Article 370 : बौखलाए पाकिस्तान की राजनीतिक मूर्खता, जानिए क्यों चीन कर रहा समर्थन ?

china support pakistans political stupidity on kashmir issue related with article 370  - Sakshi Samachar

बौखलाए पाकिस्तान की राजनीतिक मूर्खता

चीन कर रहा धारा 370 मामले पर समर्थन

नई दिल्ली : कश्मीर में धारा 370हटाए जाने के पांच अगस्त को एक साल पूरे हो चुके हैं। धारा 370 हटाए जाने के बाद से ही इस मुद्दे को लेकर पिछले एक साल से राग अलापता रहा है, जिसकी पराकाष्ठा धारा 370 के एक साल पूरा होने के ठीक एक दिन पहले देखने को मिली है। पाकिस्तान ने 4 अगस्त को अपना नया राजनीतिक नक्शा जारी किया है। कैबिनेट से नक्शा पास होने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे ऐतिहासिक दिन करार दिया। 

इस पूरे घटना क्रम को अगर देखा जाए तो साफ तौर पर 'खिसियानी बिल्ली खंबा नोंचे ' कवाहत चरितार्थ होती नजर आ रही है।  पाकिस्तान ने दुनिया की नजरों में खुद को नीचा दिखाने के लिए गुस्ताखी भरा एक और कदम आगे बढ़ाया है। पाकिस्तान ने जो राजनीतिक नक्शा जारी किया है उसमें  कश्मीर को तो शामिल दिखाया ही है वहीं लद्दाख, सियाचिन, समेत गुजरात के जूनागढ़ तक को अपना हिस्सा बताया है। दरअसल पाकिस्तान कश्मीर में धारा 370 को हटाए जाने के बाद से ही बौखलाया हुआ है।

पाकिस्तान के समर्थन में उतरा चीन
वहीं अब चीन भी पाकिस्तान के समर्थन में आगे आ गया है। चीन ने कश्मीर मामले पर भारत की नीति को अवैध करार दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारत की आलोचना की है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी करते हुए कहा गया है कि भारत ने कश्मीर में एकतरफा फैसले के जरिए यथा स्थिति में जो बदलाव किया है वह गैर कानूनी है। उस वक्त भी चीन ने आपत्ति जताई थी जब भारत ने पिछले वर्ष धारा 370 को हटाया था । 

चीन ने कहा कि कश्मीर के हालात पर है नजर

आपको बतादें बुधवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और पाकिस्तान से जुड़े मसलों पर कई सवाल पूछे गए, जिस पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने ज्यादतर मुद्दों पर पाकिस्तान का समर्थन किया, इसके साथ ही कहा कि चीन की नजर लगातार कश्मीर पर बनी हुई है। वहीं एक सवाल के जवाब में वांग वेनबिन ने दोहराया कि कश्मीर के मामले पर चीन का रुख बिलकुल साफ है। वांग ने आगे कहा है कि, कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान बीच हमेशा से  विवादित मसला रहा है और इस बात का उल्लेख संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और दोनों देशों के द्विपक्षीय समझौतों में भी है। 

चीन के बयान पर भारत ने जताई कठोर आपत्ति

जिसके बाद चीन के इस बयान पर भारत सरकार की ओर से कठोर आपत्ति जताई गई है। भारत ने इस बात को दोहराया है कि दूसरे देशों के आंतरिक मामले में चीन को टिप्पणी नहीं करना चाहिए। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से चीन को हिदायत दी गई है कि चीन को इस मामले पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।  

एलएसी पर नहीं चली दादागिरी तो अब चीन की नई चाल
गौरतलब है पिछले कुछ दिनों से चीन एलएसी पर दादागिरी दिखाने की कोशिश करता रहा है। लेकिन वहां पर भारत ने चीन की एक नहीं चलने दी। जिसके चलते चीन को अपने सैनिकों को पीछे बुलाना पड़ा है। अपनी दादागिरी नहीं चलने पर चीन पहले से ही बौखलाया हुआ है। जिसके बाद उसने भारत पर दबाव बनाने के लिए नई चाल चल दी है, इसी कड़ी में वह पाकिस्तान का परोक्ष रूप से समर्थन कर रहा है। 

क्यों बौखलाया है पाकिस्तान ?

आइए आपको समझाते हैं कि आखिर पाकिस्तान धारा 370 को हटाए जाने के बाद क्यों बौखलाया हुआ है? दर असल धारा 370 हटाए जाने के बाद, वहां से दोहरी नागरिकता का प्रावधान खत्म हो गया है। कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में इसका हमेशा से फायदा पाकिस्तान परोक्ष रूप से उठाता रहा  है। दोहरी नागरिता प्राप्त लोगों के जरिए कहीं न कहीं आतंकी गतिविधियों को आसानी से अंजाम दिया जा रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। 

भारत के तीन पड़ोसियों ने बढ़ाई चिंता
देखा जाए तो मौजूदा दौर में भारत के लिए उसके तीन पड़ोसी देश ही चिंता बढ़ाने का काम कर रहे हैं। एक तरफ एलएसी पर चीन अपनी हेकड़ी से बाज नहीं आ रहा है, और मौका पा कर उस क्षेत्र की जमीन पर अपना कब्जा जमाना चाह रहा है। वहीं पाकिस्तान ने नया राजनीतिक नक्शा जारी कर भारत पर दबाव बनाने की हास्यास्पद कोशिश की है। तो वहीं सूप तो सूप चलनी भी बोले की कहावत को चरितार्थ करते हुए नेपाल ने भी हेकड़ी दिखाई  है। नेपाल ने भी हाल ही में नेपाल ने अपने विवादित नक्शे को मंजूरी दी,  जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को शामिल बताया गया है। पिछले 20 मई को नेपाल ने इस विवादित नक्शे को पारित  किया था। 

भारत पर नहीं पड़ेगा दबाव का असर 

हालांकि भारत इतना कमजोर भी नहीं की इन पड़ोसी देशों की धौंस में किसी तरह के दबाव में आ जाए। लेकिन मौजूदा हालात तो यही दर्शा रहे हैं कि भारत के इन पड़ोसियों की राय भारत के प्रति ठीक नहीं है। अब ये सोचने वाला विषय है कि क्या पाकिस्तान और नेपाल जैसे देश चीन के प्रभाव में आकर इस तरह की हरकत कर रहे हैं। 

-विमल श्रीवास्तव, वरिष्ठ सब एडिटर, साक्षी समाचार 

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