आपका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता 'कोरोना का भूत', जरा इस माइंड गेम को समझिए

Dont afraid with coronavirus - Sakshi Samachar

कोरोना का खौफ सभी पर हावी

ध्यान दें आपका फोकस कहा सेट है ?

अपने दिमाग की सकारात्मक सोच की ताकत को समझें 

ठहरिये, इस खबर को स्किप करने से पहले  ये जान लें कि ये खबर आपकी जिंदगी से जुड़ी हुई है, ये आपके फायदे की बात हो सकती है। जी हां हम बात कर रहे हैं कोरोना वायरस की,  कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी दहशत में ले लिया है।  हर कोई एक दूसरे को शक की नजर से देख रहा है और इस दहशत में जी रहा है कि कहीं वो भी  कोरोना की चपेट में न आ जाए । लेकिन हम आपको जो बताने जा रहे हैं वो आपके लिये फायदेमंद हो सकता है। 
 
तो आईये शुरू करते हैं, जब कोई डर जाता है तो वो मास्क पहनता है, लेकिन वो मास्क हमेशा नहीं पहन सकता। ऐसे मे वो क्या करे ?, दरअसल कोरोना की दहशत उस शख्स पर हमेशा हावी रहती है और हमेशा इस दहशत में वह जी रहा होता है कि कहीं वो कोरोना की चपेट में न आ जाए। 

अभी तक हम जान चुके हैं कि कोरोना से देश में जो भी मौते हुई हैं वो उम्र दराज लोगों की ही हुई हैं।  यहां पर अब समझने वाली बात ये है कि जिनकी भी मौत हुई उनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो चुका था। क्या आपको पता है कि किसी भी व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर क्यों होती है?  दरअसल वह व्यक्ति जाने -अन्जाने अपने आस- पास होने वाली नकारात्मक गतिविधियों से अपना फोकस सेट कर लेता है जिससे उसकी प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। 

कोरोना वायरस को लेकर भी दुनियाभर में कुछ ऐसा ही हो रहा है। इंसान जब दूसरों की जिंदगी में होने वाली नकारात्मक चीजों पर खुद का फोकस सेट कर लेता है तो जाने-अन्जाने में खुद को भी निगेटिविटी पर सेट कर लेता है। जिससे उसका इम्यूनिटी सिस्टम प्रभावित होने लगता है। अगर हम अपना फोकस पॉजिटिविटी पर सेट कर लें तो  कोरोना जैसे वायरस हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते हैं। आपने देखा होगा कि टीबी या फिर किसी गंभीर बीमारी का इलाज करने वाले डॉक्टर्स को कोई बीमारी प्रभावित नहीं कर पाती, क्यों कि उनकी  मनोस्थिति पॉजिटिव होती है और उन्हे अपना फ्यूचर ब्राइट दिख रहा होता है। यही वजह होती है कि वो संक्रमित नहीं होते । 

दरअसल इस दुनिया में सभी चीजें एनर्जी के रूप में ही काम कर रही होती हैं। पॉजिटिव एनर्जी या फिर निगेटिव एनर्जी के रूप में । वायरस भी एक खास प्रकार की निगेटिव एनर्जी से बना होता है और जब हम खुद को निगेटिविटी से भर लेते हैं तो फिर हम मौका देते हैं कि वायरस हमे प्रभावित करे। अगर हम खुद को पॉजिटिव एनर्जी से लबरेज रखे तो ये वायरस हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ पायेगा। बात को जरा समझिये,  दरअसल  हर व्यक्ति में जीने और मरने की इच्छा समान रूप से होती है, अब आपकी की कौन सी इच्छा कितनी बलवती है वही आपके भविष्य का फैसला करती है। अगर आपमें मरने की इच्छा ज्यादा जोर पकड़ेगी तो फिर दुनियाभर की बीमारियां आपको घेर लेंगी, वहीं आपमें जीने की इच्छा ज्यादा जोर मारेगी तो आपका कोई भी वायरस कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएगा। 

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अब आपको काफी कुछ समझ में आ चुका होगा तो खुद पर भरोसा रखिये । अपने बेहतर भविष्य के विषय में सोचिये । सुनी-सुनाई बातों में न आकर अपने में विश्वास जगाएं कि आपको कुछ भी नहीं होने वाला है । ऐसा सोचने पर आपकी एनर्जी में सकारात्मक बदलाव आना शुरू हो जाएगा । आपका इम्यूनिटी सिस्टम भी मजबूत होने लगेगा। आपकी एनर्जी किसी भी निगेटिव एनर्जी वाले वायरस से जब मैच नहीं करेगी तो सवाल ही नहीं पैदा होता कि वो आपको प्रभावित करे। इस तरह आप जहां खुद को पॉजिटिव  बनाए रख सकेंगे और अपने भविष्य को सकारात्मक रूप देने में भी कामयाब हो सकेंगे। 
 

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