क्या -क्या झेलते हैं कोरोना पीड़ित, 39 साल की महिला ने रोते हुुए बताया इलाज के दौरान का दर्द

Healthy And Super Fit Mum From Uk Who Caught Coronavirus Warns australians - Sakshi Samachar

कोरोना वायरस की चपेट में आई थी तारा जेन स्टेंगन

लंदन की रहने वाली है तारा जेन लैंगस्टन

ऑस्ट्रेलियाई लोगों को दी वायरस बचने की सलाह

नई दिल्ली :  पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना महामारी से दहशत में हैं। अब तक पूरी दुनिया में 37 हजार से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, वहीं सात लाख से ज्यादा लोग इस महामारी से संक्रमित है। ज्यादातर देशो में इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों को अपने अपने घरों मे रहने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में कोरोना से ग्रस्त एक 39 साल की महिला जो कि इलाज के बाद  अब अपने घर वापस आ गई है। उन्होंने अपनी आपबीती शेयर की है   लोगों को इस वायरस बचने की सलाह भी दी है।
लंदन में रहने वाली 39 साल की तारा ने डेली मेल को दिए गए इंटरव्यू में बताया कि मैं कहूंगी, जो लोग मेरी मानसिकता की तरह नासमझ होने की सोच रहे हैं, वे शुरुआत में इसे और गंभीरता से लेते थे। क्योंकि अगर आप इस बीमारी के चपेट में आ जाते हैं तो यह आपके जीवन के सबसे दर्दनाक अनुभवों में से एक होगा।' उन्होंने बताया कि उन्होंने बीमारी के दौरान ऐसा महसूस किया है कि इस वायरस से संक्रमित होते ही आपको लगता है कि आप मरने वाले हैं।'

तारा ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई लोगों को वही बात जानने की जरूरत है जो ब्रिट्स को जानने की जरूरत है। वही बात जो हर देश को जानने की जरूरत है। जब से वह कोरोना से पीड़ित हुई उन्होने ऐसा महसूस किया कि जैसे वे ग्लास से सांस ले रही थी। बता दें कि वे मार्च के शुरुआती हफ्तों मे इस वायरस के चपेट में आई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने महसूस किया कि उनकी गैर-धूम्रपान जीवन शैली ने उन्हें COVID-19 महामारी से बचा लिया। 

आईसीयू में मेरे साथ दो अन्य मरीज थे, दोनों को इंट्रोड्यूस किया जा रहा था। इनमे से एक काफी बड़ा आदमी था जो करीब 50 से 60 साल की उम्र का होगा। उसके अलावा एक महिला भी थी जिसकी उम्र लगभग उस आदमी के बराबर थी। उन्होंने बताया कि मैं नहीं चाहती कि जिस दर्दनाक अनुभव से मैं गुजरी हूं उससे मरा सबसे बड़ा दुश्मन भी गुजरे। 
घर लौट चुकी हैं तारा
तारा 22 मार्च को ही इलाज कराने के बाद अपने घर लौट चुकी हैं। हालांकि अभी भी वह रिकवरी के लिए पूरी तरह एहतियात बरत रही हैं। वह अभी भी अपने पश्चिम लंदन के घर में सीढ़ियों पर चढ़ने में काफी दिक्कतें होती है। उन्होंने बताया कि मैं कोरोना वायरस को हराकर अपने घर लौट चुकी हूं। अपने बच्चों और पति को देखकर और घर आकर बहुत खुश हूं। 'मुझे घर आने की खुशी  है।

काफी वायरल हुआ था तारा का वीडियो
बता दें कि तारा 26 फरवरी को पोलैंड के क्राको में टूरिस्ट विजिट करने के बाद ही उन्हें इस बीमारी का अंदेशा हुआ। इसके बाद उन्होने टेस्ट कराया और वो टेस्ट पाॉजिटिव था। तारा जेन ने इसके बाद तारा को आइसोलेशन में रहने को कहा गया था। भर्ती होने के कुछ समय बाद ही एक वीडियो जिसे सैकड़ों बार देखा गया और अमेरिका, भारत और यूरोप के लोगों द्वारा देखा गया। उनका यह वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में तारा लोगों से अपील करती है कि कोई भी इस ख़तरनाक वायरस को हल्के में न ले। वीडियो में उन्होने बताया था कि उसे ICU में रखा गया है वो अपने हाथों में लगे तमाम फ्लुइड्स के एंट्री पॉइंट्स को दिखाती हैं और और सभी से कहती हैं कि वो सिगरेट वगैरह पीना छोड़ दें। वो कहती हैं, “मैं इंटेंसिव केयर यूनिट में हूं। इसके बिना मैं सांस नहीं ले सकती हूं। इन्हें (डॉक्टर्स को) मेरी नसों में इसे डालना पड़ा है और ये जो मेरी हालत है, ये पहले से 10 गुना बेहतर है। मुझे तो अब दिनों की संख्या भी नहीं याद है।”
क्या था वीडियो पोस्ट करने का मकसद
तारा ने बताया कि उनके वीडियो के पीछे का मकसद यह था कि युवा लोग इसे लेकर काफी असंवेदनशील हैं। आईसीयू में नर्सों को सिर से पैर तक ढंका जाता है, लेकिन वे सचमुच बिना रुके काम कर रहे हैं। वे बिना फेस मास्क के नहीं रहते। उन्होने बताया कि मेरे एडमिट होने के दूसरे दिन ही एक नर्स  मेरे वार्ड में आई, जो पूरी तरह प्लास्टिक किट से ढकी हुई थी।ऐसा लग रहा था मानों उसका चेहरा प्लास्टिक से ढका हुआ मानों  जैसे साफ प्लास्टिक के रैपर फूल आ गए हों। 'मुझे सिर्फ यह चिंता है कि जब यह वायरस खराब होने लगेगा तो वे दलदल में धंस जाएंगे।' मैं बहुत स्वस्थ था और मुझे नहीं लगता था कि मुझे कोई खतरा होगा। और उसके बाद उसने मुझे मारा। यह जानकर कि कुछ लोग नोटिस करेंगे और बेहतर देखभाल करेंगे, वीडियो को सभी के लिए सार्थक बनाता है। '

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