शनिदेव की टेढ़ी दृष्टि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शनिवार को करें ये खास उपाय

saturday special puja tips to please lord shanidev  - Sakshi Samachar

शनिवार को होती है शनिदेव की विशेष पूजा 

शनिदेव के लिए करें ये खास उपाय

शनिवार को शनिदेव की पूजा की जाती है और उनसे शुभ आशीर्वाद पाने और टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए भी खास उपाय किए जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन शनि ग्रह से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से शनि की क्रूर दृष्टि से बचा जा सकता है।

यदि किसी जातक की कुंडली में शनि दुर्बल हो या उस पर शनि की टेढ़ी नजर हो तो उस जातक का जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। उसे हर क्षेत्र में नुकसान होता है। इसलिए शनिवार के दिन शनिदेव से जुड़े आसान उपाय जरूर करने चाहिए। ऐसा करने से आप पर शनि देव की कृपा बरसेगी।

तो आइये यहां जानते हैं कि शनिवार को कौन से उपाय करके हम शनि की कृपा पा सकते हैं .....

- सबसे पहले तो आप ये जान लें कि शनिवार के दिन शनिदेव का उपवास रखें और शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं। शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपकी कुंडली में शनि दोष दूर होगा और आप शनि की टेढ़ी नजर से बच जाएंगे। इस दिन शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः, का 108 बार जाप करना चाहिए।

- शमी का वृक्ष घर में लगाएं और नियमित रूप से उसकी पूजा करें। इससे न सिर्फ आपके घर का वास्तुदोष ही दूर नहीं होगा बल्कि शनिदेव की कृपा भी आप पर बनी रहेगी। इसी तरह काले कपड़े में शमी वृक्ष की जड़ को बांधकर अपनी दायीं बाजू पर धारण करने पर शनिदेव आपका बुरा नहीं करेंगे बल्कि उन्नति में सहायक होंगे। 


- जल में गुड़ या शक्कर मिलाकर शनिवार के दिन पीपल को जल देने और तेल का दीपक जलाने से भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

- हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप पर कभी भी शनि की बुरी नजर नहीं पड़ेगी। इस दिन हनुमान जी को अपनी क्षमता के अनुसार कुछ मीठा प्रसाद चढ़ाएं। सुंदरकांड का पाठ करने से भी विशेष लाभ मिलता है।

- शनिदेव की कृपा पाने के लिए अपने माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करें। यदि आप अपने माता-पिता से दूर रहते हैं तो उन्हें फोन से या फिर मन ही मन प्रतिदिन प्रणाम करें। इसके साथ ही शनिवार के दिन काले या नीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए और भिखारियों को अन्न-वस्त्र दान करना चाहिए।

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