Kalki Koechlin Birthday: "…बस, इतना सुनना था कि मेरे पांव के नीचे से जमीन ही खिसक गई"

Kalki Koechlin Birthday: Facts about Bollywood Actress Kalki Koechlin - Sakshi Samachar

ऑडिशन, जो कभी नहीं भूल पाती

नेपोटिज्म के बारे में क्या हैं विचार

कास्टिंग काउच से भी हुआ सामना

फ्रेंच अभिनेत्री और लेखिका (French Actress and Writer) कल्कि केकलां (Kalki Koechlin) 10 jan को अपना जन्मदिन (Birthday) मनाती हैं। फ्रेंच माता-पिता की बेटी कल्कि का जन्म 10 जनवरी 1984 को पुडुचेरी Puducherry (पांडिचेरी Pondicherry) में हुआ था। कम उम्र में ही वह थियेटर (Theatre) से जुड़ गई थीं।

एक्ट्रेस कल्कि कोचलिन ने पिछले साल बेटी को जन्म दिया है। अनुराग कश्यप से अलग होने के बाद कल्कि ने बॉयफ्रेंड गाय हर्शबर्ग की बेटी को जन्म दिया था। पूर्व पति व निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म 'देव डी' से बाॅलीवुड में कदम रखने वाली कल्कि ने इंडस्ट्री को कई हिट फिल्में दी हैं।

इनमें से 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा', 'ये जवानी है दीवानी', 'दैट गर्ल इन यलो बूट्स', 'एक थी डायन', 'गली बाॅयज', 'वेटिंग', 'रिबन' मुख्य हैं। 2014 में 'सेरेबल पाल्सी' पर बनी उनकी फिल्म 'मार्गरीटा विद ए स्ट्राॅ' के लिए उन्हें 'नेशनल अवार्ड' से सम्मानित किया गया।

'मेड इन हेवन' और 'सीक्रेट गेम्स' जैसी वेब सीरीज में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग का जौहर दिखाया। हालांकि, कल्कि का यह सफर इतना आसान नहीं रहा। यहां तक पहुंचने के क्रम में उन्होंने जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव भी देखे। अभिनेत्री बनने के बावजूद कल्कि को इंडस्ट्री में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आइए, आज उनके जन्मदिन पर एक नजर डालते हैं उनके इस सफर पर, उनकी ही जुबानी...

ऑ​डिशन, जो कभी नहीं भूल पाती

'पेज थ्री' और 'बस एक पल' जैसी हिट फिल्मों में काम कर चुके एक्टर रेहान इंजीनियर के साथ काम करने के लिए ऑडिशन देने गई थी, जहां ऐसे एक्टर्स की जरूरत थी, जो गा सकें और ऐसे गायकों की भी, जो एक्टिंग भी कर सकें। मैंने किसी भी तरह से एक गाना तैयार किया और उसे गाने की प्रैक्टिस भी कर ली। पर जैसे ही स्टेज पर पहुंची, पियानो पर बैठे म्यूजिशियन ने मुझसे पूछा- वाॅट इज योर KEY? मैंने सोचा… KEY? बस, इतना सुनना था कि मेरे पांव के नीचे से जमीन ही खिसक गई। इसके बाद तो मेरे मुंह से आवाज ही नहीं निकल पाई। आखिरकार, मैंने उन्हें साॅरी बोलना शुरू कर दिया और फिर उलटे पांव वहां से भागी।

ऑडिशन में ऐसे कमेंट्स सुनने को मिले, जो आज भी दुखता है

  1. तब मैं हाॅलीवुड, एले में थी, एक लेडी मेरे करीब आई और कहा- "क्या आप थोड़ा करीब आएंगी, ताकि मैं आपकी आंखों के रिंकल्स देख पाऊं?" 
  2. एक बार एक युवक के पास ऑडिशन के लिए गई थी- उसने पूछा- आपकी उम्र क्या है? तब मेरी उम्र 30 थी। सो, मैंने कह दिया- 30। तब उसने कहा, ओह! परेशान न हों। आपने करियर के केवल 5 साल ही खोए हैं। तब मुझे समझ आया कि पूरी दुनिया लगभग एक सी ही है। 
  3. बाॅलीवुड में ऐसा कुछ खास नहीं हुआ। पर हां, कुछ लोगों ने मुझे यह सलाह जरूर दी थी कि आप अपने दांत बहुत ज्यादा न दिखाएं क्योंकि ये काफी बड़े हैं। मेरे दोस्तों ने भी मुझे फीगर को लेकर कुछ सलाह दिए, जैसे- अपने थाईज का वजन कम करो, मोटापा कम करो, वगैरह। 
  4. एक बार एक महिला ने कहा- "क्या तुम अपने बाल ऊपर उठाओगी?" मैंने उठाया तो उसने गंदा सा मुंह बनाते हुए कहा- "रहने दो, बाल नीचे ही रहने दो।" मतलब मैंने ऑडिशन की शुरुआत में ही ऐसे कमेंट्स पाए कि यह समझने लग गई कि मैं बिल्कुल बेकार दिखती हूं। 
  5. कई बार लोग मुझे एक ही लुक में रिजेक्ट करते रहे और मेरे अंदर यह फीलिंग आने लगी कि मैं अच्छी नहीं दिखती। इसके बाद मुझे ऐसा महसूस होने लगा कि मेरे पैरेंट्स या फिर मेरे जन्म स्थान की वजह से मैं ऐसी दिखती हूं या फिर हो सकता है कि मेरे अंदर के हार्मोनल चेंजेज ऐसे हैं कि मैं ऐसी दिख रही हूं। पर इस दौरान भी मैंने अपना फोकस नहीं बिगड़ने दिया। बस अपने काम को लेकर सीरियस रही। 

