उत्तरी कोरिया में खिड़की खोलने पर पाबंदी, जानें क्यों?

North Korea Kim Jong un warned citizen yellow dust covid 19 china - Sakshi Samachar

उत्तर कोरिया में घरों के खिड़की दरवाजे बंद

चीन से आ रही है धूल भरी आंधी

धूल के साथ कोरोना वायरस का खतरा 

प्योंगयोंग: तानाशाह किम जोंग के राज में उत्तर कोरिया के घरों की खिड़कियां बंद हो गई हैं। दरअसल चीनी सीमा की तरफ से उत्तर कोरिया की तरफ से पीली धूल आ रही है। तानाशाह को आशंका है कि इस धूल में कोरोना वायरस हो सकता है। लिहाजा किम जोंग ने अपने नागरिकों को घरों के दरवाजे खिड़कियां बंद रखने के आदेश दिये हैं। वास्तव में चीन से आ रही है धूल के कारण उत्तर कोरिया के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ऊपर से कोरोना वायरस के खतरे की आशंका ने उन्हें और डरा दिया है। 

किम जोंग का सनकी आदेश 

बुधवार को उत्तर कोरिया के राज्य मीडिया ने विशेष मौसम की बाबत जानकारी देते हुए लोगों को पीली धूल के बारे में आगाह किया था। ऐसी आशंका जाहिर की गई कि पीली धूल के साथ कोरोना वायरस का संक्रमण भी साथ आ सकता है। हालात ये है कि लोग प्योंगयोंग की सड़कों पर नजर नहीं आ रहे हैं। 

रूसी दूतावास ने अपने लोगों को किया आगाह

प्योंगयांग में रूसी दूतावास ने फेसबुक पोस्ट में राजनयिक मिशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों को कड़ी सलाह दी कि वो घरों के भीतर ही रहें और दरवाजे व खिड़कियां बंद रखें। 

दूतावास की ओर से जारी सलाह के मुताबिक, “जैसा कि हमें बताया गया था ये उपाय इस तथ्य के कारण हैं कि COVID-19 पीली धूल कणों के साथ DPRK के क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं।" उत्तर कोरियाई न्यूज़ चैनल के मुताबिक प्योंगयांग की सड़कें सूनी हैं और लोग कोरोना वायरस के डर से घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। 

चीन में बह रही धूल भरी आंधियां 

चीन में धूल भरी आंधी इस मौसम में सामान्य प्रक्रिया बताई जाती है। चीन के शहर शिन्जियांग, इनर मंगोलिया, शान्क्शी और हबेई में धूल भरी आंधी की स्थितियां देखी जा सकती हैं। मौसम विभाग इसे सामान्य स्थिति बता रहा है। ग्रीष्म ऋतु से पहले चीन में धूल भरी आंधियां करीब हर साल आती है। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण को लेकर चीन के पड़ोंसी देश सशंकित हैं। रेतीले तूफान का असर उत्तर कोरिया के अलावा जापान तक भी देखा जा सकता है। 

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

हालांकि विशेषज्ञों का दावा है कि उत्तर कोरिया में धूल भरी आंधी को कोरोना वायरस से जोड़ना ठीक नहीं है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक निश्चित दायरे में हो सकता है। धूल के साथ उड़कर ये सैंकड़ों मील का सफर तय कर ले इसकी संभावना कम ही होती है। फिर भी ऐहतियात बरतने में कोई बुराई नहीं है। उत्तर कोरिया को सिर्फ ये समझना होगा कि एहतियात के नाम पर नागरिकों को कोई परेशानी न हो। 
 

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