तिरंगे वाले मास्क का करें बहिष्कार, लालची व्यापारियों ने शुरू कर दिया देशभक्ति का कारोबार

Say No to Tiranga Mask and Tri Colour Mask on Independence day - Sakshi Samachar

तिरंगे वाले मास्क का बहिष्कार करें

ऐसा करने वालों का विरोध करें

#SayNoTirangaMask

हैदराबाद : कुछ लालची लोगों ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर को भी भुनाने के लिए देश की शान कहे जाने वाले तिरंगे को भी अपमानित करने का मन बना लिया है। पर एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में लोगों को ऐसे किसी मास्क का बहिष्कार करना चाहिए ताकि देशभक्ति का व्यापार करने वाले लोगों को सबक सिखाया जा सके।

बाजारों में देखा जा रहा है कि कुछ लालची डिजाइनरों व व्यापारियों ने अबकी बार कोरोना के समय में लोगों को तिरंगे वाला बेचने की योजना बनायी है और बाजार में अलग अलग तरह के तिरंगे वाले कलर के मास्क बनाकर उतार भी दिया है। इस देशभक्ति के अवसर पर भी कुछ पैसे कमाने के चक्कर में तिरंगे रंग का अपमान करने की इस योजना को हमें कामयाब नहीं होने देने चाहिए और ऐसे लोगों के मास्क का बहिष्कार करना चाहिए। 

बाजार में तिरंगे वाले रंग के मास्क पर तरह तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं ताकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को इसे बेच कर चंद पैसे कमाए जा सकें। पर इसे बनाने और बेचने वाले शायद यह भूल गए कि वह जिस तिरंगे वाले मास्क को बेच रहे हैं उसे लोग नाक और मुंह पर लगाकर उसका अपमान ही करेंगे। इतना ही नहीं लोग इसका उपयोग करने के बाद इसे डस्टबिन में भी फेंक देंगे। इससे तिरंगे का सम्मान होगा या अपमान होगा। इसके बारे में थोड़ा जरूर सोचिएगा। उसी हिसाब से फैसला करिएगा। 

क्या क्या कह रहे लोग.....

शरद दीक्षित का कहना है...

"हर साल देखने को मिलता है कि 15 अगस्त के कार्यक्रमों के बाद तिरंगे को लोग फेंक देते हैं। तिरंगा सड़कों और नालियों में नजर आता है। यह घोर अपमान है। जब लोग तिरंगे को सम्मान न दे सकें तो उन्हें तिरंगे को फैशन की तरह इस्तेमाल से भी रोका जाना चाहिए।"

पेशे से शिक्षिका वत्सला पाठक ने कहा..

"यह देशभक्ति नहीं , देशभक्ति का व्यापार है। अगर हम खरीदते व पहनते हैं तो इस गलत काम में शामिल हैं। इसलिए हमें इसका बहिष्कार करना चाहिए और इसको बनाने वाले व बेचने वाले लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। "

एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा...

"ये सिर्फ एक झंडा नहीं हमारा गौरव है, क्या कोई अपनी शान को एक मास्क के रूप में इस्तेमाल में लाता है, जिसको (मास्क)  बाद में कूड़े में फेंक देते हैं, मैं इसका पूर्ण रूप से विरोध करता हूँ।"

 एक अध्यापक ने कहा...

" इस मास्क को लगाकर लोग खांसेंगे और छीकेंगे और उसका उपयोग करने के बाद उसे डस्टबिन में फेंक देंगे। तो क्या यह तिरंगे कलर का अपमान नहीं होगा। जिसे हम लोग आजीवन सम्मान के साथ देखते हैं और उसका आदर करते हैं उसे हम मास्क के रूप में अपनाकर कूड़े में फेंकने का सामान बना रहे हैं। बहुत निंदनीय है।"

 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरके चतुर्वेदी बोले...

"तिरंगे की अपनी गरिमा है और इसके इस्तेमाल कहीं भी और कैसे भी करना कानूनी व नैतिक रूप से गलत है। सम्मान करने वाली चीज का सम्मान होना चाहिए। यह एक भारतीय नागरिक के रूप में बहुत जरूरी है।"

शिक्षिका अनुरागिनी सिंह ने कहा..

 " तिरंगे मास्क का विरोध करती हूं।  यह तिरंगे का अपमान ही कहूंगी क्योंकि हम जब मास्क लगाकर बात करते हैं तो मुख से बोलते समय कुछ थूक (froth) भी निकलता ही है। ऐसे में मास्क रूपी तिरंगे में यह लगे बिल्कुल भी उचित नहीं।साथ ही जब हम मास्क लगाकर रखते है तो पसीना भी बहुत आता है और वह पसीना भी मास्क पर लगे यह भी एक तरह का अपमान है।कुछ भी खाना या पानी पीना भी ऐसे मास्क को लगाकर उचित नहीं। मुझे नहीं लगता कि जो भी देश से प्रेम करता है वो इस मास्क को लगाना चाहेगा। हम हमारे तिरंगे से प्यार करते है उसका सम्मान करते है। इसलिए इसका ऐसा उपयोग बिल्कुल भी उचित नहीं"

विद्यालय के प्रबंधक पत्रकार आशीष विद्यार्थी बोले..

          "मेरी राय में यह उचित नहीं है। जिस तरह हम ईश्वर की प्रतिमा या पूजन सामग्री को जूठा नहीं कर सकते। ठीक वैसे ही तिरंगा भी हमारे लिए उतना ही पवित्र है।"

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