श्री कृष्ण आराधना से शांत होते हैं शनिदेव, मिल जाती है सभी कष्टों से मुक्ति

shree krishna worship gives relief from Shani dev Anger hymn - Sakshi Samachar

भगवान कृष्ण की आराधना से शांत होते हैं शनिदेव

मिल जाती है शनिदेव के कोप भाजन से मुक्ति 

शनिदेव का नाम सुन कर ही सबसे पहले यही बात दिमाग में आती है कि शनिदेव मतलब कष्ट मिलना तय है। जी हां अगर आप शनि देव से पीड़ित हैं, शनि की महादशा, साढ़ेसाती या फिर ढैया से गुजर रहे हैं, तो निश्चित ही आपके जीवन में संकट के बादल छाए होंगे। आप हमेशा यहीं सोचते होंगे कि कैसे शनिदेव को प्रसन्न किया जाए, जिससे शनिदेव के कोप का भाजन न बनना पड़े। तो आज हम आपको ऐसा मार्ग बताएंगे जिससे आपको सभी समस्यों से राहत जरूर मिलेगी । 

संसार का पालन करते हैं कृष्ण 

इस पूरे संसार का पालन जो ईश्वर की क्रियात्मक शक्ति करती है उस शक्ति को ही कृष्ण के नाम से जाना जाता है। कृष्ण के बिना न तो इस सृष्टि का कोई अस्तित्व है और न ही आप संसार के लोगों के पालन की आप कल्पना कर सकते हैं । गीता में भी श्रीकृष्ण ने बताया है कि सभी ग्रह, नक्षत्र, देवी-देवता, मानव असुर, शुभ व अशुभ सभी कुछ श्रीकृष्ण के ही अधीन है। शनिदेव भी श्रीकृष्ण की शक्ति के अधीन हो कर ही काम करते हैं । चाहे किसी को दंड देना हो या फिर अपार खुशियां और सुख समृद्धि । 

आइए समझे कृष्ण का शनिदेव से क्या संबंध है ? 

दरअसल शनदेव श्रीकृष्ण के परम भक्त हैं, शनिदेव के अंदर, न्याय, अनुशासन और ईमानदारी का गुण भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से विद्यमान है । बतातें चले कि श्रीकृष्ण के ध्यान में डूबे रहने के कारण ही शनिदेव को उनकी पत्नी ने शाप दे दिया था । एक गुण मधुरता को छोड़ कर शनिदेव में सभी गुण श्री कृष्ण की तरह ही हैं । यही वजह है कि जो लोग भगवान श्री कृष्ण की शरण में होते हैं शनि के कोपभाजन से बचे रहते हैं । 

कैसे करें भगवान श्री कृष्ण की आराधना ? 
सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण को गुरू स्वरूप  में स्थापित करें, दोनों पहर उन्हे तुलसी और पीले फूल अर्पित करें । भगवान श्री कृष्ण को चंदन का तिलक लगा कर खुद भी लगाएं । इसके बाद कृष्ण के नाम का पूरे विश्वास और भक्ति भावना से जाप करें । यदि आप चाहें तो "कृष्ण कृष्ण" के नाम का जाप भी कर सकते हैं । 

शनि की साढ़े साती या ढैया में क्या करें ? 
भगवान श्री कृष्ण के संपूर्ण चित्र को घर में स्थापित करें, उन्हे प्रतिदिन तुलसी दल, चंदन, और फूल अर्पित करें । इसके बाद भगवान श्री कृष्ण के मंत्र का जाप करें। इससे आपके कष्टों में कमी आनी शुरू हो जाएगी । 

'किस मंत्र का जाप करें ? 

 

'ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।

प्रणत: क्लेश नाशाय, गोविन्दाय नमो-नमः।'

अगर आपके जीवन में स्वास्थ्य या फिर नौकरी- रोजगार की समस्या हो तो क्या करें  ?

भगवान श्री कृष्ण के गाय वाले चित्र को स्थापित करें, और उन्हे पंचामृत तुलसी दल के साथ अर्पित करें । इसके बाद इस मंत्र का जाप 27 दिन तक करें । 

 इस मंत्र का जाप करें 

'श्रीकृष्णम् शरणम् मम' का जाप करें

तो इस प्रकार आप भगवान श्री कृष्ण की आराधना से अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं । सुख समृद्धि सभी कुछ आपके पास होगी, तो वहीं शनिदेव की पीड़ा से भी आप बचे रहेंगे । 

-विमल श्रीवास्तव 
 

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