चीनी वैज्ञानिक ने खोला राज, "चीन ने छुपाई दुनिया से कोरोना की जानकारी, जान बचाने के लिए भागी"

Chinese Scientist Claims, China Hide Coronaviurs Information - Sakshi Samachar

चीन ने दुनिया से छुपाई कोरोना वायरस की जानकारी

चीनी वैज्ञानिक डॉ. ली मेंग ने किसी तरह बचाई अपनी जान

समय से मिलती जानकारी तो बच सकती थी लाखों लोगों की जान

बीजिंग : चीन पर कोरोना वायरस महामारी के फैलाने और उससे जुड़े तथ्यों को छुपाने के आरोप लगते रहे हैं। इस बार एक प्रमुख चीन की वैज्ञानिक ने आरोप लगाया है कि चीन ने जब दुनिया को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी दी, उससे कहीं पहले चीन को इस बात की जानकारी थी, जिसे छुपाया गया है। चीनी वैज्ञानिक डॉ. ली मेंग किसी तरह से अपनी जान बचाकर अब अमेरिका पहुंची हैं।

महिला वैज्ञानिक डॉ. ली मेंग यान ने कहा कि उनके रिसर्च को नजरअंदाज किया गया है। अगर सुपरवाइजर ने रिसर्च को नकारा नहीं होता तो आज इस वायरस से इतने लोगों की जान नहीं जाती। डॉ. ली मेंग यान उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल थीं, जिन्हें कोरोना वायरस की सबसे पहले जानकारी थी।

पकड़े जाने पर था जान का खतरा

हॉन्गकॉन्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी की एक्सपर्ट रहीं वैज्ञानिक डॉ. ली मेंग यान हॉन्गकॉन्ग से भागकर अप्रैल में अमेरिका चली गईं थीं। ली मेंग यान ने बताया कि उन्होंने कैंपस से निकलने के दौरान काफी सावधानी बरती थी। अगर वह सीसीटीवी कैमरे या फिर किसी की नजर में आ जातीं तो उन्हें या तो जेल में डाल दिया जाता या फिर कहीं और छुपा दिया जाता।

अमेरिका में जाकर खोला राज

एक अमेरिकी टीवी चैनल से बात करते हुए ली मेंग यान ने कहा कि फिलहाल वह एक अज्ञात जगह पर हैं। हालांकि अभी भी उन्हें परेशान किया जा रहा है और तरह-तरह के अटैक किए जा रहे हैं। वैसे आपको बता दें यह पहला मौका नहीं है जब चीन की चालबाजी सामने आई है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और खुद डब्ल्यूएचओ ने चीन पर कोरोना वायरस फैलाने का संदेह जताया है।

सात साल पहले मिला था कोरोना वायरस

एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन ने साल 2013 में एक ऐसे वायरस की जानकारी छुपाकर रखी जिसके कोरोना से मिलते-जुलते गुण थे। द टाइम्स डॉट को डॉट यूके (The Times.co.uk) की रिपोर्ट के अनुसार, आज से सात साल पहले यानी 2013 में वायरस स्ट्रेन का पता चला था। यह वायरस इस वक्त के कोरोना वायरस के सबसे नजदीकी माना जाता है। लेकिन इस बात की जानकारी चीन ने छुपाकर रखी हुई थी।

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