एम एफ हुसैन : एक पेंटर जिसके प्यार और इकरार में गहरा था फासला

Special Story On MF Husain Birthday - Sakshi Samachar

निर्देशक बनना चाहते थे हुसैन

माधुरी के प्रशंसक रहे है हुसैन

हैदराबाद : कलाकार की कला की तुलना किसी भी मायनों मे नहीं कि जा सकती क्योंकि वो अपने आप में ही खास होती है। कहते हैं कि एक अच्छा चित्रकार समाज के हर पहलू को अपने चित्रों में जीवंत कर सकता है। कलाकार किसी आलोचना या तारीफ का मोहताज नहीं होता, वह बस अपने दिल से उस कला को निखारता है। भारत का पिकासो कहे जाने वाले एम.एफ हुसैन का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 17 सितंबर, 1915 को महाराष्ट्र के छोटे से कस्बे पंढारपुर में हुआ था।  एक छोटे से कस्बे से निकलकर अपने सपनों को जीना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। उन्हें पद्मश्री, पद्मविभूषण, पद्मभूषण जैसे अवॉर्ड मिल चुके हैं आइए जानते है उनके संघर्ष से जुड़ी कुछ खास बातें। 

निर्देशक बनना चाहते थे हुसैन

अपने करियर के शुरूआती दिनों में हुसैन ने भी कई पापड़ बेले हैं। हुसैन संघर्ष के दिनों में फिल्मों के लिए होर्डिंग बनाया करते थे लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब निर्माता अहसान मियां ने उन्हें बाहर का दरवाजा दिखा दिया था। चित्रकला हुसैन का पहला प्यार नहीं थी बल्कि वह तो सिनेमा के लिए दीवाने थे। वह मोहब्बत तो सिनेमा से करते थे लेकिन इश्क का इजहार उन्होंने चित्रकारी से किया। 

वह मुंबई भी इसलिए गए थे कयोंकि वह निर्देशक बनना चाहते थे। शुरु में मुंबई में अपना खर्च चलाने के लिए वह बिलबोर्ड बनाने का काम करते थे। होर्डिंग बनाते समय ही हुसैन का चित्रकला के लिए प्यार जागा और फिर उन्होंने अपना पूरा ध्यान इसी तरफ लगा दिया। 1940 में उन्हें अपने बनाए चित्रों की वजह से राष्ट्रीय रूप से पहचान मिली। उनकी पहली एकल प्रदर्शनी 1952 में ज्यूरिख में हुई। इसके बाद यूरोप और अमेरिका में उनकी कलाकृतियों की अनेक प्रदर्शनियां लगीं।

माधुरी के प्रशंसक रहे है हुसैन

जिनकी चित्रकला की पूरी दुनिया दीवानी थी वो एम.एफ हुसैन धक धक गर्ल माधुरी का दीवाना था। माधुरी की फिल्म 'हम आपके हैं कौन' हुसैन ने 67 बार देखी थी। इस फिल्म को देखने के बाद हुसैन ने उनके ऊपर पेंटिंग की पूरी सीरीज बना डाली थी। हालांकि जब हुसैन 85 साल के थे तब उन्होंने अपन निर्देशक बनने का सपना भी पूरा किया और साथ ही अपनी पसंदीदा एक्ट्रेस माधुरी को भी अपनी फिल्म में कास्ट किया। इस फिल्म का नाम था 'गजगामिनी'।

इस फिल्म के लिए बुक कर दिया था पूरा सिनेमा हॉल 

हुसैन की दीवानगी का आलम सात साल बाद उस समय भी कायम रहा जब माधुरी दीक्षित ने ‘आजा नचले’ के साथ बॉलीवुड में दोबारा एंट्री की। हुसैन उन दिनों दुबई में थे और उन्होंने दोपहर के शो के लिए दुबई के लैम्सी सिनेमा को पूरा अपने लिए बुक करा लिया था। 

सिर्फ माधुरी ही नहीं हुसैन तब्बू, विद्या बालन और अमृता राव के भी प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने तब्बू के साथ फिल्म बनाई थी, जिसका नाम था 'मीनाक्षी: अ टेल ऑफ थ्री सिटीज'। वहीं हुसैन अमृता को फिल्म 'विवाह' में देखकर फिदा हो गए, जिसके बाद हुसैन ने फैसला किया कि वे उनकी पेंटिंग बनाएंगे। यही नहीं, अमृता के जन्मदिन पर हुसैन ने उन्हें तीन पेंटिंग गिफ्ट की थीं, जिनकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जाती है। 

 हुसैन के विवादित पेटिंग्स

- 2006 में इंडिया टुडे मैगजीन के कवर पेज पर भारत माता की एक नग्न तस्वीर की वजह से हुसैन की काफी आलोचना हुई था। हिंदू देवी-देवताओं की अश्लील पेंटिंग्स बनाने का आरोप लगा। जिसके बाद कुछ हिंदू संगठनों का उन्हें विरोध का शिकार होना पड़ा। अश्लील पेंटिंग बनाने के विरोध में हुसैन के खिलाफ देश भर में कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए। उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुए। 1998 में हिंदू संगठनों ने हुसैन के घर पर हमला किया और वहां रखी दूसरी तस्वीरों को नष्ट कर दिया था।

अंतिम समय में देश के बाहर बिताया जीवन

- 2006 में हुसैन पर लगातार विरोध प्रदर्शन, मुकदमे हुए, उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिलने लगीं। इन सबसे हुसैन इतना दुखी हुए कि उन्होंने भारत छोड़ दिया और वो लंदन और दोहा में रहने लगे।  2010 में उन्हें कतर की नागरिकता मिल गई। अपनी आखिरी सांस भी हुसैन भारत में न ले सके, 9 जून 2011 को लंदन में उनकी मौत हो गई।

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