बॉलीवुड संगीत जगत में होती है तरफदारी, सिर्फ प्रतिभा और योग्यता काफी नहीं : राहुल वैद्य

 Rahul Vaidya said Bollywood music is biased in world - Sakshi Samachar

फिल्मी गाने मिलने के पीछे कई चीजें काम करती हैं

सिर्फ प्रतिभा और योग्यता ही काफी नहीं 

बॉलीवुड (संगीत उद्योग) में कई खेमे हैं

मुंबई: रियलिटी शो ‘बिग बॉस' के नए सीजन के प्रतिभागियों में से एक गायक राहुल वैद्य का कहना है कि हिंदी संगीत जगत में पहचान बनाने के लिए सिर्फ प्रतिभा और योग्यता ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ बहुत सारी अन्य चीजें भी करनी होती हैं। वैद्य गायन से जुड़े रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल' के पहले सीजन के दूसरे रनर-अप रहे थे।

वैद्य के काम की सूची में ‘तेरा इंतजार' एलबम और रेस 2 फिल्म का ‘बेइंतहा' गीत शामिल है। वैद्य का कहना है कि फिल्मी दुनिया में सक्रिय रूप से अभी काम कर रहे ज्यादातर गायकों ने संगीत निर्देशकों के सहायकों के तौर पर काम किया है या वे किसी म्यूजिक लेबल से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिसाल के तौर पर गायक अरिजीत सिंह संगीत निर्देशक प्रीतम के सहायक रहे हैं, अरमान मलिक संगीतकार अमाल मलिक के भाई हैं जबकि जुबिन नौटियाल संगीत क्षेत्र की कंपनी टी-सीरीज से जुड़े हैं। 

बिग बॉस घर में प्रवेश से पहले पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी गायक को फिल्मी गाने मिलने के पीछे कई चीजें काम करती हैं। सिर्फ प्रतिभा और योग्यता से काम नहीं चलता है, कई अन्य चीजें भी काम करती हैं। जैसे कि तरफदारी, किसी को प्राथमिकता दिया जाना, आप इसको लॉबिइंग भी कह सकते हैं। बॉलीवुड (संगीत उद्योग) में कई खेमे हैं।'' उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन्हें कई बार ‘बिग बॉस' की पेशकश हुई थी लेकिन वह इसके लिए हां नहीं कर सके क्योंकि यह साल के अंतिम समय में आता है और यह प्रस्तुति देने वालों (परफॉर्मर्स) के लिए व्यस्त समय होता है। 

यह भी पढ़ें: सूर्यवंशम का वह चाइल्ड एक्टर जिसने भानु प्रसाद को खिलाई थी जहर वाली खीर, जानिए अब क्या कर रहा है ?

उन्होंने कहा कि इस साल कोविड-19 महामारी की वजह से बाहर होने वाले कार्यक्रम रद्द हैं, इसलिए बिग बॉस में आने का यह सही समय था। वैद्य का कहना है कि उन्होंने बॉलीवुड में गाना पाने के लिए कभी किसी तरह की पैरवी नहीं कराई है और उनका कहना कि वह खुद का प्रतिनिधित्व स्वयं ही करते हैं। 

Advertisement
Back to Top