शारदीय नवरात्रि 2020 : ऐसे तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें महत्व व पूजा विधि

sharadiya navratri third day mata chandraghanta puja method  - Sakshi Samachar

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चद्रघंटा की  पूजा होती है

मां चद्रघंटा की पूजा से मिलता है मनोवांछित फल 

शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। हम जानते ही हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है तो दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी और तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है।

मां चंद्रघंटा मां पार्वती का सुहागिन स्वरुप है। मां चंद्रघंटा को शांतिदायक और कल्याणकारी भी माना जाता है। कहते हैं कि माता चंद्रघंटा का यह स्वरूप शुक्र ग्रह को नियंत्रित करता है। देवी के इस स्वरूप की पूजा से भक्त को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं जीवन में आकर्षण, सौंदर्य और प्रेम चाहने वाले भी माता के इस स्वरूप की पूजा कर सकते हैं।

माता चंद्रघंटा की पूजा भी पूरे विधि-विधान से की जाती है ताकि मां प्रसन्न हों और हमारी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं।

ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा ...

- तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है और इनकी पूजा से मन के साथ घर में भी शांति का आगमन होता है।

- सबसे पहले सुबह जागकर नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं। फिर स्नान करके स्वच्छ धारण करें और माता की पूजा शुरू कर दें।

- माना जाता है कि माँ चंद्रघंटा की पूजा लाल वस्त्र धारण करके करना श्रेष्ठ होता है।

- मां चंद्रघंटा को केसर और केवड़ा के जल से स्नान कराएं।

- साथ ही माता को लाल पुष्प, लाल चंदन और लाल चुनरी अवश्य समर्पित करना चाहिए जिससे कि मां प्रसन्न होकर हमें मनोवांछित फल प्रदान करें।

- मां चंद्रघंटा को सफेद कमल और पीले गुलाब की माला पहनाएं।

- मां के इस रूप को प्रसन्न करने के लिए घंटा और ढोल-नगाड़े बजाकर पूजा करना चाहिए। आरती के वक्त घंटा जरूर बजाएं।

- इस दिन इस चक्र पर "रं" अक्षर का जाप करने से मणिपुर चक्र मजबूत होता है और भय का नाश होता है।

- अगर इस दिन की पूजा से कुछ अद्भुत सिद्धियों जैसी अनुभूति होती है तो उस पर ध्यान न देकर आगे साधना करते रहना चाहिए।

- माँ चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए।

- इसे स्वयं भी ग्रहण करें और दूसरों को भी दें। ऐसा करने से वर्तमान में चल रहा दुःख दूर हो जाएगा

- गुड़ और लाल सेब भी माता को बहुत पसंद है तो आप इसका भोग भी लगा सकते हैं।

ये है मां चंद्रघंटा की पूजा का महत्व ...

- कहते हैं कि मां चंद्रघंटा की पूरे विधि-विधान से पूजा करने से भय से मुक्ति और अपार साहस मिलता है।

- मां चंद्रघंटा तंत्र साधना में मणिपुर चक्र को नियंत्रित करती हैं और ज्योतिष में इनका संबंध मंगल ग्रह से होता है।

- मां चंद्रघंटा की पूजा से मुख, नेत्र तथा सम्पूर्ण काया में कान्ति बढ़ने लगती है। स्वर दिव्य और मधुर होने लगता है।

- मां चन्द्रघंटा की पूजा करने वालों को शान्ति और सुख का अनुभव होने लगता है।

-मां चन्द्रघंटा की कृपा से हर तरह के पाप और सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।

- यह भी माना जाता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा से पराक्रम बढ़ता है और भक्तों के कष्ट का निवारण भी शीघ्र ही हो जाता है।

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