International Ozone Day 2020 : धरती पर जीवन के लिए कितना जरूरी है ओजोन परत, जानें क्यों मनाया जाता है ओजोन दिवस !

International Ozone Day 2020 Know Why Celebrated Ozone Day  - Sakshi Samachar

ओजोन परत का निर्माण और नुकसान

क्यों मनाया जाता है ओजोन दिवस 

क्या है ओजान परत

हैदराबाद :  आज अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस है। विश्व ओजोन दिवस हर साल 16 सितंबर को मनाया जाता है। ओजोन दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण के लिए लोगों को जागरुक करना है। इस मौके पर स्कूलों, कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

ओजोन परत,ओजोन अणुओं की एक परत है जो 20 से 40 किलोमीटर के बीच के वायुमंडल में पाई जाती है। ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वाइलट किरणों से बचाने का काम करती है। ओजोन परत के बिना जीवन सकट में पड़ सकता है, क्योंकि अल्ट्रा वाइलट किरणें अगर सीधा धरती पर पहुंच जाए तो ये मनुष्य, पेड़-पौधों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकती है। ऐसे में ओजोन परत का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। 

 ओजोन परत का निर्माण और नुकसान

ओजोन परत का निर्माण ऑक्सिजन के तीन एटम से मिलकर होता है। यह बहुत अधिक प्रतिक्रियाशील गैस है और इसे O3 के जरिए प्रजेंट किया जाता है। इसका निर्माण प्राकृतिक रूप से भी होता है और ह्यूमन ऐक्टिविटीज से भी। ओजोन परत को इंसानों द्वारा बनाए गए कैमिकल्स से काफी नुकसान होता है। इन कैमिकल्स से ओजोन की परत पतली हो रही है। फैक्ट्री और अन्य उद्योग से निकलने वाले कैमिकल्स हवा में फैलकर प्रदूषण फैला रहे हैं। ओजोन परत के बिगड़ने से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में अब गंभीर संकट को देखते हुए दुनियाभर में इसके संरक्षण को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।  

क्यों मनाया जाता है ओजोन दिवस 

साल 1985 में सबसे पहले ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन परत में एक बड़े छेद की खोज की थी। वैज्ञानिकों को पता चला कि इसकी जिम्मेदार वक्लोरोफ़्लोरोकार्बन गैस है। जिसके बाद इस गैस के उपयोग को रोकने के लिए दुनियाभर के देशों में सहमति बनी और 16 सितंबर 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किया गया था। जिसके बाद से ओजोन परत के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 1994 में 16 सितंबर की तारीख को  'अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस' मनाने का ऐलान किया। पहली बार विश्व ओजोन दिवस साल 1995 में मनाया गया था। जिसके बाद हर साल 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाने लगा। 

क्या है ओजान परत

ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल की एक परत है। ओजोन लेयर हमें सूरज से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है। ओजोन की परत की खोज 1913 में फ्रांस के भौतिकविदों फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने की थी। ओजोन (O3) आक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली एक गैस है जो वायुमण्डल में बहुत कम मत्रा 0.02 प्रतिशत में पाई जाती हैं।  धरती से 30-40 किमी की ऊंचाई पर ओजोन गैस का 91 प्रतिशत का हिस्सा एकसाथ मिलकर ओजोन की परत का निर्माण करता है।

  

खुद ही ओजोन परत मिटाने में लगे हैं लोग

धरती पर जीवन को पनपने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है। जो चीज इंसान को कड़ी मेहनत और प्रकृति से फलस्वरूप मिली है उसे आज खुद इंसान ही मिटाने पर लगा हुआ है। लगातार प्रकृति के कार्यों में हस्तक्षेप कर इंसान ने खुद को प्रकृति के सामने ला खड़ा किया है जहां प्रकृति उसका विनाश कर सकती है। जंगलों, वनों की कटाई कर असंतुलन पैदा किया जा रहा है। गाड़ियों ने हवा को प्रदूषित कर कर दिया है तो वहीं उस जल को भी इंसान ने नहीं बख्शा जिसकी वजह से धरती पर जीवन संचालित होता है। इसलिए इस परत को बचाने के लिए ज़रूरी है कि फोम के गद्दों का इस्तेमाल न किया जाए। प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम हो।

ओज़ोन परत को बचाने की कवायद का ही परिणाम है कि आज बाज़ार में ओज़ोन फ्रेंडली फ्रिज, कूलर आदि आ गए हैं।

Advertisement
Back to Top