आक्रामक तेवर के लिए जानी जानी थीं टीवी की यह पहली स्टार, अपने किरदारों के लिए आज भी की जाती हैं याद

First Indian TV Actress Priya Tendulkar Birthday - Sakshi Samachar

आज यानी 19 अक्टूबर को भारत की पहली टीवी स्टार प्रिया तेंडुलकर का जन्मदिन है। उन्हें उनके शानदार किरदारों के लिए आज भी याद किया जाता है। वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री दोनों ही जगह लोकप्रिय थीं।

​प्रिया को दोनों इंडस्ट्री में असली पहचान टीवी सीरियल 'रजनी' से मिली थी। वे संपूर्ण जीवन अपने सबसे पहले टीवी अवतार "रजनी" के नाम से ही बेहतर पहचानी जाती रहीं। साल 1985 में निर्मित व बासू चटर्जी द्वारा निर्देशित इस धारावाहिक में उन्होंने भ्रष्टाचार और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ बेखौफ आवाज़ उठाने वाली एक साधारण गृहिणी का किरदार निभाया था।

सात साल ही चला विवाह

प्रिया प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंडुलकर की बेटी थीं। उनकी दो बहनें और एक भाई था। प्रिया की शादी अभिनेता व लेखक करण राजदान से 1988 में हुआ पर यह विवाह सात साल ही चल सका। बाद में दोनों अलग हो गए। करण व प्रिया ने "रजनी" और "किस्से मियाँ बीवी के" धारावाहिकों में पति पत्नी के असल जिंदगी के किरदार भी निभाये।

स्कूल नाटक

बचपन से ही प्रिया को अभिनय का शौक था। वह एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती थीं जिनका पूरा परिवार रंगमंच से जुड़ा था। प्रिया स्कूल टाइम से ही स्कूल नाटकों में भाग लेती थीं। साल 1939 में जब वे स्कूल में थीं, उन्होंने सत्यदेव दुबे के निर्देशन तले गिरीश कर्नाड के लिखे पौराणिक नाटक "हयवदन" में गुड़िया की भूमिका निभाई। इस नाटक में निर्देशिका कल्पना लाज़मी उनकी सह कलाकार थीं।

इसके बाद पिग्मेलियन, अंजी, कमला, कन्यादान, सखाराम बाइंडर, ती फूलराणी, एक हठी मुलगी जैसे अनेकों मराठी नाटकों में उन्होंने भूमिकाएं कीं। प्रिया ने अपने पति करण राजदान के साथ 'रजनी' और 'किस्से मियां ​बीवी के' शोज में वास्तविक पति-पत्नी की भूमिका निभाई थी।

टॉक शो

प्रिया ने टीवी पर जहां गुलज़ार निर्देशित स्वयंसिद्ध जैसे नारीवादी धारावाहिक में काम किया वहीं "हम पांच" जैसे हास्य धारावाहिक में फोटो फ्रेम से बोलती मृत बीवी की भूमिका भी अदा की और "द प्रिया तेंडुलकर शो" और "ज़िम्मेदार कौन" जैसे सफल टॉक शो भी किए, जिसमें वे काफी आक्रामक तेवर के लिए जानी जाती थीं।

अंकुर, मोहरा और त्रिमूर्ति जैसी कुछ हिन्दी फिल्मों में भी उन्होंने काम किया है। 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर में निभाई भूमिका के कारण प्रिया के अभिनेता अनंत नाग से भी संबंध जोड़े जाते रहे।

सामाजिक मुद्दे

शायद "रजनी" के किरदार और अपने पिता का ही प्रभाव था कि प्रिया सामाजिक मुद्दों के प्रति सदा जागरूक रहीं। उनका व्यक्तित्व खुला और साहसी था। "द प्रिया तेंडुलकर शो" की बुलंदी पर शिवसेना समेत कई राजनीतिक दलों ने उन्हें अपने दल में शामिल करने का प्रयास किया पर वे मन नहीं बना पाईं।

मृत्यु

प्रिया बहुत अच्छी लेखिका भी थीं। उन्होंने कई रचनाएं भी लिखी थीं जिसमें मुख्य रूप से त्याचा प्रश्न, जन्मलेला हैं। कम उम्र में ही उनका निधन हो गया था, जिससे पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई थी। 19 सितम्बर 2002 में 47 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। वह कैंसर से ग्रस्त थीं। हालांकि उनकी मृत्यु हृदयघात से हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भी उनकी मृत्यु पर शोक जाहिर किया था।

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