हैदराबाद: विशाखा शारदा पीठ के संत ने गौ रक्षा अभियान का किया समर्थन

Yuga Tulasi Foundation members meet Sharada Peetham Uttaradhikari  - Sakshi Samachar

हैदराबाद: तेलंगाना और खासकर हैदराबाद में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने को लेकर मुहिम तेज हुई है। युग तुलसी फाउंडेशन के अध्यक्ष व टीटीडी बोर्ड मेंबर कोलिशेट्टी शिवकुमार के नेतृत्व में धार्मिक संस्था से जुड़े लोगों ने हैदराबाद में श्री विशाखा शारदा पीठ के उत्तराधिकारी संत श्री स्वात्मानंदेंद्र सरस्वतीजी से मुलाकात की। मुलाकात करने वाले गौ प्रेमियों के शिष्टमंडल में बालाकृष्णा अय्प्पा भी शामिल थे। इस दौरान उन्हें युग तुलसी फाउंडेशन की तरफ से गायों की रक्षा के लिए कार्यक्रम 'गौ महोद्यमम' की जानकारी दी गई व इस बारे में पत्र भी सौंपा गया । श्री विशाखा पीठ के उत्तराधिकारी संत ने गौ रक्षा के लिए आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रम की सराहना करते हुए आशीर्वाद दिया। साथ ही बताया कि गाय में समस्त देवताओं का वास होता है, ऐसे में इनकी रक्षा करते हुए शीघ्र गौ को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। श्री स्वात्मानंदेंद्र सरस्वतीजी ने मिलने आए संतों को एकदिवसीय निराहार दीक्षा की सलाह दी, जिसे मान लिया गया।  

आध्यात्मिक गुरु श्री चंद्रास्वामी ने शारदा पीठ के उत्तराधिकारी संत को संविधान की धारा 48 के बारे में विस्तार से बताया। जिसके तहत देश के 23 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में गौ हत्या प्रतिबंध को लेकर कानून है। बावजूद इसके गौ हत्या कई राज्यों में चोरी छिपे निर्बाध जारी है। चंद्रास्वामी ने सात साल पहले पीएम मोदी के उस भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मीट एक्सपोर्ट को लेकर आलोचना की थी। मोदी ने तब की कांग्रेस सरकार को मटन एक्सपोर्ट में सब्सिडी देने को लेकर आड़े हाथों लिया था। तब गुजरात के चीफ मिनिस्टर रहते हुए मोदी ने बताया था कि भारत बीफ और मटन के एक्सपोर्ट में विश्व में नंबर वन बनने जा रहा है। मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार जारी रहती है तो देश में 'पिंक रिवॉल्युशन' होना तय है। कुछ महीनों बाद ही परिस्थितियां ऐसी बनी कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, बावजूद इसके गौ रक्षा को लेकर कई राज्य सरकारें गंभीर नहीं है। 

गोरक्षा के काम में जुटे युग तुलसी फाउंडेशन के प्रमुख कोलिशेट्टी शिवकुमार ने बड़े कार्यक्रम का एलान किया है। जिसके तहत आगामी 25 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच संस्था के लोग और गोरक्षा के हिमायती बड़ी संख्या में श्रद्धालु आंध्र और तेलंगाना के प्रमुख मंदिरों का दौरा करेंगे और गौमाता की तरफ से भगवान को रक्षा के लिए विनति पत्र सौंपी जाएगी।

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