Sridevi Birthday : बोनी कपूर को पसंद नहीं करती थीं श्रीदेवी की मां, ऐसे हुई थी शादी

Sridevi Birthday : Interesting Facts About Sridevi - Sakshi Samachar

श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त को तमिलनाडु में हुआ था

उन्होंने बॉलीवुड के अलावा कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया था

श्रीदेवी की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह हीरो के बराबर फीस लेती थीं

मुंबई : चुलबुली, नटखट और अपनी दिलकश अदाओं से फिल्मी पर्दे पर जादू बिखरने वालीं अभिनेत्री श्रीदेवी ने यह साबित कर दिया था कि फिल्म हीरो की ही वजह से नहीं चलती, बल्कि हिरोइन भी उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। श्रीदेवी ने दक्षिण की फिल्मों से लेकर बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग से ऐसे मुकाम हासिल किए थे, जिस वजह से उन्हें एक्ट्रेसेज का 'अमिताभ बच्चन' कहा जाता था। गुरुवार (13 अगस्त) को श्रीदेवी का जन्मदिन है। आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।

श्रीदेवी का नाम आते ही हमारी नजरों के सामने उनके खूबसूरत चेहरे के साथ ही कमाल का अभिनय आ जाता है। श्रीदेवी को भी यह सब कुछ आसानी से हासिल नहीं हुआ था बल्कि इसके लिए उन्होंने बचपन से ही मेहनत करनी शुरू कर दी थी।

अमिताभ बच्चन के बराबर लेती थीं फीस

बचपन में उन्होंने बतौर बाल कलाकर फिल्मी सफर शुरू किया और ऐसा भी समय आया जब वे भगवान मुरुगन का सिनेमाई चेहरा बन गई थी। फिर वह भी समय आया जब उन्होंने कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की और बन गई लेडी अमिताभ, जिसने न सिर्फ अमिताभ बच्चन के साथ काम किया बल्कि अभिनेत्री होकर भी उनके जितना मेहनताना भी लिया।

कई भाषाओं की फिल्मों में किया काम

श्रीदेवी ने बगैर किसी गॅाडफादर के उस समय के सारे दिग्गज अभिनेताओं के साथ फिल्में की, जिनमें कमल हासन से लेकर रजनीकांत और एन.टी.आर, कृष्णा, नागेश्वर राव, शोभन बाबू और उसके बाद चिरंजीवी, नागार्जुन और वेंकटेश के नाम प्रमुख रूप से लिये जा सकते हैं। जैसा कि हर मेहनती और महत्वाकांक्षी के साथ होता है कि वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं होता और अधिक अच्छा काम करके ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना चाहता है, तो श्रीदेवी ने भी यही किया।

वह अब दक्षिण की लगभग सभी भाषाओं में काम कर चुकी थी जिनमें तमिल, कन्नड़, मलयालम और तेलुगु शामिल है, तो इसके बाद उसने बॅालीवुड में कदम बढ़ाए और वहां भी सफलता मिलना इतना आसान नहीं था।

पहली हिंदी फिल्म हो गई थी फ्लॉप

हिंदी फिल्मों में  बतौर अभिनेत्री श्रीदेवी ने अपने सिने करियर की शुरुआत साल 1979 में फिल्म 'सोलहवां सावन' से की, लेकिन फिल्म असफल होने के बाद श्रीदेवी हिंदी फिल्म उद्योग छोड़ दक्षिण भारतीय फिल्मों की ओर लौट गई।

1983 में श्रीदेवी ने एक बार फिर फिल्म 'हिम्मतवाला' के जरिये हिंदी फिल्मों की ओर अपना रुख किया। फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेत्री वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गई। 1983 में श्रीदेवी के सिने करियर की एक और अहम फिल्म सदमा प्रदर्शित हुई हालांकि फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन सिने दर्शक आज भी ऐसा मानते हैं कि यह श्रीदेवी के कैरियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में एक है।

श्रीदेवी की मां को पसंद नहीं थे बोनी कपूर

एक इंटरव्यू के दौरान श्रीदेवी के करीबी रहे वेणुगोपाल रेड्डी ने उनकी जिंदगी से जुड़ी कई बातें बताई थी। इस दौरान उन्होंने श्रीदेवी और बोनी कपूर की शादी का बात भी बताई। वेणुगोपाल ने बताया कि श्रीदेवी की मां को बोनी कपूर बिल्कुल पसंद नहीं थे। वह नहीं चाहती थीं कि श्रीदेवी बोनी कपूर से शादी करें। इसलिए जब भी बोनी श्रीदेवी के घर आते थे तो उनकी मां बोनी के साथ बहुत बुरा बर्ताव करती थीं। हालांकि श्रीदेवी को बोनी बहुत पसंद थे और दोनों ने बाद में शादी कर ली।

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