शक्तिशाली देश अमेरिका 4जुलाई को मना रहा स्वतंत्रता दिवस का जश्न, क्या आपको मालूम है कि कभी यह देश भी था गुलाम ?

US celebrate independence day on 4th july  - Sakshi Samachar

अमेरिका मना रहा आजादी का जश्न

कभी अमेरिका भी था गुलाम 

आज बन चुका है दुनिया का शक्तिशाली देश 

अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस : दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका अपना स्वतंत्रता दिवस 4 जुलाई को मना रहा  है । इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। स्वतंत्रता दिवस आमतौर पर आतिशबाजी, परेड, बारबेक्यू, मेलों, पिकनिक, संगीत, बेसबॉल खेल, राजनीतिक भाषणों और समारोह के साथ मनाया जाता है। यही अमेरिका का राष्ट्रीय दिन भी है ।

 गौरतलब है, 4 जुलाई 1776 को अमेरिका को ब्रिटिश साम्राज्य से पूर्ण स्वतंत्रता मिली थी और जॉर्ज वॉशिंगटन देश के पहले राष्ट्रपति बने थे। इसके बाद, दुनिया में सबसे पहला लिखित संविधान साल 1789 में अमेरिका में ही लागू हुआ था।

आपको बतादें कि अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा (Declaration of Independence) एक राजनीतिक दस्तावेज के तौर पर जाना जाता है,  जिसके आधार पर इंग्लैण्ड के १३ उत्तर-अमेरिकी उपनिवेशों ने 4 जुलाई 1776 ई. को स्वयं को इंग्लैण्ड से स्वतंत्र घोषित कर दिया था । जिसके बाद से ही हर साल 4 जुलाई को यूएसए में राष्ट्रीय अवकाश रहता है।

क्या रहा है इतिहास ?
आपको बतादें कि अमरीका के निवासियों ने ब्रिटिश शासनसत्ता के अधिकारों और अपनी मुश्किलों से मुक्त होने के लिये  संघर्ष सन् 1775 ई. में शुरू किया था वह दूसरे ही साल स्वतंत्रता संग्राम में बदल गया । इंगलैंड के तात्कालीन शासक जॉर्ज तृतीय की की दमनकारी नीतियों के चलते किसी भी प्रकार के समझौते की उम्मीद खत्म हो चुकी थी । इस दौरान इंगलैंड से आए हुए युवक टॉमस पेन ने की पुस्तक "कॉमनसेंस"ने आग में घी का काम किया । 

प्रायद्वीपों की कांग्रेस ने स्वीकार किया था घोषणा पत्र

इस दौरान 7 जून, 1776 ई. को वर्जीनिया के रिचर्ड हेनरी ली ने प्रायद्वीपों की  कांग्रेस में यह प्रस्ताव रखा कि उपनिवेशों को स्वतंत्र होने का अधिकार है। इस प्रस्ताव पर वादविवाद के उपरांत "स्वतंत्रता की घोषणा" तैयार करने के लिए 11 जून को एक समिति बनाई गई, जिसने यह कार्य  टाम जेफ़रसन को सौंपा गया । जेफ़रसन की ओर से तैयार किए गए घोषणापत्र में ऐडम्स और फ्रैंकलिन ने कुछ सुधार कर 28 जून को प्रायद्वीपों की कांग्रेस के सामने रखा, और और 2 जुलाई को यह घोषणापत्र  बिना किसी विरोध के स्वीकार कर लिया गया । 

ब्रिटिश  साम्राज्‍य की एक कॉलोनी था अमेरिका

आपको बतादें कि भारत की ही तरह अमेरिका भी ब्रिटिश साम्राज्‍य की एक कॉलोनी था । अमेरिकी स्‍वतंत्रता संग्राम का आंदोलन 1765 से 1783 तक चलाया गया । जिसके बाद 13 अमेरिकी कॉलोनियों ने मिल कर ब्र‍िटिश साम्राज्‍य की गुलामी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद इन्होने यूनाइटेड स्‍टेट्स ऑफ अमेरिका की स्‍थापना की । 

अमेरिकी स्‍वतंत्रता संग्राम की खास बातें

ब्रिटिश औपनिवेशक साम्राज्‍य की नींव अमेरिका में जेम्‍स प्रथम के शासनकाल में रखी गई

अमेरिका की आजादी की लड़ाई 1783 ई. खत्‍म हुई

अमेरिका को पूर्ण रूप से स्‍वतंत्रता 4 जुलाई 1776 को मिली थी 

ये लोग रेड इंडियन अमेरिका के मूल निवासी हैं

अमेरिकी स्‍वतंत्रता संग्राम के नायक जॉर्ज वाशिंगटन थे, जो बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे 

बोस्‍टन की चाय पार्टी की पहचान अमेरिकी स्‍वतंत्रता संग्राम के तात्‍कालिक कारणों के लिए  है

अमेरिका को आधुनिक गणतंत्र की जननी  कहा जाता है ।

लोकतंत्र की नींव सबसे पहले अमेरिका में रखी गई थी ।

 सबसे पहले धर्मनिरपेक्ष राज्‍य की स्‍थापना  अमेरिका में हुई ।

आजादी की लड़ाई के दौरान अमेरिकियों का नारा 'प्रतिनिधित्‍व नहीं तो कर नहीं' था ।

सर्वप्रथम लिखित संविधान 1789 ई. में संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में ही लागू हुआ ।

 संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका विश्‍व का पहला देश है, जिसने मनुष्‍यों की समानता और उसके मौलिक अधिकारों की घोषणा की ।

 अमेरिका में दासों के आयात को 1808 ई. में अवैध घोषित कर दिया गया था । 

अब्राहम लिंकन ने 1 जनवरी 1863 ई. को  दास प्रथा को खत्म किया । 

मौजूदा समय में संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिका का सबसे शक्तिशाली देश बन चुका है । संयुक्त राज्य अमेरिका लगातार विकास और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा । दुनिया के ज्यादातर देशों में अमेरिका से मुकाबला करने का साहस नहीं है । 

-विमल श्रीवास्तव 

Advertisement
Back to Top