कौन है जाकिर नाईक, कैसे बना मुस्लिम युवाओं का चहेता, जानें उनसे जुड़ी बातें

Who Is Zakir Naik Know The Preacher On His Birthday   - Sakshi Samachar

हैदराबाद :  विवादित इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक करीब चार साल पहले भारत छोड़कर मलेशिया चले गए और वहीं अपनी नई ज़िंदगी शुरू की थी।  इसके बाद से वो कभी-कभार मोदी सरकार और हिंदू समाज की आलोचना को लेकर चर्चा में रहते हैं। अभी वो मलेशिया में ही रह रहे हैं। 

18 अक्टूबर 1965 में मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाके डोंगरी में पैदा होने वाले जाकिर नाइक के घर में कई लोग डॉक्टर हैं। उनके पिता और भाई दोनों डॉक्टर हैं। साल 1991 में अपनी मेडिकल पढ़ाई छोड़ने के बाद उन्होंने इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की थी। मुंबई में इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल चलाते थे, जिसमें दो बेटी बेटा पढ़ते हैं। पत्नी फरहत महिला विंग प्रमुख है स्कूल की। 

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकवादी हमले के बाद मुस्लिम धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाईक विवादों में है। डॉ. नाईक पीस टीवी नामक एक इस्लामी चैनल का संस्थापक है जिसका अनेक देशों में प्रसारण होता था। फिलहाल भारत सरकार ने इस पर रोक लगा दी। बताया जाता है कि जाकिर को बचपन में ही कुरान की आयतें कंठस्थ हो गई थीं। उसके बाद उसने मेडिकल की पढ़ाई की।

अपने पिता अब्दुल करीम नाईक की मदद से डोंगरी में एक इस्लामिक स्कूल की नींव रखी। डॉ. जाकिर के पिता का महाराष्ट्र के बड़े नेता शरद पवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अब्दुल रहमान अंतुले से जान पहचान थी। इसके बल पर जाकिर का इस्लामिक स्कूल चल निकला। उसके बाद उसने कई मदरसे खोले। साल 1991 में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना कर वह मदरसों में मुस्लिम युवाओं को शिक्षा देने लगा। 

उसके बाद जाकिर कुछ ही दिनों में खुद को इस्लाम का स्कॉलर कहलवाने लगा। इस तरह जाकिर का मजहबी दायरा बढ़ता गया। वह बीते 20 सालों में 30 से ज्यादा देशों में दो हजार से अधिक व्याख्यान दे चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक व्याख्यान देने वाले जाकिर के पास सऊदी अरब, बहरीन आदि इस्लामिक देशों से बड़ी रकम पहुंचने लगी। उसके बाद उसने इस्लामिक धर्मगुरु के रूप में खुद को स्थापित कर लिया। इनदिनों जाकिर नाइक मलेशिया में रह रहा है। वो वहां क्या कर रहा है किसी को कुछ पता नहीं। लेकिन समय-समय पर उसके प्रत्यर्पण की बात होती है। 

कहा जाता है कि मलेशिया में मलय समुदाय में ज़्यादातर लोग ज़ाकिर नाइक का समर्थन करते हैं। मलेशिया की 3.3 करोड़ आबादी में से 65 फीसदी आबादी मलय समुदाय की है। इस समुदाय में ज़्यादातर लोग मुस्लिम धर्म को मानने वाले हैं। मलेशिया में 20 फ़ीसदी लोग चीनी हैं जो कि बौद्ध धर्म को मानते हैं। सात फीसदी लोग भारतीय मूल के हैं जिनमें से ज़्यादातर तमिल हिंदू हैं।  जानकार बताते है कि जाकिर नाइक जब तक मलेशिया में है सुरक्षित है। 

Advertisement
Back to Top