बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट सना खान ने फिल्म इंडस्ट्री को कहा अलविदा, बोली- मजहब की राह पर चलूंगी

Sana Khan Quits Film Industry - Sakshi Samachar

सना खान ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का लिया फैसला

सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए फैंस को दी जानकारी

सना ने लिखा, उम्मीद करती हूं कि अल्लाह मुझे अपने जीवन के सफर में गाइड करें

मुंबई : बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट सना खान ने फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ने का फैसला किया है। सना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और अपने फैंस को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, उम्मीद करती हूं कि अल्लाह मुझे अपने जीवन के सफर में गाइड करें। 

सना खान ने कैप्शन में लिखा- 'मेरी जिंदगी का आज सबसे खुशनुमा पल है। उम्मीद करती हूं कि अल्लाह मुझे अपने जीवन के सफर में गाइड करें। आप सब मुझे दुआ में शामिल रखें।' 

सना खान ने अपने पोस्ट में लिखा- 'भाइयों और बहनों, आज मैं अपनी जिंदगी के एक अहम मोड़ पर आप से बात कर रही हूं। मैं सालों से फिल्म इंडस्ट्री की जिंदगी गुजार रही हूं और इस अरसे में मुझे हर तरह की शोहरत, इज्जत और दौलत अपने चाहने वालों की तरफ से नसीब हुई जिसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं। लेकिन अब कुछ दिन से मुंह पर ये एहसास कब्जा जमाए हुए है कि इंसान का दुनिया में आने का मकसद क्या सिर्फ ये है कि वो दौलत और शोहरत कमाए?'

सना खान ने आगे लिखा- 'क्या ये फर्ज अदाएगी नहीं है कि वो अपनी जिंदगी उन लोगों के बीच गुजारे जो बेआसरा और बेसहारा हैं? क्या इंसान को ये नहीं सोचना चाहिए कि उसे किसी भी वक्त मौत आ सकती है। मरने के बाद उसका क्या बनने वाला है? इन दो सवालों के जवाब में मुद्दत से तलाश कर रही हूं। खास तौर पर इस दूसरे सवाल का जवाब कि मरने के बाद मेरा क्या बनेगा?'

एक्ट्रेस ने लिखा कि 'जब इस सवाल का जवाब मैंने अपने मजहब में तलाश किया तो मुझे पता चला कि दुनिया की ये जिंदगी असल में मरने के बाद की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए है। वो इस सूरत में बेहतर होगी जब बंदा अपने पैदा करने वाले के हुकुम के मुताबिक जिंदगी गुजारे। सिर्फ दौलत और शोहरत को अपना मकसद ना बनाएं। गुनाह की जिंदगी से बचकर इंसानियत की खिदमत करें और पैदा करने वाले के तरीकों पर चले।' 

सना खान की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है, साथ ही लोग इस पर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "यह जिंदगी असल में मरने के बाद की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए है और वो इसी सूरत में बेहतर होगी, जब बंदा अपने पैदा करने वाले के हुकुम के मुताबिक जिंदगी गुजारे और सिर्फ दौलत और शोहरत को अपना मकसद न बनाए।

Advertisement
Back to Top