कामदा एकादशी पर यूं पूरे विधि-विधान से करेंगे पूजा तो प्रसन्न होंगे श्री हरि, जानें पूजा विधि, महत्व व मुहूर्त

Significance of kamada ekadashi puja method muhurat - Sakshi Samachar

हिंदू नववर्ष की पहली एकादशी है कामदा एकादशी

कामदा एकादशी के व्रत से पूरी होती है मनोकामना

हिंदू धर्म में एकादशी का बड़ा महत्व होता है और हर माह में दो एकादशी आती है, एक कृष्णपक्ष में और दूसरी शुक्लपक्ष में। वहीं हम जानते ही हैं कि हाल ही में हिंदू नववर्ष शुरू हुआ है तो हिन्दू नववर्ष की पहली एकादशी चैत्र शुक्ल एकादशी यानी कामदा एकादशी, जो 04 अप्रैल 2020 निवार को है। 

चैत्र शुक्ल एकादशी को ही कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत करने वालों की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन जो भी व्यक्ति श्रद्धा के साथ व्रत रखता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी शुभ माना जाता है। 

ये है कामदा एकादशी का मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारंभ - 3 अप्रैल 24:55 तक
एकादशी तिथि का समापन - 4 अप्रैल 22:26 बजे तक
कामदा एकादशी पारणा मुहूर्त - 5 अप्रैल सुबह 06:06:14 से 08:37:19 बजे तक
अवधि - 2 घंटे 31 मिनट

ये है कामदा एकादशी व्रत का महत्व

कामदा एकादशी व्रत का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है। इस दिन व्रत रखा जाता है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जो भक्त कामदा एकादशी व्रत का पालन सच्ची श्रद्धा के साथ करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस दिन व्रती सात्विक जीवन व्यतीत करता है और जगत के पालनहार विष्णु जी का स्मरण करता है। 

ऐसे करें कामदा एकादशी पर पूजा 

- दशमी तिथि की रात्रि में सात्विक भोजन करें।
- एकादशी तिथि को सुबह सूर्योदय से पहले उठें। 
-दैनिक से कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करें।
- इसके बाद एकादशी व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा-अर्चना करें।
- पूरे दिन समय-समय पर भगवान विष्णु का स्मरण करें
- रात में पूजा स्थल के समीप जागरण करें।
- एकादशी के अगले दिन यानि द्वादशी को व्रत का पारण करना चाहिए।
- एकादशी व्रत पारण मुहुर्त में व्रत खोलें।
- ब्राह्मणों को भोजन और दान दक्षिणा दें।

एकादशी व्रत के दिन रखें ये सावधानियां

एकादशी के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं। इस दिन व्रती को सच बोलना चाहिए। इस दिन क्रोध बिल्कुल न करें और न ही आज के दिन शारीरिक संबंध बनाए। वहीं जो लोग व्रत नहीं रहते हैं उन्हें एकादशी के दिन चावल नहीं खाने चाहिए।

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