्देश्य

जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के लिए कर रहा है काम

2.77 लाख से ज्यादा लोग हो चुके हैं ठीक

हैदराबाद : आज यानि 7 अप्रैल को सारी दुनिया विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मानती है। आज ही के दिन साल 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। साल 1950 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस दिवस की शुरुआत की गई थी।  विश्व के तकरीबन 200 से ज्यादा देश आज कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में जब दुनियाभर के स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की सेवा और उनकी जान बचाने में लगे हैं, 7 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इस खास दिन का क्या है महत्व?

विश्व की स्वास्थ्य समस्याओं पर नजर रखना प्रमुख कार्य

हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस की वर्षगांठ पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिसे हम डब्ल्यूएचओ के नाम से ज्यादा जानते हैं, संयुक्त राष्ट्र (यूनाइटेड नेशन) का हिस्सा है। इसका प्रमुख कार्य विश्व की स्वास्थ्य समस्याओं पर नजर रखना और इसके निवारण में मदद करना है। डब्ल्यूएचओ की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी। इस संस्था का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में है। डब्ल्यूएचओ की स्थापना के समय इसके संविधान पर विश्व के 61 देशों ने हस्ताक्षर किए थे और इसकी पहली बैठक 24 जुलाई 1948 को हुई थी।

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अफवाहों और मिथकों को दूर करना भी इसका उद्देश्य

विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत साल 1950 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श करना है। पूरे विश्व में समान स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों और मिथकों को दूर करना भी इसका उद्देश्य है। डब्ल्यूएचओ की ओर से ही विभिन्न देशों की सरकारों को स्वास्थ्य नीतियां बनाने और उसके क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया जाता है।

जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के लिए कर रहा है काम
डब्ल्यूएचओ ने अपनी स्थापना काल से अबतक स्मॉल चिकेन पॉक्स जैसी बीमारी को खत्म करने में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। भारत सरकार ने भी पोलियो जैसी महामारी को खत्म किया है। फिलहाल डब्ल्यूएचओ टीबी, एचआईवी, एड्स और इबोला जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के लिए काम कर रहा है। हालाँकि इन दिनों विश्व स्वास्थ्य संगठन का ज्यादा ध्यान कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने के उपायों की ओर लगा हुआ है और इसके लिए वह कई देशों की सरकारों के साथ मिलकर काम भी कर रहा है। 

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2.77 लाख से ज्यादा लोग हो चुके हैं ठीक

आज विश्व की बड़ी आबादी कोरोना वायरस की वजह से फैली महामारी का प्रकोप झेल रही है। पूरी दुनिया में इससे 13 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि 73 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं भारत में देखा जाए तो इससे संक्रमित होने वालों और मरनेवालों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। थोड़ी सुकून वाली बात ये है कि इस वायरस से संक्रमित 2.77 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। इस कोरोना संकट के बीच विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है।

उनके सम्मान में दिल से करते हैं आभार व्यक्त

विश्वभर के स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की सेवा में लगे हैं। कोरोना संक्रमित लोगों की जान बचाने में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन और रात एक किए हुए हैं। इन स्वास्थ्यकर्मियों के सम्मान में ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पूरे देश ने ताली, थाली, शंख और घंटी बजाकर इनके जज्बे को सलाम किया था।

पीएम मोदी ने आज एक वीडियो ट्वीट करके भी इन कोरोना वारियर्स का शुक्रिया अदा किया। साथ ही समूचे देश के बेहतर स्वास्थ्य की परिकल्पना भी की। सच तो यह है कि अमूमन हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाने के क्रम में जहाँ हम केवल एक दिन ऐसे वारियर्स का शुक्रिया अदा करते रहे हैं जो हमारे बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं, वहीं आज हर पल 'कोरोना वारियर्स' के सम्मान में दिल से हम अपना आभार व्यक्त कर रहे हैं।

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- सुषमाश्री : संकलन स्रोत (सोशल मीडिया)

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