चीन का सनकी है ये जनरल, भारत के साथ शांति के लिए कर रहा बातचीत

Major General Lin Liu China military Counterpart "crazy" - Sakshi Samachar

भारत चीन के बीच अहम सैन्य वार्ता 

चीन का प्रतिनिधित्व कर रहा मेजर जनरल लिन लियू

जानें क्यों लिन लियू को लोग कहते हैं सनकी

नई दिल्‍ली: भारत और चीन के बीच युद्ध के हालात को लेकर सैन्य वार्ता का दौर जारी है। भारत की ओर से 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जबकि पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के मेजर जनरल लियू लिन चीन की ओर से बातचीत कर रहे हैं। जनरल लियू के बारे में माना जाता है कि वो सनकी है। ये हम नहीं बल्कि चीन की सेना के कर्मी भी मानते हैं। 

सनकी चीनी मेजर जनरल की कारस्तानी 

साउथ शिनजियांग डिस्ट्रिक्‍ट के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन की उम्र 55 साल है। गूगल पर सर्च करने के बाद जो कुछ जानकारी मिलती है उसके मुताबिक पता चलता है कि जनरल लियू लिन काफी सख्त मिजाज हैं। उनकी सख्ती कुछ सनक की हद तक है। लियू लिन को जनवरी 2015 में मेजर जनरल रैंक मिला था। मेजर जनरल लियू लिन हर रोज आठ किलोमीटर की दौड़ लगाता है। वो युवा सैनिकों के बीच रहना अधिक पसंद करता है। साथ ही मेजर जनरल जैसे उच्चस्थ पद पर रहते हुए वो खुद सैनिकों को ट्रेनिंग भी देता है। वो अपने सैल्यूट को लेकर काफी सजग रहता है। उसने अपने सैल्यूट को परफेक्ट बनाने के लिए हेलमेट में पिन लगा ली। जिसके चलते जब भी वो सैल्यूट मारता है उसके हाथों में पिन छुभती है और उसकी उंगलियों से खून रिसता है। 

साल 2016 के बाद साउथ शिनजियांग डिस्ट्रिक्‍ट का प्रभार मिलने के बाद मेजर जनरल लियू का रोल काफी अहम हो गया। 900,000 स्‍क्‍वायर किलोमीटर के क्षेत्र की सुरक्षा का लियू के कंधे पर है। जिसका अधिकांश हिस्सा भारत से लगा है। 

चुशुल में आज लियू ने भारतीय सैन्य अधिकारियों से की वार्ता 

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव के बीच आज भारतीय सेना और चीनी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने लेह के चुशुल में मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो बैठक का एजेंडा दोनों देशों के बीच सेनाओं को पीछे हटाने के मुद्दे को लेकर था। 

14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह जनरल लियू के सामने बैठे। दोनों सैन्य अधिकारी इससे पहले दो बार बातचीत कर चुके हैं। हालांकि दोनों ही बार कोई पुख्ता सकारात्मक नतीजे नहीं निकले। 

लियू के साथ बातचीत में भारत ने नहीं किया समझौता

इससे पहले सैन्य स्तर की बातचीत में जनरल लियू ने भारतीय सेना के पैंगोंग में 2-3 किलोमीटर पीछे हटने पर जोर दिया था। जिसे भारतीय सैन्य अधिकारी ने नहीं माना। मतलब साफ है कि चीन के आगे भारत किसी तरह के दबाव में नहीं है। भारत से साफ लफ्जों में समझाया कि फिंगर 8 पर एलएलसी का भारत का दावा है, जिसे हम छोड़ नहीं सकते। 

भारत सैन्य स्तर की वार्ता में चीन पर दबाव बना रहा है कि वो गलवान घाटी में 2 से 3 किलोमीटर पीछे हट जाये। जिसके लिए चीनी जनरल लिन लियू तैयार नहीं है। इसी तरह का दबाव डेपसांग और डेमचोक पोस्ट के लिए भारत दबाव बना रहा है। अब देखना है कि चीनी जनरल लियू को कब बुद्धि आती है और वो गतिरोध दूर करते हुए भारत की बात मान लेता है।

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