बॉलीवुड के इस एक्टर को इमर्जेंसी का भुगतना पड़ा था खामियाजा, तीन फिल्मों पर लगा था प्रतिबंध

Kiran Kumar Birthday Know Actors Struggle after Emergency By Indira gandhi - Sakshi Samachar

इंदौर के बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई

दों बूंद पानी से मिला पहला ब्रेक

आशा पारेख ने दिया ऑफर

पिता जीवन एक मशहूर एक्टर होने की वजह से किरण कुमार की बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री हुई। उन्हें एफटीआईआई में ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म "दो बूँद पानी" से पहला ब्रेक मिला। उसके बाद राजस्थान में जलाल आगा, मधु चंदा और सिमी ग्रेवाल के साथ फिल्म करने का मौका मिला। उस वक्त एक्ट्रेस रेखा के संग किरण कुमार के प्यार की अफवाहें भी फैलीं, लेकिन वक्त के साथ सबकुछ बदल गया।

दों बूंद पानी से मिला पहला ब्रेक

किरण कुमार ने "आज की ताजा खबर" तथा "बिंदिया और बंदूक" जैसी फिल्में की। "जंगल में मंगल" जैसी फिल्म बनाने वाले राजेंद्र भाटिया की फिल्मों की एक श्रृंखला में भी उन्होंने एक्टिंग तो की, लेकिन उससे उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। ऐन उसी मौके पर जब उन्हें कुछ अच्छी फिल्में जैसे "अंगार" और "अभी तो जी लें" मिलने लगी थीं तभी तत्कालीन पीएम इंदिरा गाँधी ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी। उस दौरान जिन सात फिल्मों पर प्रतिबंध लगा और उनमें से तीन फिल्मों में किरण कुमार थे।

इससे अपने पास कोई काम न होने और किसी नए काम की उम्मीद नहीं होने से किरण कुमार निराश हो गए। वह करीब एक साल तक घर से बाहर तक नहीं निकले। एक तरह से वह डिप्रेशन में चले गए। किरण कुमार के मुताबिक वह समझ ही नहीं पाते थे कि सुबह उठने के बाद उन्हें क्या करना है।  एक्टर उस अवस्था में पहुंच गए थे जहाँ वे यह सोचने लगे कि उन्हें अपनी पसंद का खाना खाने का अधिकार भी नहीं है और उन्होंने अपनी मां को भी अपनी पसंद के बारे में बताना बंद कर दिया।

आशा पारेख ने दिया ऑफर

उसी दौरान एक्ट्रेस आशा पारेख ने अपनी गुजराती फिल्म ''कुलवधू'' में उन्हें विलेन कैरेक्टर का ऑफर दिया। करीब एक साल से हाथ में कोई काम नहीं होने से किरण कुमार ने नवीन निश्चिल और आशा पारेख की इस फिल्म को एक्सेप्ट कर लिया।

हालांकि गुजराती नहीं आने के कारण उन्हें फिल्म के लंबे-लंबे डायलॉग बोलने में काफी मुश्किल होती थी। किरण कुमार के मुताबिक वह एक दिन डायलॉग पढ़ने की कोशिश कर रहा थे और उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। वह बिलकुल ब्लैंक हो गए थे। 

तभी एकाएक लंबे, दुबले, सफेद दाढ़ी और तिलक लगाए एक सज्जन ने आकर उनसे पूछा, "बहुत परेशान हो? आज के बाद तेरा सब अच्छा होगा, सब ठीक होगा।" वह शख्स जितनी तेजी से उनके पास आया था, उतनी ही तेजी से चला गया। बाद में कैमरा रोल हुआ और उन्होंने पाया कि वह धाराप्रवाह डायलॉग बोल रहे हैं। यहीं से उनकी गुजराती फिल्मों की यात्रा शुरू हुई। उस दिन के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।"

बेटी पैदा होने के बाद साइन की 'तेजाब'

बेटा विकास पैदा होने के बाद किरण कुमार ने हिंदी में एक्टिंग करियर की शुरूआत की। बेटे के जन्म के साथ ही फिल्म "खुदगर्ज"का ऑफर मिला और बेटी सृष्टि के जन्म के बाद उन्होंने फिल्म "तेजाब" साइन की।

अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की सुपरहिट जोड़ी की फिल्म "तेजाब" ब्लॉक बस्टर रही और इसमें लोठिया पठान के रूप में उनके किरदार को दर्शक आज भी याद करते हैं। हिन्दी फिल्मों के बाद उन्होंने टीवी की दुनिया में प्रवेश किया। "जिंदगी", "घुटन,"शपथ" और "मंजिल" जैसे सीरियल किए। किरण कुमार कहते हैं कि उन्हें लगता है कि वे भाग्यशाली हैं। जीवन में जो कुछ भी मुश्किल था, वह प्रारंभिक दौर में घट गया।" वे मानते हैं कि काम के प्रति उनके समर्पण ने ही उन्हें सब कुछ दिया। सफलता, पैसा और प्रसिद्धि। 

इंदौर के बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई
थियेटर के बाद फिल्मों व टीवी धारावाहिकों में काम करने वाले मशहूर एक्टर किरण कुमार का जन्म 20 अक्टूब 1953 को मुंबई में हुआ। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर जीवन के बेटे किरण कुमार ने इंदौर के एक बोर्डिंग स्कूलिंग पूरी कर मुंबई के आरडी नेशनल कॉलेज में पढ़ाई की। बाद में उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे से एक्टिंग की पढ़ाई की।

इस बेजोड़ एक्टर ने हिंदी के अलावा भोजपुरी और गुजराती फिल्मों व टेलीविजन में काम किया है। उनकी मुख्य फिल्मों में दरार, खुदगर्ज, तेजाब, काला बाजार, आज का अर्जुन, थानेदार, पत्थर के फूल, खून का कर्ज, हिना, बोल राधा बोल, कुदरत, आग ही आग, धड़कन, ये है जलवा, एलओसी कारगिल और बॉबी जासूस सहित अन्य हैं।

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