कोरोना वायरस : लॉकडाउन के बाद कुछ इस तरह बदल जाएगी लोगों की जिंदगी

People lifestyle During Lockdown - Sakshi Samachar

पूरे देश में लागू है 21 दिनों का लॉकडाउन

राज्य सरकारों की सिफारिश पर केंद्र और आगे बढ़ा सकता है बंद का फैसला

लॉकडाउन के दौरान और बाद में लोगों की जिंदगी में आएंगे कई परिवर्तन

पूरे विश्व में कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर जारी है। कोरोना वायरस से संक्रमित और मरने वालों की संख्या में लगातात बढ़ोतरी हो रही है। कोविड-19 के संक्रमितों की संख्या लाखों में और मरने वालों में हजारों में हैं। भारत में भी आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना का कहर कब खत्म होगा, यह अभी तक कोई नहीं बता सका है। विश्व के तमाम वैज्ञानिकों को अब तक इस महामारी की दवा खोजने में सफलता नहीं मिली है। फिर भी कोरोना वायरस की दवा खोजने के प्रयास जोरों पर है। कुछ शोध संस्थाओं ने कोविड-19 की दवा को तैयार किये जाने का भी दावा किया है। मगर इस दवा को बाजार में उपलब्ध कराने के लिए कुछ समय लगने की संभावना व्यक्त की है। ऐसे हालत में पूरा विश्व कोरोना के चपेट आकर तिलमला रहा है। 

कोरोना वायरस का जीवन काल

अब तक आई रिपोर्टों से स्पष्ट होता है कि कोरोना वायरस आंखों को नहीं दिखने वाली बीमारी/वायरस है। यह एक संक्रमण वायरस है। फिर भी कोरोना वायरस पर जंग जीता जा सकता है। बशर्ते हर व्यक्ति को सोशल डिस्टेंस का पालन करना जरूरी है। क्योंकि कोरोना वायरस का जीवन 8 से 14 घंटे आंका गया है। इसके बाद वायरस मर/खत्म हो जाता है। मगर यह उतना आसान नहीं हैं। क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति में इसके लक्षण 14 से 20 दिन बाद पता चलता है। अर्थात कोरोना संक्रमित व्यक्ति इस दौरान जिसे भी मिलता है वह व्यक्ति भी कोरोना वायरस की चपेट में आ जाता है। अब तक मिली जानकारी से स्पष्ट हुआ है कि एक संक्रमित व्यक्ति इन 14 से 20 दिन में कम से कम 69 हजार लोगों को कोरोना वायरस से ग्रसित कर सकता है। 

लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस

इसी बात को ध्यान में रखते हुए गहन अध्ययन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस का पालन करने का लोगों को निर्देश दिया है। इसी क्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री ने इसका पालन करने का संकल्प लिया है। भारत के इस पहल की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है। वहीं विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका कोरोना वायरस के चपेट में आकर तिलमिला रहा है। क्योंकि अधिक जनसंख्या वाले हमारे देश में जो भी कोरोना के आंकड़े आये हैं वह अमेरिका और अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। 

महामारी का अंत

कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस कब खत्म होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। क्योंकि यह एक महामारी है। महामारी के अंत की कोई सीमा निर्धारित नहीं होती है। लॉकडाउन मात्र कोरोना को रोकने या मारने का उत्तम उपाय है तथा सोशल डिस्टेंस कोरोना से बचने और बचाने का महत्वपूर्ण कदम है। जब तक कोरोना वायरस की दवा बाजार में नहीं आती है, तब तक दुनिया के सामने अब यही एक मात्र उत्तम उपाय बचे हैं।

लॉकडाउन के चलते बदले हालात

देश में लॉकडाउन के चलते हालात बदल गए हैं। कई ऐसे लोग हैं जो अपनों से दूर है तो कई घर के पास भी रहकर नहीं पहुंच पा रहे हैं। घरों में रहने को मजबूर लोगों के सामने रोजगार और खाने-पीने जैसी समस्याएं भी मुंह खोले खड़ी है। 

लॉकडाउन की जंजीर

दूसरी ओर लॉकडाउन के कारण प्रदेश और देश को लाखों करोड़ों का नुकसान हो रहा है। सामान्य लोगों की जिंदगी चरमरा गई है। यह हालत ज्यादा दिन नहीं रह सकते हैं। अर्थात आज नहीं तो कल सरकार के निर्देश के अनुसार लॉकडाउन की जंजीर से निकलकर लोगों को बाहर आना है। जब हम लॉकडाउन से बाहर आएंगे तब हमारी जीवन शैली बदल चुकी होगी। पार्कों में प्रेमी-प्रेमिकाओं का घुमना फिरना कम दिखाई देगा। यदि जाएंगे तो भी पार्कों में सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा। मुंह पर मास्क और हाथ में सैनिटाइजर होंगे। पहले जैसा गुलाब के फूल प्रेमी या प्रेमिका के हाथों में दिखाई नहीं होंगे। चुंबन लेना मना हो जाएगा। क्योंकि सबके चेहरे मास्क से ढके होंगे और हाथ को सैनिटाइजर से बार-बार साफ करते रहना है। और ऐसा होनी भी चाहिए।

'बुरखा' जैसे ड्रेस

इतना हीं नहीं अब हमें रेलवे, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सिनेमा हॉल, पार्क्स और शॉपिंग मॉलों में सबको मास्क और सैनिटाइज के साथ जाना और आना होगा। कुछ दिन बाद हर मर्द के लिए 'बुरखा' जैसे ड्रेस मार्केट में आये तो भी आश्चर्य करने की कोई बात नहीं है। कोरोना से बचने और बचाने के लिए यह बहुत जरूरी भी है। क्योंकि तेज रफ्तार के इस युग में इंसान को आगे बढ़ना और बढ़ाना है। किसान को खेत में जाना है और फसल बोना है। इसके बाद फसल को मार्केट में बेचना और खरीदना है। कर्मचारी को कार्यालय जाना और आना है। मजदूर को रोजी-रोटी के चक्कर में दर-दर भटकना है। शहर और नगर में रहने वालों को अनाज और सब्जी की आपूर्ति करनी और होनी है। 

सुंदर मेकअप नहीं दिखेगा

कुल मिलाकर लॉकडाउन के खत्म होने के बाद देश और दुनिया के लोगों का पहले जैसा सुंदर चेहरा अब दिखाई नहीं देगा। महिला के माथे के चेहरे का सुंदर मेकअप और बाल में फूल दिखाई नहीं देगे। पुरुष के आहांकर की निशानी मूंछ भी अब किसी को दिखाई नहीं देगी। कार्यालय और काम पर से घर लौटकर आने के बाद हर व्यक्ति को बदन पर के कपड़े उतार कर अलग रखना या गरम पानी में डालना होगा। साबुन से स्नान करने के बाद ही घर में प्रवेश दिया जाएगा या मिलेगा। 

-के राजन्ना, हैदराबाद

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