हर परिस्थिति के लिए रहते हैं तैयार

'देव डी' हिट रही। इसके बाद मेरे पास बहुत काम आया, लेकिन तब मैं थियेटर में बिजी थी इसलिए फिल्में नहीं कीं। फिर, लंबे समय तक मुझे काम मिला ही नहीं, लेकिन 'ये जवानी है दीवानी' के बाद मेरे पास फिल्मों की लाइन लग गई। हालत ऐसी हो गई कि मेरे लिए चुन पाना मुश्किल होने लगा कि कौन सी करूं और कौन सी नहीं? तो हमें यहां इसके लिए मानसिक तौर पर तैयार रहना होता है कि कभी बिल्कुल भी काम नहीं मिलेगा तो कभी काम इतना होगा कि उनमें से चुन पाना मुश्किल हो जाएगा।

मीडिया की एक रिपोर्ट जिसने तकलीफ पहुंचाया

फिल्म 'देव डी' के बाद किसी ने लिखा था- "बाॅलीवुड में अब रसियन वेश्याएं भी काम करने लगी हैं।" 'देव डी' मेरी पहली फिल्म थी इसलिए तब मेरे बारे में जो कुछ भी लिखा जाता, मैं उसे जरूर पढ़ती थी। अपने बारे में ऐसे कमेंट पढ़कर मुझे अच्छा नहीं लगा। तब मैंने कहा था- "मैं रसियन नहीं हूं। लिखने से पहले रिसर्च तो सही से कर लेना चाहिए।" मेरे लिए यह थोड़ा अजीब था क्योंकि लोग नहीं, बल्कि मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री मेरे लिए ऐसे कमेंट्स दे रही थी। पर आज मैं ऐसी चीजें पढ़ती ही नहीं, इसलिए मुझे अब इनसे फर्क भी नहीं पड़ता।

कास्टिंग काउच से भी हुआ सामना

डायरेक्ट तो नहीं, लेकिन इन-डायरेक्ट वे में मेरे साथ ऐसा जरूर हुआ है। एक बार ऑडिशन के बाद मुझे बुलाया गया और प्रोड्यूसर ने मेरे साथ डेट पर जाने की बात की, पर मैंने इनकार कर दिया। इसके बाद मुझे काॅल नहीं आई। यही नहीं, वो फिल्म बनी भी नहीं।

हर महिला और ज्यादातर पुरुष होते हैं शिकार

मुझे याद है कि राहुल बोस ने एक बार 'वुमेन चाइल्ड अब्यूज' को लेकर एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था, जिससे कई एनजीओ भी जुड़े थे। मैं भी उस कार्यक्रम का हिस्सा थी। तब मैंने कहा था, "मैं आज तक जितनी भी महिलाओं से मिली हूं। उनमें से ज्यादातर कभी न कभी ऐसी किसी घटना से रूबरू जरूर हुई हैं, जब उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। भले ही वह किसी अंकल के टच करने वाली घटना ही क्यों न हो! यहां तक कि ज्यादातर लड़कों को भी ऐसी परिस्थिति से गुजरना पड़ा है। हां, यह और बात है कि वे इस बारे में मुंह कम ही खोलते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि इससे उनके पुरुषत्व पर असर हो सकता है।"

नेपोटिज्म के बारे में क्या हैं विचार

सच कहूं तो मेरे लिए इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल होगा। वैसे भी मैं खबरों की दुनिया से अनजान रहती हूं। बड़े बजट की कौन सी फिल्म बनने वाली है और कौन क्या कर रहा है, जैसी कोई भी खबर मुझे मुश्किल से होती है। यहाँ तह कि जब मेरा तलाक हुआ और लोग इस बारे में सवाल मेरी फैमिली से करने लगे, तब मुझे समझ आया कि मेरी जिंदगी का असर उनकी (मेरे परिवार की) लाइफ पर भी पड़ रहा है, जो सही नहीं है। इसके बाद मैंने समझा कि जिंदगी में सारी बातें सभी को बताई नहीं जातीं। बहुत कुछ छिपाकर भी रखना होता है। हालांकि, इससे पहले भी मैं बहुत सोच समझ कर दूसरों के साथ कोई भी बात शेयर करती थी लेकिन इस घटना के बाद और भी अलर्ट हो गई। 

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