सुपुर्द-ए-खाक हुईं कोरियोग्राफर सरोज खान, रिश्तेदारों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Choreographer Saroj Khan Last Rites Performed Early Morning Due Covid19 In Mumbai - Sakshi Samachar

मुंबई : बॉलीवुड कोरियोग्राफर सरोज खान का गुरुवार देर रात कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वह 71 वर्ष की थीं। खान को मधुमेह की बीमारी थी। उन्हें पिछले महीने सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत के चलते मुंबई के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले कुछ हफ्तों में उन्हें और भी कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था और इसी दौरान कोविड-19 के लिए भी उनका परीक्षण किया जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। परिवार के सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने रात में 1.30 बजे अपनी आखिरी सांस लीं।

सरोज खान को शुक्रवार सुबह मलाड के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सरोज खान को आखिरी विदाई देने के लिए उनके परिवारवाले और कुछ रिश्तेदार ही मौजूद थे। मुंबई शहर में कोरोना वायरस के कहर के चलते सरोज खान को सुबह-सुबह ही बिना देर किए सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। पुलिस से सरोज खान की फैमिली को आदेश था कि अंतिम विदाई में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। 

अपने जीवनकाल में सरोज खान को तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। साल 2003 में उन्हें फिल्म 'देवदास' के गीत 'डोला रे डोला' के लिए यह सम्मान मिला। साल 2006 में तमिल फिल्म 'सृंगारम' के सभी गीतों को कोरियोग्राफ करने के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 2008 में फिल्म 'जब वी मेट' के मशहूर गीत 'ये इश्क हाय' को खूबसूरती से कोरियोग्राफ करने के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

हिंदी फिल्म उद्योग की दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान को बॉलीवुड में 'मास्टरजी' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 35 साल से अधिक लंबे अपने करियर में 2000 से अधिक गानों के लिए कोरियाग्राफी कीं।

वैसे तो उन्होंने करियर की शुरुआत 1970 के दशक में की थी, लेकिन 1980 के दशक के आखिर तक पहले श्रीदेवी और फिर माधुरी के कुछ बेहद ही बेहतरीन गीतों को कोरियोग्राफ करने के चलते वह घर-घर पहचानी गईं।
खान ने 1974 में आई फिल्म गीता मेरा नाम के साथ कोरियोग्राफी में अपने करियर की शुरुआत की थी। 1983 में उन्होंने तमिल फिल्म 'थाई वीडू' के गीतों के लिए निर्देशन किया और उसी वर्ष सुभाष घई की सुपरहिट फिल्म हीरो में भी काम किया।

इसके बाद 1986 में आई फिल्म 'नगीना', इसी फिल्म के चलते उन्हें खास लोकप्रियता मिली। इस फिल्म का मशहूर गाना 'मैं नागिन तू सपेरा' आज भी खासा लोकप्रिय है। इसके एक साल बाद ही मिस्टर इंडिया में श्रीदेवी के लिए उन्होंने फिर से कोरियोग्राफी की और 'हवा हवाई' गाने ने उनकी इसी लोकप्रियता को कई गुना और बढ़ा दिया।
खान ने माधुरी दीक्षित के कुछ सबसे हिट गानों को भी कोरियोग्राफ किया है। इसमें 'एक दो तीन' ('तेजाब'), और 'धक धक' ('बेटा') शामिल हैं।

हाल के दिनों में वह परियोजनाओं में शामिल होने के मामले में काफी चयनात्मक हो गईं। उनके हालिया कामों में पिछले साल आई फिल्म 'मणिकर्णिका' और साल 2015 में आई फिल्म 'तनु वेड्स मन'ु में कंगना रनौत को कोरियोग्राफ करना रहा।

पिछले साल आई फिल्म 'कलंक' में माधुरी दीक्षित को कोरियोग्राफ करना भी उनके आखिरी बड़े कामों में से एक है।
बता दें कि 1948 में पैदा हुईं सरोज खान ने तीन साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में काम करने से शुरुआत की थी। फिर 1950 के दशक में एक बैक-अप डांसर के रूप में वह काम करने लगीं। खान के परिवार में उनके पति, बेटा और दो बेटियां हैं।

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