सुशांत की मौत की CBI जांच के लिए नीतीश भी तैयार, जांच हुई तो इन हस्तियों का नाम आएगा बाहर...

Sushant Singh Rajput : Bollywood Stars and Political Personality names will out in CBI enquiry - Sakshi Samachar

सुशांत की बहन श्वेता ने पीएम से की सीबीआई जांच की अपील ​

परिवार के वकील ने बताया कि दिशा की मौत से घबराए हुए थे सुशांत

सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पीठानी की स्थिति भी संदिग्ध

नई दिल्ली : दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई जांच की मांग तेज होती जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि यदि सुशांत के पिता सीबीआई जांच की मांग करते हैं तो मैं इसके लिए सिफारिश जरूर करूंगा। वहीं, दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मामले में मुंबई पुलिस की क्षमता पर सवाल उठाने से इनकार करते हुए एक बार फिर सीबीआई की मांग को नकार दिया है।

सुशांत की बहन श्वेता ने पीएम से की सीबीआई जांच की अपील

इस बीच सुशांत की बहन श्वेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर भाई की मौत की सीबीआई जांच की मांग कराने की अपील की है। बता दें कि सुशांत के पिता केके सिंह ने सुशांत की मौत को लेकर कुछ मुद्दे उठाए थे। उन्होंने सुशांत की मौत के कुछ दिन पहले रिया का घर छोड़कर चले जाना, सुशांत का नंबर ब्लॉक कर देना, सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालयान की मौत जैसे कई मुद्दों पर संदेह जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

​परिवार के वकील ने बताया कि दिशा की मौत से घबराए हुए थे सुशांत

बता दें कि सुशांत के परिवार के ​वकील विकास सिंह ने बताया कि दिशा की मौत उसी रात हुई, जिस दिन रिया ने सुशांत के साथ झगड़ा किया और उसका घर छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने सुशांत का नंबर भी ब्लॉक कर दिया। वकील ने यह भी बताया कि दिशा की मौत से सुशांत काफी घबराए हुए थे और बारबार गूगल सर्च कर रहे थे। उन्हें डर था कि दिशा की मौत को लेकर उन्हें भी फंसाया जा सकता है। दिशा की मौत के बाद अपनी बहन से सुशांत कई बार कह चुके थे कि वे लोग उसे भी नहीं छोड़ेंगे। हालांकि, वे कौन लोग हैं... इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया।

दिशा की मौत के बाद सुशांत को बार बार धमकियां मिल रही थीं। यही वजह थी कि दिशा की मौत के बाद से 14 जून तक सुशांत ने कई बार अपना सिम बदल लिया था। आखिर ये ध​मकियां उसे कौन दे रहा था।

सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पीठानी की स्थिति भी संदिग्ध

​सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पीठानी की स्थिति भी शुरुआत से ही संदिग्ध महसूस हो रही है। एक ओर सिद्धार्थ ने कहा कि वह रिया को नहीं जानते क्योंकि सुशांत के साथ उनके रिश्ते केवल उनका अकाउंट देखने तक ही ​सीमित था। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि 13 जून को पूरी रात वह सुशांत के साथ थे। अगर दोनों के रिश्ते केवल प्रोफेशनल्स की तरह ही थे, तो फिर पूरी रात सुशांत के कमरे में क्या कर रहे थे और लंबे समय से वह सुशांत के घर पर ही क्यों रह रहे थे? शुक्रवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान भी सिद्धार्थ मामले में खुद को फंसता देख बीच में ही डिबेट छोड़कर भाग गए थे। ऐसे में उनकी भूमिका बेहद संदिग्ध दिखती है। इसके अलावा सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि सुशांत की मौत के बाद उसकी लाश को देखने वाला पहला इंसान सिद्धार्थ ही था, कोई और नहीं।

 

