राजेश रोशन ने अमिताभ बच्चन को बनाया था सिंगर, जानें उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें

Know Unknown Facts About Rajesh Roshan On His Birthday  - Sakshi Samachar

 राजेश रोशन पर साहित्यिक चोरी का मुकदमा दर्ज

कैसे बने संगीतकार

अमिताभ बच्चन को गीत गाने का मौका दिया

बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार राजेश रोशन आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में अपने संगीत से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इतना ही नहीं, राजेश रोशन कई गायकों और कलाकारों को भी अपने संगीत से अलग पहचान दिला चुके हैं। उनका जन्म 24 मई 1955 को मुंबई में हुआ था। राजेश रोशन ने जीवन में पहचान भले संगीतकार के रूप में पाई हो, लेकिन शुरुआत से ही उनकी इच्छा सरकारी नौकरी करने की थी। उनके पिता रोशनलाल नागरथ फिल्म जगत के नामी संगीतकार थे। आज हम आपको उनके बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य बताने जा रहे हैं।  

विरासत में मिली संगीत 

 घर में संगीत का माहौल होने के बावजूद उनकी संगीत में कोई रूचि नहीं थी। उनका मानना था संगीतकार बनने से अच्छा है कि सरकारी नौकरी की जाए जिससे उनका जीवन सुरक्षित रहेगा उनके पिता हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार रोशनलाल नागरथ थे। इनके पिता पंजाबी और मां बंगाली परिवार से थी। उनके भाई अभिनेता निर्देशक राकेश रोशन हैं। उनके भतीजे ऋतिक रोशन बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार हैं। राजेश ने पिता के ही नक्शेकदम पर चलते हुए संगीत की दुनिया में बड़ा नाम कमाया।  उन्होंने एक से बढ़कर एक गानों में अपना संगीत दिया। 

कैसे बने संगीतकार

बचपन में ही सिर से पिता का साया उठ जाने से राजेश की दुनिया उनकी मां तक ही सीमित रही। राजेश ने संगीत की प्राथमिक शिक्षा अपनी मां इरा रोशन से प्राप्त की। उनकी मां संगीतकार फैयाज अहमद खान से संगीत की शिक्षा लेने लगीं। उनके साथ वह भी वहां जाया करते थे। धीरे धीरे उनकी दिलचस्पी भी संगीत में हो गई और वह भी फैयाज खान से संगीत की शिक्षा लेने लगे। सत्तर के दशक में राजेश रोशन संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के सहायक के तौर पर काम करने लगे। उन्होंने लगभग पांच साल तक उनके साथ काम किया।

  राजेश रोशन के करियर की शुरूआत 

 राजेश रोशन ने संगीतकार के रुप में अपने सिने करियर की शुरूआत 1974 में महमूद की फिल्म 'कुंवारा बाप' से की, लेकिन कमजोर पटकथा के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह पिट गई। इसके बावजूद राजेश के संगीत को काफी पसंद किया गया।

राजेश रोशन की किस्मत का सितारा 1975 में दिखाई फिल्म 'जूली' से चमका। फिल्म जूली का यह गाना... भूल गया सब कुछ, याद नहीं अब कुछ आज भी लोगों के जहन में है। इसके अलावा 'दिल क्या करे जब किसी को', 'माई हार्ट इज बीटिंग', 'ये रातें नई पुरानी' और 'जूली आई लव यू' जैसे गाने श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए। इस फिल्म और संगीत की सफलता के बाद बतौर संगीतकार वह काफी हद तक अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। 

अमिताभ बच्चन को गीत गाने का मौका दिया

बहुत कम लोगों को पता है कि उन्होंने  महानायक अमिताभ बच्चन को बतौर गायक पहला मौका दिया था। मुंबई में संघर्ष करने के बाद राजेश रोशन को 1979 में अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' में संगीत देने का मौका मिला। इस फिल्म में उनका गीत 'परदेसिया ये सच है पिया' काफी पसंद किया गया। इस फिल्म के संगीत की सफलता के बाद राजेश रोशन का सितारा गर्दिश से बाहर आ गया। 

इसके अलावा मिस्टर नटवरलाल राजेश रोशन के साथ ही सुपर स्टार अमिताभ बच्चन के सिने करियर के लिए भी महत्वूपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म से पहले अमिताभ बच्चन ने फिल्मों के लिए कोई गीत नहीं गाया था। यह राजेश रोशन ही थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन की गायकी पर भरोसा जताते हुए उनसे फिल्म में 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गीत गाने की पेशकश की। यह गीत श्रोताओं के बीच आज भी लोकप्रिय है।

मोहम्मद रफी संग किया काम

राजेश उन गिने चुने संगीतकरो में से है जिन्हें मोहम्मद रफी जैसे महान गीतकार के साथ काम करने का सौभाग्य प्राय हुआ। बताया जाता है कि उनके पिता रोशन की भी मोहम्मद रफी के साथ खूब जमती थी और दोनों ने एकसाथ मिलकर कई खूबसूरत गीतों को अंजाम दिया था। अपने पिता के संगीत के बारे में राजेश रोशन कहते हैं, ‘अगर मेरा संगीत धरती है तो पापा का संगीत आसमान था, मेरे संगीत में सिर्फ लय है लेकिन पापा के संगीत में जान थी।’

विवादों से नाता 

साल 2008 में  संगीतकार राम संपत ने राकेश रोशन की फिल्म क्रेजी 4 के संगीत के लिए  राजेश रोशन पर साहित्यिक चोरी का मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे में राजेश रोशन खुद को निर्दोष नही साबित कर सके और समझौते के तौर पर उन्हें राम संपत को दो करोड़ रुपये देने पड़े।

आप को बता दें कि फिल्म कहो ना प्यार है में राजेश, राकेश रोशन और ऋतिक रोशन की तिकड़ी सुपरहिट रही है। इस फिल्म में राकेश रोशन जहां शानदार निर्देशन करते हुए नजर आए तो राजेश रोशन ने बेहतरीन संगीत दिया। इसके साथ ही ऋतिक रोशन का अभिनय भी तारीफ ए काबिल रहा है। इन तीनों ने कहो ना प्यार है, कोई मिल गया, कृष,  कृष 3 और काबिल जैसी फिल्मों में साथ काम किया। राजेश रोशन लगभग 125 फिल्मों के लिए संगीत निर्देशन कर चुके हैं। 

राजेश रोशन अब तक दो बार सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। पहली बार 1975 में आई फिल्म 'जूली' के लिए और फिर 2000 में प्रदर्शित फिल्म 'कहो ना प्यार है' के लिए भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 

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