सबरीमाला मंदिर के खुले कपाट, कल से शिरडी साईं मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों को करना होगा ये काम

Shirdi Saibaba Temple reopen after Coronavirus lockdown  - Sakshi Samachar

सबरीमाला मंदिर के खुले कपाट 

सोमवार से शिरडी साईं मंदिर भी खुलेंगे

भक्तों के लिए जानिए क्या करना है जरूरी? 

अहमदनगर: महाराष्ट्र सरकार के मंदिरों को फिर से खोलने के ऐलान के साथ कल से शिरडी स्थित साईं बाबा का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य के बाकी मंदिरों में भी एहतियात के साथ पूजा पाठ शुरू हो जाएंगे। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए कुछ गाइडलाइन्स भी जारी किये गए हैं। जिनका पालन करना जरूरी होगा। 

शिरडी साईं मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों को ऑनलाइन बुकिंग करते हुए पहले ही स्लॉट बुक कराना होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर ही श्रद्धालु को अपना कोरोना वायरस का RTPCR नतीजी निगेटिव दिखाना होगा। तभी उन्हें मंदिर के भीतर प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार 10 साल से कम उम्र के बच्चों को दर्शन के लिए प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। मंदिर के भीतर भक्तों को पर्याप्त दैहिक दूरी रखनी होगी। साथ ही मूर्ति को छूने की भी मनाही होगी। 

12 मार्च से ही शिरडी में दर्शन बंद  

कोरोना महामारी के चलते बीते 12 मार्च से शिरडी में साईं मंदिर बंद है। बंदी के कारण मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे में काफी कमी देखी गई। शिरडी साईं बाबा का मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और मान्यता प्राप्त मंदिरों में शुमार है। सामान्य स्थिति में शिरडी साईं मंदिर में भक्तों का रेला देखने को मिलता है। पर्व त्यौहार और खासकर दीपावली के मौके पर दूर दराज के राज्यों से भक्त यहां पहुंचते हैं। रामनवमी, गुरुपुर्णिमा, और दशहरा में भी साईं मंदिर में जमकर चढ़ावा चढ़ाया जाता है। खास दिनों में मंदिर में करीब चार करोड़ रुपए तक के दान दिये जाते हैं। जबकि कोरोना काल में चढ़ावे की रकम घटकर महज 38 लाख 10 हजार 836 रुपये तक आ गई है। हालांकि बंदी के दौर में भक्तों ने करीब 28 लाख 63 हजार रुपए ऑनलाइन दान किया। 

शिरडी साईं मंदिर का महत्व

माना जाता है कि शिरडी का साईं मंदिर प्रसिद्ध संत साईं बाबा की समाधि स्थल है। साईं बाबा ने आखिरी दिनों में यहीं पर समाधि ली थी। उनका निधन 15 अक्टूबर 1918 को मंदिर परिसर (तब मंदिर नहीं था) में ही हुई थी। साईं मंदिर की खासियत ये है कि यहां हिंदू और मुसलमान दोनों धर्मों के लोग आते हैं। साईं बाबा ने अपने जीते जी कभी अपने धर्म के बारे में खुलासा नहीं किया था। शिरडी के प्रसिद्ध साईं मंदिर का निर्माण 1922 में शुरू हुआ था। शिरडी में पहली बार साईं बाबा 16 साल की उम्र में देखे गए थे। इस आध्यात्मिक गुरु के बचपन के बारे में कम ही जानकारी लोगों को पता है। 

सबरीमाला अयप्पा मंदिर के खुले कपाट 

केरल में सबरीमाला भगवान अय्यप्पा मंदिर भी भक्तों के लिए खोल दिये गए हैं। कल से वार्षिक महोत्सव मंडलम-मकरविलक्कू शुरू हो रह है। केरल सरकार की कोशिश है कि कोविड 19 संक्रमित कोई भी शख्स पहाड़ी मंदिर तक न पहुंचे। इसके लिए श्रद्धालु को पहले ही कोरोना निगेटिव टेस्ट का रिपोर्ट दिखाना होगा। केरल सरकार के मंत्री कड़कम्पल्ली सुरेंद्रन के मुताबिक इस बार पूरी यात्रा वर्चुअल क्यू सिस्टम के जरिए संचालित होगी। तीर्थयात्री के पास पिछले 24 घंटे के भीतर कराए गए कोविड-19 टेस्ट का नकारात्मक प्रमाणपत्र होना जरूरी है। भक्तों की सुविधा के लिए कोविड -19 टेस्ट कियोस्क भी खोले जाएंगे। 

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