चंद्रग्रहण 2020 : इस ग्रहण का सूतक तो नहीं लगेगा फिर भी गर्भवती महिलाएं संभलकर रहें, न करें ये काम

pregnant women don't do this mistakes during lunar eclipse - Sakshi Samachar

5 जून, शुक्रवार को उपछाया  चंद्रग्रहण है  

इस ग्रहण का सूतक तो नहीं लगेगा पर ज्योतिषीय असर तो रहेगा 

गर्भवती मह्लाएं भूलकर भी न करें ये काम, संभलकर रहें 

इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन यानी 5 जून, शुक्रवार को उपछाया चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस ग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकेगा। ग्रहण मध्य रात्रि 11 बजकर 16 मिनट से रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा के आकार में भी कोई परिवर्तन नहीं होगा। इस दौरान चंद्रमा ​वृश्चिक राशि में होंगे। 

उपछाया चंद्रग्रहण होने से इसे शास्त्रों में वास्तविक चंद्रगहण से अलग माना गया है। इस ग्रहण का सूतक भी नहीं लगता और पूजा-पाठ भी बंद नहीं होते, न ही मंदिर के कपाट ही बंद होते हैं पर फिर भी ज्योतिषीय असर तो पड़ता है। 

ग्रहण का असर 

हिंदू धर्म के अनुसार हर ग्रहण का व्यक्ति के जीवन और स्वास्थ्य पर अच्छा या बुरा प्रभाव जरूर पड़ता है! खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए यह काफी अहम हो सकता है। इससे बचने के ज्योतिषी कई उपाय भी बताते हैं लेकिन उपछाया चंद्र ग्रहण को शास्त्रों में ग्रहण के रूप में नहीं देखा गया है।


 
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं होगा लेकिन राशियों पर तो इसका असर पड़ता ही है उसी तरह गर्भवती महिलाओं को भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि इसका अशुभ असर उनके होने वाले बच्चे पर हो सकता है।

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है ....

- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय अन्न, जल या फल ग्रहण नहीं करना चाहिए। ग्रहण में भोजन करना और जल पीना वर्जित माना गया है।

- ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को नुकीली वस्तुएं जैसे कैंची, सुई या चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

- चंद्र ग्रहण के समय महिलाओं को भगवान का ध्यान करना चाहिए।

- ग्रहण खत्म होने के बाद ही स्नान करें। ग्रहण काल में स्नान करना वर्जित है।

- आपका चंद्रमा कमजोर है तो आप ग्रहण काल में ओम चंद्राय नम: मंत्र का जाप कर सकती हैं।

- ग्रहण के समय भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें। ग्रहण खत्म होने पर स्वयं स्नान करने के बाद मूर्तियों को भी गंगा जल से स्नान कराने के पश्चात पूजा कर सकती हैं।

- चंद्र ग्रहण खत्म होने पर घर में गंगा जल का छिड़काव करें, जिससे नकारात्मकता दूर हो जाएगी।

- ग्रहण समाप्ति के बाद गर्भवती महिलाओं को तुलसी का पत्ता गंगा जल के साथ ग्रहण करना चाहिए।

- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा को न देखें। गर्भवती महिलाओं के चंद्रमा को देखने से बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

- गर्भावस्था में ग्रहण काल के दौरान कपड़ों की सिलाई भी वर्जित माना गया है।

- चंद्र ग्रहण के समय नकारात्मकता को दूर करने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने पास एक नारियल रखना चाहिए।

माना कि यह ग्रहण उपछाया ग्रहण है पर गर्भवती महिलाओं का सावधान रहना ही बेहतर होगा।

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