संकष्टी चतुर्थी पर ऐसे करेंगे पूजा तो प्रसन्न होंगे विघ्न विनायक, जानें पूजा विधि व मुहूर्त

Significance of sankashti chaturthi puja method muhurat - Sakshi Samachar

भाद्रपद मास की संकष्टी चतुर्थी 7 अगस्त शुक्रवार को है

संकष्टी चतु्र्थी की पूजा विधि व मुहूर्त 

यह तो हम जानते ही हैं कि चतुर्थी तिथि प्रत्येक हिंदी मास में दो बार पड़ती है, एक कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष में। भाद्रपद मास की संकष्टी चतुर्थी 07 अगस्त, शुक्रवार को पड़ रही है। इस दिन गणेश जी की पूजा की जाती है।  भाद्रपद मास में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। भाद्रपद मास की संकष्टी चतुर्थी बहुत ही विशेष मानी गई है।  

संकट हरते हैं भगवान गणेश  

किसी भी कार्य को आरंभ करने से पहले सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा की जाती है। इन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय माना गया है। गणेश जी को बल, बुद्धि और विवेक प्रदान करने वाला माना गया है। गणेश जी अपने भक्तों के सभी प्रकार के विघ्न यानि बाधा को दूर करते हैं। इसीलिए इन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। जिन लोगों के जीवन में कोई कष्ट हैं उनके लिए संकष्टी चतुर्थी की पूजा विशेष परिणाम देने वाली मानी गई है क्योंकि संकष्टी का अर्थ ही संकट को हरने वाली चतुर्थी है।

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का समय

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ: 7 अगस्त को 12:14 
चतुर्थी तिथि समाप्त: 8 अगस्त को 02:06 
संकष्टी के दिन चन्द्रोदय: 09:38 

ऐसे करें संकष्टी चतुर्थी पर गणेश पूजा 

- संकष्टी चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह उठें और स्नान करें। इसके बाद इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। 
- भगवान गणेश की पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। 
- सकंष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश को स्वच्छ आसन पर विराजित करें।
- भगवान गणेश की प्रतिमा के आगे धूप-दीप प्रज्जवलित करें। ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः का जाप करें। पूजा के बाद भगवान को लड्डू या तिल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं। 
- शाम को व्रत कथा पढ़कर चांद देखकर अपना व्रत खोलें। अपना व्रत पूरा करने के बाद दान करें।

संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेशजी को चढ़ाएं ये चीजें

-शास्त्रों में भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जाती है। गणेश को दूर्वा (घास) बहुत प्रिय है इसलिए संकष्टी चतुर्थी के दिन उन्हें दूर्वा जरूर अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
- संकष्टी चतुर्थी के दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करें और उनके समक्ष घी का दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। 
- संकष्टी चतुर्थी के दिन साबूत हल्दी की गांठ गणपति महाराज को चढ़ाने से वर्तमान में चल रही सारी परेशानी दूर हो जाती है।
- गणेश मंत्र
भगवान गणेश को विध्नहर्ता माना गया है। बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले की जाती है। भगवान गणेश के मंत्र ॐ गं गणपतये नम: के प्रतिदिन जाप करने से आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

 

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