भारत का तीसरा बड़ा सैन्य अवॉर्ड है वीर चक्र, दिलचस्प है इसके मिलने का नियम

Independence Day 2020 Know About Vir Chakra Award  - Sakshi Samachar

साल में दो बार दिए जाते हैं यह अवॉर्ड

वीरता के लिए सेना से जुड़े जवान और सदस्यों को मिलता है यह मेडल

स्वतंत्रता दिवस के मौके वीरता पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। सेना में  ये पुरस्कार सैनिकों को उनकी असाधारण बहादुरी के लिए दिए जाते हैं। उन्हीं में से एक है वीर चक्र। वीर चक्र भारतीय सैन्य मैडल का तीसरा बड़ा पुरस्कार है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर Sakshi Samachar आपको बताने जा रहा है कि वीर चक्र से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स के बारे में।

कैसे हुई सेना में पुरस्कारों के मिलने की शुरुआत ?
अंग्रजों की गुलामी के जंजीरों से आजादी पाने के बाद भारत सरकार ने 26 जनवरी 1950 को 3 पुरस्कारों की शुरूआत की थी। इन पुरस्कारों के नाम हैं परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र इन्हें 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया था। वीरता के लिए दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार परमवीर चक्र है जबकि वीर चक्र तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। वीर चक्र की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी। 

कब दिए जाते हैं ये वीरता पुरस्कार
ये वीरता पुरस्कार साल में दो बार दिए जाते हैं। पहला स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दूसरा है गणतंत्र दिवस के मौके पर ये पुरस्कार सेना के बहादुर जवानों के दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों का वरीयता क्रम है परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र। 

क्या होता है वीर चक्र
वीर चक्र दुश्मन के खिलाफ पृथ्वी, जल और आकाश में असाधारण प्रतिभा दिखाने वाले जाबाज सिपाहियों को दिया जाता है। वीर चक्र 16एमएम नीले और 16एमए केसरिया रंग के रिबन के साथ पहना जाता है। इस मेडल को को मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। देखने में यह गोल आकार का होता है। यह मेडल स्टैंडर्ड सिल्वर का बना हुआ होता है।  मेडल के उपरी हिस्से में स्टार की छवि उकेरी गई है। वहीं मेडल के मध्य हिस्सा जो कि गोल्ड प्लेटेड है में राज्य का प्रतीक उकेरा गया है। इस मेडल के नीचले हिस्से यानी पिछले भाग में  हिन्दी और अंग्रेजी शब्दों के बीच में दो कमल के फूलों के साथ वीर चक्र लिखा हुआ है। इसकी फिटिंग घुमाऊ उभार वाली है। वीर चक्र का फीता आधा नीले रंग का और आधा नारंगी रंग का है।

बार- इस मेडल को पाने का एक खास नियम यह है भी कि अगर कोई वीर चक्र विजेता दोबारा अपनी बहादुरी की प्रतिभा दिखाता है तो उसे यह मेडल दोबारा मिलता है। साफ शब्दो में अगर इसे समझें तो उसके मेडल में वीर चक्र का एक और फीता जोड़ दिया जाता है। 

वीर चक्र अवॉर्ड की राशि
वीर चक्र विजेता को मेडल के अलावा सात हजार रुपए की राशि का भी भुगतान  किया जाता है जो हर महीने दी जाती है। पहले यह राशि केवल साढ़े तीन हजार रुपए मिलती थी, जिसे एक अगस्त 2017 से सात हजार रुपए कर दिया है। अगर कोई सैनिक इस अवॉर्ड को मरणोपरांत पाता है तो उसके आश्रितों को भी इस राशि का भुगतान किया जाता है।

कौन - कौन पा सकता है यह मेडल
यह मेडल सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी रैंकों के अधिकारी, पुरुष और महिलाएं, प्रादेशिक सेना, रिजर्व बल और किसी अन्य विधिवत सशस्त्र बलों के गठन के लोगों को दिया जा सकता है इसके अलावा  नर्सिंग सेवाओं के कर्मचारियों और अस्पतालों में अन्य सेवाओं से संबंधित लोगों, किसी भी लिंग के नागरिकों या नियमित या अस्थायी रूप से कार्यरत उपर्युक्त सुरक्षा बलों में से किसी से भी सम्बंधित व्यक्ति को इस अवार्ड के लिए चुना जा सकता है। 

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