एक फैसले से बच गयीं हजारों जिंदगियां, अर्थव्यवस्था बचाने के लिये नहीं किया नागरिकों की जान से खिलवाड़

PM modi decesion to lockdown is praised everywhere otherwise 70 thousand people were on risk of infection  - Sakshi Samachar

एक फैसले से बच गयीं हजारों जिंदगिया

सही समय पर लिया गया लॉकडाऊन का फैसला

अब तक कई हजार लोग हो गये होते संक्रमित

हैदराबाद :  दुनिया भर में कोरोना महामारी ने कोहराम मचा कर रखा है। कोरोना से एक तरफ दुनिया भर के देशों में हो रही मौतों ने हैरान कर रखा है, वहीं इस महामारी से दुनिया के देशों की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है। ऐसे में दुनिया के देशों के सामने दो प्रमुख मुद्दे रहे हैं । पहला अपने देश के नागरिकों की जान बचाने पर ध्यान दिया जाए, या फिर अर्थव्यवस्था को ठप होने से बचाया जाए। ऐसे में दुनिया के देशों ने यह दिखा दिया कि उनके लिये क्या अहमियत रखता है। देश की अर्थव्यवस्था या फिर उनके देश के नागरिकों की जान की कीमत।

उचित समय पर लिया फैसला

अब तक जो देखने में आया है उसके मुताबिक देश के पीएम नरेन्द्र मोदी ने ये दिखा दिया है कि उनके लिये देश के नागरिकों की जान कितना महत्व रखती है। पीएम मोदी ने अपने देश के लोगों की जान बचाने के लिये अर्थव्यवस्था की परवाह नहीं की । बीते एक महीने के लॉकडाउन के चलते देश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। इस दौरान कई हजार कोरोड़ का नुकसान देश को हुआ । लेकिन देश के नागरिकों की जान को ज्यादा तरजीह दी गयी । इसका सीधा उदाहरण है देश में लगाया गया लॉकडाउन ।

सत्तर हजार लोग हो जाते संक्रमित

 लॉकडाउन के देश भर में करीब एक महीने पूरे हो रहे हैं । इस मौके पर देश भर में  पीएम मोदी की तारीफ इस लिये हो रही है क्योंकि, उन्होने सही समय पर लॉकडाउन का  फैसला लेकर करीब सत्तर हजार लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचा लिया।आंकड़े बताते हैं कि जिस रेशियों में देश में कोरोना पॉजिटिव बढ़ें है, उस लिहाज से देखा जाए तो अगर देश में लॉकडाऊन नहीं लगाया गया होता तो अबतक करीब 70 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हो जाते। 

अमेरिका ने दी नागरिकों  की जान से ज्यादा अर्थव्यवस्था को तरजीह

वहीं दुनिया के अन्य देशों की अगर बात की जाए तो अमेरिका जैसे देश ने अपनी अर्थव्यवस्था को ज्यादा तरजीह दी, जिसके चलते वहां हजारों लोग मौत के मुंह में समा गये। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे ज्यादा व्यापारिक गतिविधि वाले राज्य न्यूयॉर्क में लॉकडाऊन लगाने से साफ इनकार कर दिया था । जिसके चलते वहां कोरोना का संक्रमण लगातार फैलता रहा। 

चीन अपने नागरिकों की जान की कीमत पर बनना चाहता है सुपर पॉवर

वहीं चाइना की अगर बात करें तो उसने तो अपने नागरिकों की जान पर खेल कर ही दुनिया का सुपर पावर बनने का सपना पाल रखा है। अभी तक चाइना ने अपने यहां कोरोना से हुई मौतों की सही जानकारी दुनिया के सामने नहीं रखी । जिसके लिये अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन की जमकर आलोचना की । साफ है कि दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश चीन के लिये उसके नागरिकों की जान कीमत नहीं रखती। वह अपने नागरिकों की जान की कीमत पर दुनिया का सुपर पॉवर बनना चाह रहा है 

पाकिस्तान कोरोना के प्रति गंभीर नहीं 

वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान की अगर बात करें, तो पाकिस्तान में हांलाकि नागरिकों की मौत का ज्यादा आंकड़ा नहीं है । लेकिन वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान जिस तरीके से कोरोना को लेकर बात करते हैं उससे तो यही लगता है कि, इमरान खान कोरोना महामारी को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं ।हाल ही में उन्होने चौकाने वाला बयान दिया है कि उनके देश में आतंकियों को पकड़ने की तकनीक का इस्तेमाल कर कोरोना के सक्रमितों को पकड़ा जा रहा है।  इमरान ने टीवी पर देशवासियों के सामने कहा कि उनकी सरकार खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) की उस तकनीक का सहारा कोरोना के संदिग्ध मरीजों की तलाश में कर रही है जिसका उपयोग एजेंसियां आतंकियों को पकड़ने के लिए करती हैं। वहीं इमरान खान ने भी संपूर्ण लॉकडाउन से इनकार कर दिया है । आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि आने वाले समय में  वहा किस तरह की विस्फोटक स्थिति हो सकती है। 

दुनिया भर के देशों में कोरोना महामारी को लेकर जिस तरह के फैसले लिये गये उसका असर वहां की जनता पर दिखा है । देश भर में अभी तक करीब 24 हजार लोग कोरोना से संक्रमित है जबकि 775 लोग की मौत हो चुकी है। दुनिया भर में 1,97000 से ज्यादा लोगों की मौते हो चुकी हैं । ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले इस देश का क्या हाल हो सकता था इसका अंदाज आसानी से लगाया जा सकता है। 

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देश भर में लगे लॉकडाउन के करीब एक माह बाद दुकानों को खोलने की अनुमति का फैसला सरकार ने लिया है। अब लोगों को समझना होगा कि उनकी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए गैरजरूरी सामानों की दुकानों को खोलने की  भी अनुमति दी गयी है। जिससे लोगों की जरूरते तो पूरी हो, साथ ही अर्थव्यवस्था भी पटरी पर लौट सके । एैसे में देश के नागरिकों का फर्ज यही है कि वे अपनी सरकार का पूर्ण सहयोग करें और कोरोना से लड़ने के लिये बनाए गये मानकों का भी पालन करें । 

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