बात यह भी हो रही है कि सुशांत ने मौत से ठीक एक दिन पहले घर पर ही पार्टी रखी थी। उन्होंने एक नई फिल्म साइन की थी, इसलिए यह पार्टी रखी गई थी। कहा जा रहा है कि इस पार्टी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे, सलमान खान, अरबाज, सुहैल, आदित्य पंचोली के बेटे और सलमान के भांजे सूरज पंचोली, रिया का भाई शोविक और सिद्धार्थ पीठानी मौजूद थे। यह भी महज इत्तेफाक नहीं माना जा सकता कि इस दिन सुशांत की बिल्डिंग का सीसीटीवी कैमरा उसी दिन खराब हो गया था। हालांकि यह खुलासा सामने की बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने के बाद हुआ है।

 

कहा तो यह भी जा रहा है कि सुशांत की हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए उनके कमरे में डिप्रेशन की दवाई रखी गई और डिप्रेशन की सारी कहानी तैयार की गई ताकि इसे आत्महत्या बता दिया जाए। जैसा कि बॉलीवुड इससे पहले भी कई कलाकारों के साथ कर चुका है। गौरतलब है कि ​सुशांत और दिशा की मौत से पहले जिया खान, श्रीदेवी, दिव्या भारती और परवीन बॉबी की आत्महत्या के पीछे भी बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों पर शक की सुई जा चुकी है। हालांकि इन सभी मामलों में कुछ भी नहीं निकलकर आया और वे सभी अब तक भी आत्महत्याएं ही मानी जा रही हैं।

बता दें कि सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा की मौत 8 जून की रात को हुई थी। उस दिन उनके प्रेमी आदित्य ठाकरे ने उन्हें अपने आने वाले जन्मदिन के नाम पर पार्टी के लिए दिशा सालियान को आमंत्रित किया था। हालांकि तब दिशा ने पार्टी में आने से मना कर दिया था। फिर जाने क्या वजह रही कि देर रात वह पार्टी में शामिल होने के लिए गई, लेकिन पार्टी में मौजूद आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, सिद्धार्थ पीठानी और शोविक ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसे 14वें माले से नीचे फेंक दिया। इसके बाद उसकी हत्या को आत्महत्या का नाम दे दिया गया।

दिशा ने सुशांत को फोन करके सारी बातें बता दी थीं

इन सबके बीच मौका पाकर दिशा ने सुशांत को फोन करके सारी बातें बता दी थीं। यही वजह थी कि सुशांत दिशा की मौत के बाद से डरा हुआ था कि   अब वे लोग उसे भी नहीं छोड़ेंगे। इसी बीच​ रिया से सुशांत का झगड़ा दिशा के मामले में उसके भाई शोविक का हाथ भी होने की वजह से हुआ। इसके बाद रिया ने महेश भट्ट को सारी बात बताई तो भट्ट ने रिया को फौरन ​सुशांत का घर छोड़कर वहां से चले जाने के लिए कहा। इसके बाद ही रिया ने सुशांत का घर छोड़ा और उसका नंबर ब्लॉक भी कर दिया।

इधर, इन सभी को जब लगा कि दिशा की मौत की सच्चाई सुशांत की वजह से बाहर आ सकती है क्यों​कि वह चुप बैठने वालों में नहीं है, तब उन्होंने आदित्य ठाकरे के बंगले में बैठकर सुशांत की हत्या की प्लानिंग की। इसके बाद 13 जून की रात उन्होंने सुशांत के घर पर ही पार्टी रखी। बंगले का सीसीटीवी खराब कर दिया गया और उसी रात उसकी हत्या कुत्ते के गले के पट्टे से कर दी गई। यही वजह है कि सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब तक उसकी मौत के समय का खुलासा नहीं किया गया। इसके बाद पूरी प्लानिंग के साथ अगले दिन सवेरे सुशांत की हत्या को आत्महत्या का नाम दे दिया गया।

टीवी इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ का टंग स्लीप हो गया और उसने माना कि 11 जून को ​सुशांत के इंस्टाग्राम अकाउंट से जो पोस्ट हुआ, वह उसने किया था।

