जन्मदिन विशेष : गायन के साथ साथ साथ गिटार बजाने में बेजोड़ हैं भूपिंदर सिंह, ये है उसका प्रमाण

Bhupinder Singh Birthday Special  Life and Struggle in Singing-Sakshi Samachar

गायन के साथ साथ-साथ गिटार बजाने में बेजोड़

भूपिंदर सिंह की दिलचस्प कहानी

देश के जाने माने गायक भूपिंदर सिंह का जन्म  पंजाब के शहर अमृतसर में हुआ था। घर में संगीत का माहौल था क्योंकि उनके पिता नत्था सिंह खुद एक गायक थे। वह गायन को लेकर बेहद संजीदा थे। गायन को लेकर वह खुद ही बहुत अनुशासित रहते थे और उससे जुड़ने वाले हर किसी को उसी तरह से रखना चाहते थे। 

कहते हैं कि भूपिंदर सिंह पिता के अनुशासन से काफी परेशान रहते थे और न चाहते हुए भी पिता की बात माननी पड़ती थी। धीरे-धीरे एक समय ऐसा आया  था कि भूपिंदर को संगीत से ही चिढ़ होने लगी। लेकिन वह ज्यादा दिनों तक खुद को उससे दूर न रख पाए और संगीत की बारीकियां सीखने लगे। 

धीरे-धीरे भूपिन्दर में गज़ल गायन के प्रति रुचि जागृत हुई और वह अच्छी गज़लें गाने लगे। शुरू-शुरू में भूपेन्द्र नें आकाशवाणी पर अपना कार्यक्रम पेश किया। आकाशवाणी पर उसकी प्रस्तुतियां देखकर दूरदर्शन केन्द्र, दिल्ली में उन्हें अवसर मिला। वहीं पर उन्होंने वायलिन और गिटार भी सीखा। सन् 1968 में संगीतकार मदन मोहन ने आल इण्डिया रेडियो पर उनका कार्यक्रम सुनकर दिल्ली से बम्बई बुला लिया। 

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सबसे पहले 1964 में आई फिल्म हक़ीक़त में  कैफी आजमी के गाने को संगीतकार मदन मोहन के लिए गाया था। उस फिल्म में एक गाना था- ‘होके मजबूर तुझे उसने बुलाया होगा।’ जो बेहद लोकप्रिय हुआ। इस गाने को गाने वाले गायकों में मोहम्मद रफी, तलत महमूद, मन्ना डे जैसे दिग्गज गायक थे।  इसी गाने को गवाने के लिए ही मदन मोहन ने भूपिंदर को मुंबई आने का न्यौता दिया था।

अपनी मेहनत व लगन के कारण वह केवल एक महान गायक ही नहीं बने बल्कि बेहद शानदार गिटार वादक भी बने। कई फिल्मों में गिटार बजाने के लिए कई नामी गिरामी संगीतकारों ने उनका इस्तेमाल किया था।

बेहतरीन गिटार वादक भी हैं भूपिंदर सिंह

भूपिंदर सिंह के गिटार बजाने की कला से मशहूर संगीतकार नौशाद साहब इतने प्रभावित थे कि वह अक्सर कहा करते थे कि “जहां गिटार की बात आती है वहां भूपिंदर के आस-पास भी कोई पहुंच नहीं सकता है।” 

 आप सभी को फिल्म - यादों की बारात का वो गाना आपको याद ही होगा- ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ में बजने वाला गिटार भूपिंदर सिंह ने ही बजाया है....

इसके अलावा फिल्म- हरे रामा हरे कृष्णा का ‘दम मारो दम’ में भी उन्होंने अपना हाथ आजमाया और एक यादगार गीत देकर गए...

 फिल्म- शोले का ‘महबूबा-महबूबा’ में बजने वाला गिटार इसी गायक के हाथों के जादू का कमाल है....

इसके साथ-साथ फिल्म- अमर प्रेम का गाना... चिंगारी कोई भड़के... में भी गिटार बजाने वाले कलाकार का नाम भूपिंदर सिंह ही है...

 भूपिंदर सिंह ने जब फिल्म हंसते जख्म में ‘तुम जो मिल गए हो तो ये लगता है’ गाने में गिटार बजाया तो पूरी इंडस्ट्री ने गिटार पर उनकी उंगलियों का लोहा मान लिया था....

इसलिए छूटा फिल्मी गाना

उनके बारे में एक दिलचस्प बात ये भी है कि एक से एक हिट गाने देने के बाद भी उन्होंने फिल्गी गानों का मोहभंग होने लगा था। कहते हैं कि उनके लिए गानों के बोल बहुत मायने रखते थे। वह गानों के सेलेक्शन के समय इस बात का बहुत ध्यान रखते थे।  वो सस्ती चीजें गाने को बिल्कुल तैयार नहीं होते थे।  इसके कारण भूपिंदर सिंह धीरे-धीरे करके फिल्मी गायन से दूर होते चले गए और अपने आपको गज़लों तक समेट लिया।
 

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