अमेरिका में लाशों को नहीं मिल रही दो गज जमीन, फ्रीजर वाले ट्रकों में भरी जा रही लाशें

Shocking Photos Of  Mass Cremation Of Corona Victims In America  - Sakshi Samachar

बाहर खड़े हर ट्रक में कुल 44 शवों को लोड कर रखा जा सकता है

मेट्रोपॉलिटन हॉस्पिटल के बाहर इमरजेंसी मैनेजमेन्ट टेंट लगे हैं

एक नर्स ने लीक की अमेरिकी पत्रकार को फोटो

नई दिल्ली : अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तीन हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। मौत का तेजी से बढ़ता आंकड़ा देख सबके हाथ-पैर कांप रहे हैं। हर तरफ लाशों का अंबार देखने को मिल रहा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में केवल ही लाशें दिख रही हैं। इस फोटो को अमेरिकी जर्नलिस्ट मरयम एल्डर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर  शेयर किया है। इस ट्वीट में उन्होंने बताया कि एक  "नर्स ने मुझे एक दुखद तस्वीर भेजी है। यह फोटो न्यूयॉर्क शहर के एक अस्पताल की है।    फोटो में "कोरोना वायरस" के शिकार लोगों की लाशों की संख्या के साथ एक अस्थायी मुर्दाघर की है।

अमेरिकी पत्रकार, मरियम एल्डर, ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट में फोटो पोस्ट की, जिसमें उन्होंने कहा, "एक नर्स ने मुझे एक दुखद तस्वीर भेजी जिसमें कोरोनोवायरस संकट की भयावहता दिखाई गई थी। वह चाहती थी कि लोग उस भयावह सच्चाई को देखें जो हम कर रहे थे। के साथ काम कर रहे हैं। "

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि लाशों को रखने के लिए हॉस्पिटल्स में जगह तक नहीं बची है। आलम यह है कि बड़ी-बड़ी ट्रकें अमेरिका के कई अस्पतालों के बाहर खड़ी हैं और इन ट्रकों में लाशों को फ्रीजिंग पॉइंट में रखकर रखा जा रहा है।

हॉस्पिटल्स के बाहर खड़े हर ट्रक में कुल 44 शवों को लोड कर रखा जा सकता है। मेट्रोपॉलिटन हॉस्पिटल के बाहर इमरजेंसी मैनेजमेन्ट टेंट लगे हैं। इसमें कोरोना के मरीजों के लिए सारी व्यवस्था की गई है। सेंट्रल पार्क में बने माउंट सिनाई वेस्ट हॉस्पिटल में कोरोना पेशेंट्स के लिए टेंट्स बनाए जा रहे हैं।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में न्यूयॉर्क राज्य महामारी से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां अकेले कुल संक्रमित मामलों की संख्या 67 हजार से अधिक हैं और महामारी के चलते 1,200 से ज्यादा मौतें देखने को मिली हैं।

वैश्विक तौर पर कोविड-19 संक्रमण से 37,638 मौतों के साथ कुल 7,84,000 से अधिक लोगों के संक्रमित होने की बात सामने आई है, जिनमें से 1,65,000 लोग उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए हैं।

 

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