जानिए कौन थे पीएल देशपांडे, जिनकी 101वीं जयंती पर गूगल ने बनाया डूडल

Google Made Doodle On Pu La Deshpande 101st Birth Anniversary - Sakshi Samachar

खास अंदाज में लिखते थे अपना नाम

कई यादगार ट्रैवल डॉक्यूमेंट्रीज बनाईं

नई दिल्ली : गूगल ने आज  डूडल बनाकर मराठी भाषा के जाने-माने लेखक पीएल देशपांडे को याद किया है। अभिनेता, पटकथा लेखक, संगीतकार, फिल्म निर्देशक और वक्ता पीएल देशपांडे का पूरा नाम पुरषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे था। आज पुरषोत्तम लक्षमण देशपांडे की 101वीं जयंती है। उनका जन्म 8 नवंबर 1919 को मुंबई में हुआ था।  पीएल देशपांडे अपने नाम को ''पु ल'' देशपांडे भी लिखते थे...इसलिए डूडल में ''पु ल'' शब्द को भी दिखाया गया है। 

इस डूडल को मुंबई के जाने-माने कलाकार समीर कुलवूर द्वारा डिजाइन किया गया है। डूडल में पु ल देशपांडे हारमोनियम बजाते दिख रहे हैं। इसी हारमोनियम के एक साइड पर ''पु ल'' लिखा है। आइए जानें कौन हैं पीएल देशपांडे? 

खास अंदाज में लिखते थे अपना नाम

पीएल देशपांडे अपना नाम हमेशा एक खास अंदाज में लिखते थे। वह अपने नाम के दो शुरुआती अक्षरों से अपना नाम लिखते थे और वो कुछ इस तरह था- पु.ल देशपांडे। पुरषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे को महाराष्ट्र का लाडला व्यक्तित्व कहा जाता है। उनका साहित्य अंग्रेजी और कन्नड़ समेत कई भाषाओं में मौजूद है। मराठी फिल्मों में अभिनय के साथ उन्होंने फिल्मों की पटकथा और संवाद भी लिखे। उन्होंने भारत सरकार ने पद्मभूषण से भी नवाजा।

पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे ने कुछ सालों तक कर्नाटक के रानी पार्वती देवी और मुंबई के कीर्ति कॉलेज में प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया। उसी दौर में दूरदर्शन की शुरुआत हुई। दूरदर्शन में काम करते हुए देशपांडे ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का साक्षात्कार किया था। 

कई यादगार ट्रैवल डॉक्यूमेंट्रीज बनाईं

इसके बाद उन्होंने फ्रांस और पश्चिमी जर्मनी में भी काम किया। इस दौरान उन्होंने कई यादगार ट्रैवल डॉक्यूमेंट्रीज बनाईं। उन्हें अंमलदार, गुलाचा गणपति, देवबाप्पा जैसी मराठी फिल्मों में संगीत देने के लिए भी जाना जाता है।

पीएल देशपांडे ने हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया था। सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें 1990 में पद्म भूषण, 1993 में पुण्य भूषण, 1996 में पद्म श्री, 1965 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1979 में संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप, महाराष्ट्र भूषण अवॉर्ड 1996 में और 1987 में कालिदास सम्मान दिया गया। 12 जून 2000 को पीएल देशपांडे ने पुणे में अंतिम सांसें लीं। 

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