गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का साया, नहीं लगेगा सूतक और न ही बंद होंगे मंदिर के कपाट, जानें क्यों

lunar eclipse on guru purnima but there will be no sutak know why  - Sakshi Samachar

5 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा 

इसी दिन लगेगा चंद्रग्रहण 

पर नहीं लगेगा सूतक 

आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है और इस दिन विशेष रूप से गुरु पूजे जाते हैं। वहीं इस साल गुरु पूर्णिमा के दिन यानी 5 जुलाई, रविवार को चंद्रग्रहण लगने वाला है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। यह उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा जो भारत में नहीं दिखाई देगा। 

चंद्रग्रहण पर नहीं लगेगा सूतक 

इस बार का यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा जो भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए यहां पर ग्रहण का सूतक भी मान्य नहीं होगा। पर ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव तो रहेगा और राशियों पर भी इसका असर पड़ेगा। 

चंद्र ग्रहण का समय 

गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण सुबह 8 बजकर 38 मिनट से आरंभ होगा। 09 बजकर 59 मिनट में यह परमग्रास में होगा और 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार चंद्रग्रहण की अवधि 2 घंटा 43 मिनट और 24 सेकेंड की होगी। इस उपच्छाया चंद्रग्रहण को अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के हिस्सों में देखा जा सकेगा।

धनु राशि पर पड़ेगा इस चंद्र ग्रहण का ज्यादा असर

गुरु पूर्णिमा के दिन लगने वाला यह चंद्रग्रहण भारत के संदर्भ में बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं होगा क्योंकि यह एक उपच्छाया चंद्रग्रहण है और यहां दिखाई भी नहीं देगा। 

वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण धनु राशि में लगेगा। धनु राशि में गुरु बृहस्पति और राहु मौजूद हैं। अतः ग्रहण के दौरान बृहस्पति पर राहु की दृष्टि धनु राशि को प्रभावित करेगी। धनु राशि के जातकों का मन अशांत रह सकता है। उनके मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं। माता जी की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। मन को एकाग्र रखने के लिए ध्यान लगाएं और माता जी का ख्याल रखें।

5 जून को भी लगा था उपच्छाया चंद्रग्रहण

उपच्छाया चंद्रग्रहण में चांद के आकार में किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिलता है। इसमें सिर्फ चांद मटमैला जैसा हो जाता है। दरअसल उपच्छाया चंद्रग्रहण में पृथ्वी की छाया वाले क्षेत्र में चंद्रमा आ जाता है और चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी बहुत ही कम पड़ती प्रतीत होती है। इसे ही उपच्छाया चंद्रग्रहण कहते हैं। ठीक एक माह पहले 5 जून को भी उपच्छाया चंद्रग्रहण लगा था। 

एक महीने में तीन ग्रहण का संयोग 

5 जुलाई को फिर चंद्र ग्रहण हो रहा है। महीनेभर में ये दूसरा चंद्र ग्रहण है। 30 दिन पहले 5 जून को भी चंद्र ग्रहण लगा था। ये ग्रहण मांद्य ग्रहण है, इसमें चंद्रमा के सामने धूल जैसी परत होती है। ये दिखाई नहीं देता। इसलिए, इसका कोई धार्मिक महत्व भी नहीं है।

पूजा-पाठ नहीं रुकेंगे 

ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा और इसका धार्मिक महत्व भी नहीं रहेगा, इस वजह से गुरु पूर्णिमा से संबंधित सभी पूजन कर्म किए जा सकेंगे।

वैसे गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन करने की परंपरा है। इस दिन अपने गुरु को अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार दें और उनका आशीर्वाद लें। अपने इष्टदेव की विशेष पूजा करें। हर माह पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा भी करने का नियम है। आप चाहें तो ये शुभ काम भी कर सकते हैं। इस दिन जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें। पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा करवाने की परंपरा है।

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