अब चूंकि महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री के बेटे की ही बात है, इसलिए मामले में मुंबई पुलिस ने न कोई जांच की और न ही इन दोनों ही मामलों में अब तक कोई बात सामने निकलकर आई। बता दें कि आदित्य ठाकरे के अलावा इस मामले में सलमान खान और उनके दोनों भाई के अलावा भांजे सूरज पंचोली समेत सिद्धार्थ पीठानी, शोविक और महेश भट्ट जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। ऐसे में मुंबई पुलिस निष्पक्ष रूप से इसकी जांच भला कैसे कर सकती थी। यही वजह है कि शुरू से ही महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस मामले में सीबीआई जांच के खिलाफ बयान दिया जा रहा है। आज जब सोशल मीडिया और मीडिया में सारे मामले छनकर बाहर आने लगे हैं तो शाम 5 बजे महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने आपात बैठक बुलाई है। अब देखना यह है कि इस बैठक में क्या नया पैंतरा अपनाया जाता है।

आज शाम 5 बजे महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने आपात बैठक क्यों बुलाई?

महाराष्ट्र सरकार और बॉलीवुड से मिली हुई है मुंबई पुलिस

बता दें कि जब तक मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही थी, सुशांत की मौत को लेकर कोई भी ऐसा खुलासा नहीं हो पा रहा था जिससे कुछ भी बाहर आ पाता। लेकिन जैसे ही बिहार पुलिस ने अपने हिसाब से जांचपड़ताल शुरू की, मुंबई पुलिस ने वैन से बिहार पुलिस की जांच को बीच में ही रुकवाकर उन्हें जांच की जगह से हटा दिया और मीडिया को भी वहां से दूर कर दिया। यही नहीं, बिहार पुलिस जब कूपर हॉस्पिटल पहुंची और सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनसे मांगी तो वहां भी तहलका मचा दिया गया और सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई।

इतना ही नहीं, दिशा सालियान और आदित्य ठाकरे की एक साथ वाली कार में बैठे और हंसते हुए तस्वीर जब ट्विटर पर वायरल होने लगी तो रातोंरात उसे ट्विटर से भी हटा दिया गया। यही नहीं, मामले में आदित्य ठाकरे का नाम आगे आते देख सोशल मीडिया से कई रिपोर्ट और खबरों को रातोंरात गायब कर दिया जा रहा है। खुद मैंने भी एक ​ट्वीट रात को किया था जिसमें दिशा और आदित्य एक साथ नजर आ रहे थे, सवेरे देखा तो उसे भी ​ट्वीटर से हटा दिया गया।

यह सब इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सुशांत और ​दिशा की मौत महज संयोग नहीं है बल्कि इसमें महाराष्ट्र सरकार और कई अन्य बड़े लोग शामिल हैं। ऐसे में मामले की सीबीआई जांच किया जाना जरूरी है।

आदित्य ठाकरे और सूरज पंचोली समेत रिया का भाई शोविक, समेत राज्य सरकार और सलमान खान व महेश भट्ट जैसी बॉलीवुड की भी कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं। ऐसे में महाराष्ट्र पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कभी कर ही नहीं सकती। भारत सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। क्योंकि बॉलीवुड में पहले भी ऐसी हत्याएं होती रही हैं, लेकिन उन्हें एक्सपोज नहीं किया जा सका। जिया खान, दिव्या भारती, श्री देवी, परवीन बॉबी का नाम ऐसी ही हत्याओं का हिस्सा हैं, जिन्हें आत्महत्या का नाम दे दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर ही अब देश की नजरें टिकी हुई हैं। भारतवासियों को उम्मीद है कि इन मामलों में सीबीआई जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि फिर कोई दिशा और सुशांत इस तरह से किसी की अय्याशी के शिकार न हों।

- सुषमाश्री, वरिष्ठ उप-संपादक, साक्षी समाचार

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