श्रावण 2020 : सावन के दूसरे सोमवार पर यूं करें महादेव की पूजा, चढ़ाएं ये खास चीजें और जपें ये मंत्र

shravan special second sawan somvaar puja method  - Sakshi Samachar

सावन को प्रिय है सावन का महीना 

सावन के दूसरे सोमवार को ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा

सावन सोमवार की पूजा में चढ़ाएं ये खास चीजें 

भोलेनाथ का प्रिय सावन का महीना चल रहा है और आज यानी 13 जुलाई को है सावन का दूसरा सोमवार। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, व्रत किया जाता है। शिव को प्रसन्न करने के कई उपाय किये जाते हैं ताकि मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सके।

सावन सोमवार के दिन शिव भक्त भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है सावन के महीने में शिव आराधना करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं।

सावन सोमवार को ऐसे करें पूजा ...

- सोमवार का व्रत करने वाले को ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाना चाहिए। फिर दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर स्नान कर लेना चाहिए।

- साफ-सुथरे कपड़े पहनकर भगवान शिव की पूजा शुरू कर देनी चाहिए।

-भगवान शिव का शिवलिंग अगर घर में हो तो उसपर गंगा जल चढ़ाएं। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़ा सा गंगा जल मिला लें।

- भोलेनाथ का अभिषेक करने के बाद उनको सफेद चंदन चढ़ाएं, फूल अर्पित करें, धूप-दीप करें।

- इसके बाद ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। फिर शिव चालीसा का पाठ करें और आरती करें।

- भगवान शिव को नैवेद्य का भोग लगाएं और प्रसाद सबमें बांटें।

- व्रती को फलाहार करके दिन भर उत्तम आचरण करना चाहिए। शाम के समय भगवान शिव की पूजा करके मंत्र जाप करें और फिर आरती करने के बाद व्रत का पारण कर लें और प्रसाद ग्रहण करें।

रुद्राभिषेक का महत्व

रुद्राभिषेक यानी रूद्र का अभिषेक करने से सभी देवों का भी अभिषेक करने का फल उसी क्षण मिल जाता है। रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है। इनमें दूध से पुत्र प्राप्ति, गन्ने के रस से यश उत्तम पति/पत्नी की प्राप्ति, शहद से कर्ज मुक्ति, कुश एवं जल से रोग मुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी तथा तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

ये है शिवजी का प्रिय फूल

 
भगवान शिव को धतूरे के फूल बहुत प्रिय होते हैं। इसके अलावा हरसिंगार, नागकेसर के सफेद पुष्प, कनेर, आक, कुश आदि के फूल भी भगवान शिव को चढ़ाने का विधान है।

पूजा के समय जपें ये शिव मंत्र
 

ॐ नमः शिवाय॥
नम: शिवाय॥
ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥
ॐ पार्वतीपतये नम:॥
ॐ पशुपतये नम:॥
ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनानत् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

व्रत के साथ इन नियमों का पालन भी है जरूरी ....

- व्रत करने वाले व्यक्ति को झूठ नहीं बोलना चाहिए, साथ ही वह किसी भी तरह के बुरे काम न करें और न ही बुरे विचार मन में लाएं।

- भगवान शिव को बेलपत्र जरूर चढ़ाएं।

- सावन में बैंगन न खाएं तो ही ठीक रहेगा।

 मांस-मदिरा के सेवन से बचें। अपने व्यवहार को किसी भी तरह से दूषित न करें।

- सावन हरियाली का मौसम है और हरियाली शिवजी को पसंद है तो इस मौसम में किसी पेड़ को काटने की गलती न करें बल्कि कहीं पेड़ लगाएंगे तो बेहतर होगा।

कुछ ऐसे उपाय भी है जिनको सावन सोमवार को भगवान शिव के सामने करने से हमारी हर तरह की समस्याएं खत्म हो जाती है और हमें कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।

अगर आपके विवाह में बाधा आ रही है तो आप यह उपाय कर सकते हैं ...

- सबसे पहले 108 बेलपत्र ले लें। बेलपत्र पर चंदन से राम लिखें और हर बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाएं और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।

संतानप्राप्ति में बाधा हो रही है तो ये उपाय करें ...

भगवान शिव के मंदिर जाकर घी चढ़ाएं। उसके बाद उन्हें जल की धारा चढ़ाएं। संतानप्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।

पंचामृत से करें अभिषेक ...

भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें यानि दूध, दही, शहद, शक्कर व घी से अभिषेक करें और समस्या से मुक्ति की प्रार्थना करें। भगवान शिव आपको अनुगृहित करेंगे।

 

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