श्री कृष्ण को प्रिय है भादो का महीना, ये नियम व खास उपाय करके पाएं मनोवांछित फल

significance of bhado month puja tips to please krishna - Sakshi Samachar

4 अगस्त से शुरू हो रहा है भादो माह

श्री कृष्ण को प्रिय है भादो 

भादो में आते हैं कई खास त्योहार

 

हम सब जानते ही हैं कि हमारे हिंदू पंचांग के अनुसार सावन के बाद भादो का महीना आता है। भादो के महीने को ही भाद्रपद भी कहते हैं जो चातुर्मास का दूसरा महीना है। भादो का महीना 4 अगस्त से शुरू हो रहा है।

भादो का महीना भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना है क्योंकि इसी महीने श्री कृष्ण का जन्म कृष्ण पक्ष की अष्टमी को हुआ था। भादो भी सावन की तरह ही पवित्र माना जाता है।

इस महीने भगवान कृष्ण की विशेष रूप से पूजा की जाती है। वहीं इस महीने कई बड़े पर्व भी आने वाले हैं। वहीं 9 अगस्त रविवार को हल षष्टी यानी श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम की जयंती है। इसे चानन छठ के नाम से भी जाना जाता है और इस दिन बलराम की पूजा की जाती है।

इसके बाद 11 अगस्त 12 अगस्त को भगवान श्री कृ्ष्ण की जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस खास दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग का वस्त्र चढ़ाएं और माखन-मिश्री का भोग लगाएं।

15 अगस्त, शनिवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी रहेगी। इसे दया और अजा एकादशी भी कहा जाता है। 19 अगस्त को भाद्रपद मास की अमावस्या है। इस तिथि पर पितर देवताओं के लिए ध्यान करना चाहिए। इस दिन पितरों के श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए।

21 अगस्त को हरितालिका तीज है। इस खास दिन के मौके पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सौभाग्य के लिए देवी पार्वती की पूजा करती हैं। इसी दिन से दस दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हो जाएगा। 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। 

29 अगस्त को डोल ग्यारस है। इस तिथि पर भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता हैं। परिवर्तनी एकादशी 29 अगस्त को है।

 वहीं 1 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है। 

भाद्रपद पूर्णिमा 2 सितंबर को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्र माह में आने वाली पूर्णिमा को भाद्रपद पूर्णिमा कहते हैं। पूर्णिमा की तिथि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। भाद्रपद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा की जाती है, साथ ही इस दिन उमा-महेश्वर व्रत भी रखा जाता है।

ये है भादो मास के नियम और सावधानियां ....

- भादो के महीने में पलंग पर सोने के लिए मना किया गया है। भादो के महीने में जमीन पर चटाई बिछाकर सोने का नियम शास्त्रों में बताया गया है।

- भादो के महीने में शहद, गुड़, मूली, मांस, हरी सब्जी और बैंगन नहीं खाना चाहिए। इन चीज़ों को इस महीने में खाने से स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।

- इस महीने में नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए जैसे शराब, तंबाकू, भंग आदि. इन चीज़ों के सेवन से माँ लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या भी हो सकती हैं।

- भादो के महीने में बीमारियों से बचने के लिए दूध, दही और घी का सेवन ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए।

- भादो के महीने में तेल से बनी चीज़ों का सेवन कम करना चाहिए।

- इस खास महीने में कच्ची चीज़ों को खाने से बचें।

- वहीं, दही का प्रयोग भूलकर भी ना करें क्योंकि इसका इस्तेमाल करना पूर्ण रूप से वर्जित होता है।

- ध्यान रहें कि इस महीने में रक्तचाप बढ़ने की सम्भावना ज्यादा होती है और इसका ध्यान ज़रूर से रखना चाहिए।

- कोशिश करें कि शीतल जल से दोनों समय यानि कि सुबह व शाम स्नान अवश्य करें ताकि आपका आलस्य दूर हो जाए।

- यही नहीं भगवान श्री कृष्ण को तुलसी दल अर्पित करना और साथ ही तुलसी दल को चाय या दूध में उबालकर पीना बहुत अच्छा माना जाता है।

भादो में करें ये खास उपाय ....

- वैसे तो इस महीने में दही के प्रयोग को वर्जित माना जाता है, लेकिन अगर इस पूरे माह आप भगवान श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराते हैं तो आपकी सारी मनोकामनाएं ज़रूर पूरी होगी।

- जिन लोगों को संतान सुख नहीं है, उन लोगों को इस माह या तो कृष्ण का जन्म कराना चाहिए या कृष्ण जी के जन्मोत्सव में अवश्य शामिल होना चाहिए।

- जो लोग इस महीने अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहते हैं उन्हें श्रीमदभगवदगीता का पाठ शुभ परिणाम दे सकता है।

- यही नहीं, इस महीने में लड्डू गोपाल और शंख की स्थापना करने से भी घर में धन और सम्पन्नता आती है।

तो अब आप भी भादों मास में ये खास उपाय करके अपने घर में सुख-शांति ला सकती हैं।
 

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